January 2016

आजादी के 70 वर्षों बाद भी कुछ अनसुलझे सवाल

कैसा लगता है यह जानकर कि बांग्लादेश तो छोड़िए, पाकिस्तान और इराक भी लिंग-भेद यानी नारी-सशक्तीकरण के स्तर पर हमसे काफी बेहतर हैं?

? अगर हमें बताया जाए कि 70 साल के स्व-शासन के बाद भी अमीर-गरीब के बीच बढ़ती असमानता में हम दुनिया के 188 देशों में 150वें नंबर पर हैं और यह खाई लगातार बढ़ती जा रही है, गलती किसकी है? हम हर पांच साल में सरकार चुनते हैं, लेकिन अपनी समस्याएं नहीं समझ पाते।

अस्थिरता से झूजता मध्य-पूर्व और वैश्विक राजनीति पर इसका प्रभाव

- कच्चे तेल की कीमत में अभूतपूर्व गिरावट से विश्वभर की आर्थिकी में उथल-पुथल हुई है। इसका असर खाड़ी क्षेत्र के तेल-समृद्ध देशों पर ज्यादा देखने को मिल रहा है। 
- तेल के अन्य बड़े निर्यातक देश जैसे कि रूस और वेनेजुएला की आर्थिकी भी इससे प्रभावित हुई है। सऊदी अरब जहां पर भारत से गए लगभग 20 लाख कामगार आजीविका कमाते हैं और जो विश्व का सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है।

जलवायु परिवर्तन सम्मेलन समझौते के कुछ प्रमुख तत्त्व और भारत को उसके निहितार्थ

- पेरिस में दिसंबर के मध्य में जलवायु समझौते के कुछ प्रमुख तत्त्व इस प्रकार हैं:

1. पहली बात, वैश्विक तापवृद्घि को 2 डिग्री सेल्सियस से कम रखना और वह भी इस उम्मीद के साथ कि वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस से कम रखा जा सके।

2.दूसरा, अधिकांश देशों ने उत्सर्जन में कमी की स्वैच्छिक घोषणा की है (दुनिया के 185 देशों में से 158 ने ऐसी घोषणाएं की हैं, इस क्रम में वैश्विक स्तर पर 90 प्र्रतिशत उत्सर्जन का उल्लेख है)। 
3.ये घोषणाएं पहला चरण हैं क्योंकि अधिकांश देशों को वर्ष 2020 में नई घोषणा करनी होगी और हर पांच वर्ष पर उनको उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य बढ़ाना होगा।

बार- बार हारता किसान: कभी मौसम से तो कभी परिस्थितियों से

देश के कुल 641 में से 270 जिलों में औसत से कम बारिश हुई है। मौसम विभाग और केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 18 राज्यों में फैले इन जिलों में औसत से 14 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।

- देश के सबसे घनी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में औसत से 46 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है! हरियाणा और पंजाब में यह क्रमश: 38 व 32 प्रतिशत है।

महंगे इलाज के कारण हर वर्ष गरीब हो रहे 6.30 करोड़

- भारत में महंगा इलाज भी गरीबी का एक कारण है। इलाज पर होने वाले खर्च की वजह से गरीबी की चपेट में आ रहे लोगों की संख्या हर साल तेजी से बढ़ रही है।

- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इलाज पर खर्च की वजह से भारत में प्रतिवर्ष 6.30 करोड़ लोग गरीबी के शिकार हो रहे हैं।

- इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र एक नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति को अमलीजामा पहनाने जा रहा है। सरकार का मकसद राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना है।

नई मंजिल- अल्पसंख्यकों के लिए शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण

=>Scheme उद्देश्य:-
१. इस परियोजना के तहत अल्पसंख्यक युवाओं की शिक्षा और उनके कौशल विकास की दिशा में एक एकीकृत एवं समग्र दृष्टिकोण अपनाया गया हैI

२. बड़ी संख्‍या में अल्पसंख्यक युवाओं द्वारा अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देने और उनके बीच बेरोजगारी की ऊंची दर की समस्‍याओं से निजात पाई जा सके।

=>विशेषताएं :-
- इस परियोजना से मुख्‍यत: वे अल्पसंख्यक बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) युवा लाभान्‍वि‍त होंगे जिनकी आयु 17 साल से लेकर 35 साल तक है।

सुगम्य भारत अभियानः विकलांग व्यक्तियों हेतु सुगम्य वातावरण का सृजन

लक्ष्य और विचारः-
- देश के 26 मिलियन विकलांगों को विकास की आम धारा में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार बेहद महत्वपूर्ण योजना है। 
- सरकार ने विकलांग व्यक्तियों हेतु सार्वभौमिक सुगम्यता प्राप्त करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी फ्लैगशिप अभियान सुगम्य भारत अभियान की शुरूआत की है, जो समावेषी समाज में, विकलांग व्यक्तियों को समान अवसर तथा स्वतंत्र जीवन यापन और जीवन के सभी क्षेत्रों में भागीदारी करने के लिए सक्षम बनाने में मदद करेगा।

बीएस-6 मानक :वाहनों पर 2020 से सीधे बीएस-6 मानक लागू होंगे

वाहन उद्योग की चिंता और बीएस-5 मानकों को दरकिनार कर सरकार ने चौपहिया मोटर वाहनों पर 1 अप्रैल, 2020 से सीधे बीएस-6 मानक लागू करने का निर्णय लिया है।

- पर्यावरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए यह एक साहसिक फैसला है।

- इससे पहले सरकार द्वारा गठित समिति ने 2024 से बीएस-6 मानकों को लागू किए जाने की सिफारिश की थी। 
- वाहन उद्योग भी इससे पहले बीएस-6 मानक लागू किए जाने के खिलाफ था।

नयी वैश्विक चुनौती के रूप में ज़ीक़ा, **भारत में इसके प्रसार की संभावना, WHO और भारत की तैयारियां और जीका के रोकथाम के उपाय

✓✓ घातक इबोला वायरस के प्रभाव से दुनिया अभी उबर ही रही थी कि जीका वायरस के रूप में एक अन्य चुनौती सामने है।.... जीका में बहुत जल्दी सर्वव्यापी महामारी का रूप ग्रहण करने की क्षमता है। 
✓✓ ब्राजील में शुरुआत के छह महीने के भीतर ही यह वायरस 23 देशों में फैल चुका है। आगामी ओलिंपिक खेल ब्राजील की राजधानी रियो डी जनेरियो में होने हैं और उस वक्त इस बीमारी के पूरी दुनिया में फैलने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। ओलिंपिक खेलों के दौरान संपूर्ण विश्व से करीब 5 लाख लोग वहां जाएंगे।

भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष बड़ी चुनौतियां और उपाय

1. हमारी अर्थव्यवस्था के लिए पहली चुनौती यह है कि देश में इस वक्त बजट घाटा सकल घरेलू आय के प्रतिशत के रूप में काफी बढ़ गया है। राजनीति से प्रेरित लोकलुभावन वादों के कारण उस पर अंकुश लगाना कठिन हो रहा है। 
- इस बजट घाटे का असर मुद्रास्फीति पर तो पड़ेगा ही अन्ततोगत्वा बजट को संतुलन करने के लिए जनहित की कई महत्वपूर्ण योजनाएं स्थागित करनी भी पड़ सकती हैं। इससे साधारणजन की क्षमता और आय पर विपरीत प्रभाव पड़ना अवश्यम्भावी है।

*** इसलिए अब यह आवश्यक हो गया है कि सरकार को अनुपयोगी, लोकलुभावन घोषणाओं पर लगाम लगानी चाहिए और बजट को संतुलित करने के लिए ठोस प्रयत्न करने चाहिए।