January 2017

"इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट नियमन के लिए बनाया जायेगी रेगुलेटर अथॉरिटी"

सन्दर्भ :- भारत में एक सक्षम इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली के लिए एक प्राधिकरण स्थापित किए जाने की जरूरत है।

 

- देश में डिजिटल लेनदेन के बढ़ते चलन के साथ सरकार इस क्षेत्र के लिए अलग से नियामक बनायेगी। यह रेगुलेटर इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली को समर्थ बनाने के साथ इसके ट्रांजैक्शन शुल्कों का भी नियमन करेगा।

- डिजिटल पेमेंट पर रतन वातल समिति ने सुझाव दिया है कि सरकार को ऐसे भुगतान के नियमन का बंदोबस्त केंद्रीय बैंक के कामकाज से अलग स्वतंत्र रूप से कराना चाहिए।

 

What is the hurdle for India joining NSG and how India could benefit from Membership of NSG?

GS PAPER II

क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से सम्ब​न्धित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

भारत  के NSG के सदस्य बनने में क्या समस्याएं है और इसका सदस्य बनाने पर भारत को क्या लाभ होंगे ?

Mere demonetisation won’t push India towards cashless economy, the road is still far ahead. Discuss.

GS PAPER III

भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना

“ केवल नोटबंदी  ही भारत को cashless अर्थव्यवस्था की तरफ बढाने में काफी नहीं है बल्कि इसका रास्ता अभी और भी  लंबा है | “चर्चा करे |

Mere demonetisation won’t push India towards cashless economy, the road is still far ahead. Discuss.

Reference: http://gshindi.com/category/hindu-analysis-economics-governance/what-basics-to-be-corrected-to-go-for-cashless

नमामि गंगे कार्यक्रम में सहयोग करेगा कॉर्पोरेट जगत

गंगा नदी को निर्मल और अविरल बनाने की महत्वाकांक्षी योजना ‘‘ नमामि गंगे'' को सफल बनाने के लिए कार्पोरेट जगत ने सहयोग देने की इच्छा जाहिर की है। विभिन्न कंपनियों ने कार्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत इसमें सहयोग देने की बात कही है।

तंगलिया बुनकरों को सरकारी सहयोग

  • भारत सरकार करघों की खरीद के लिए तंगलिया बुनकरों को सहायता प्रदान करेगी।
  • इसके अंतर्गत करघों की कुल कीमत की 90 प्रतिशत राशि सरकार सहायता के रूप में देगी।।                    
  •  तंगलिया बुनकरों का एक विशेष संघ बनाया जाएगा, जो उनके हित के लिए काम करेगा।।                                   
  • फैशन डिजाइनरों से अपील की कि वे अपने वस्त्रों में तंगलिया कला का इस्तेमाल करें।                                    

भारत और पानी की समस्या

यदि पौधों को बेहतर ढंग से पानी दिया नहीं जाता है तो बेहतर बीज एवं उर्वरक भी अपनी पूरी क्षमता दिखाने में असफल होते हैं। जल के असंतुलित उपयोग से इस महत्वपूर्ण संसाधन की बर्बादी नहीं होनी चाहिए अतः इसका समूचित उपयोग कर पर्यावरण को अनुकूल बनाना चाहिए।    

विभिन्न क्षेत्रों में पानी का उपयोग भारत में                    

भारत में कृषि में लगभग 86%, उद्योग के लिए 6% व घरेलू उपयोग के लिए 8% जल का उपयोग किया जाता है।