मेथानॉल को बढ़ावा देने के लिए ‘मेथानॉल इकॉनमी फंड’ बनाएगी सरकार, घटेगा तेल आयात

नीति आयोग ने साल 2030 तक कच्चे तेल के आयात में सालाना 100 अरब डॉलर की कमी का लक्ष्य रखा है। 

सरकार स्वदेशी तौर पर तैयार मेथानॉल को बढ़ावा देने के लिए ‘मेथानॉल इकॉनमी फंड’ पर विचार कर रही है, जो 2030 तक भारत के कच्चे तेल के 10 फीसदी आयात का स्थान ले सकता है, इससे कच्चे तेल के बिल में करीब 30 फीसदी की कटौती होगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

मेथानॉल पालिसी के तहत पेट्रोल में 15 फीसदी मेथानॉल मिलाने की बात रखी गयी है |

भारत में टीकों की निगरानी व्यवस्था पर डब्ल्यूएचओ ने लगाई मुहर

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भारत में टीकों पर निगरानी की व्यवस्था पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी मुहर लगा दी है। डब्ल्यूएचओ की अंतरराष्ट्रीय टीम ने ग्लोबल बेंचमार्किग टूल के आधार पर पांच दिन की समीक्षा के बाद इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक सही पाया है।

जनवरी 2017 में देश के निर्यात में 4 फीसदी वृद्धि

  • देश के निर्यात में लगातार पांचवें महीने वृद्धि हुई है और यह जनवरी 2017 में 22.12 अरब डॉलर का रहा, जो जनवरी 2015 के 21.20 अरब डॉलर से 4.32 प्रतिशत अधिक है।
  • आधिकारिक आंकड़े के अनुसार, समीक्षाधीन महीने में आयात 31.96 अरब डॉलर का रहा, जो पिछले वर्ष की जनवरी के 28.87 अरब डॉलर के आयात से 10.70 प्रतिशत अधिक है।
  • जनवरी में व्यापार घाटा 9.84 अरब डॉलर पर रहा, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान व्यापार घाटा 7.67 अरब डॉलर रहा था। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की ओर से यह

आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक में भारत का 143वां स्थान

आर्थिक स्वतंत्रता के एक वार्षिक सूचकांक में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और यह 143वें स्थान पर रहा है।

पर्यटन क्षेत्र IT सेक्टर को भी पीछे छोड़ सकता है : विशेषज्ञ

  • मौजूदा समय में आईटी क्षेत्र 150 अरब डॉलर का है जो निर्यातोन्मुख है। वहीं पर्यटन उद्योग का आकार 120 अरब डॉलर है और यह साढ़े सात प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
  • भारत में पर्यटन उद्योग सूचना प्रौद्योगिकी :आईटी: क्षेत्र को भी पीछे छोड़ सकता है यदि सही दिशा में कदम उठाए जाएं। मसलन इसे अधिक संगठित बनाया जाए और नकदी रहित लेनदेन को बढ़ावा दिया जाए।
  • Challenge to Indian IT: आईटी सेवाएं वैश्विक स्तर पर काफी प्रतिस्पर्धी हो गई हैं और हम अब क्लाउड और मोबाइल की ओर बढ़ रहे हैं जहां हमारे पास योग्यता नहीं है। हमारे पास उद्यम है, हमारा मानना है कि भारतीय

जापान ने लौह-इस्पात आयात शुल्क पर WTO में उठाया भारत के खिलाफ मुद्दा

why Japan protesting

 भारत ने कुछ लौह एवं इस्पात उत्पादों के आयात पर न्यूनतम आयात शुल्क (MIP) लगाया है।
जापान, भारत के इसी कदम का विरोध कर रहा है।

पृष्ठभूमि

इस साल फरवरी में भारत ने 173 उत्पादों पर छह महीने के लिए न्यूनतम आयात शुल्क लगाया था। बाद में इसे दो बार दो महीने का विस्तार दिया गया। इससे पहले इसी महीने सरकार ने 19 उत्पादों पर न्यूनतम आयात शुल्क की अवधि बढ़ाकर 4 फरवरी, 2017 कर दी।

Why MIP by INDIA

सागरमाला परियोजना के अंतर्गत तटीय समुदाय का समावेशी विकास होगा

क्या है सागरमाला परियोजना :-             ]

  • सागरमाला के अंतर्गत बंदरगाहों का आधुनिकीकरण, बंदरगाह आधारित औद्योगिकीरण और बंदरगाह कनेक्टिविटी में वृद्धि, तटीय क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए प्रमुख कार्य होंगे। 

तटीय आबादी के समावेशी विकास हेतु प्रावधान:---

अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सुगमता में भारत 102 वें स्थान पर

  • WEF और ग्लोबल एलायंस फॉर ट्रेड फैसिलिटेशन की ग्लोबल इनेब्लिंग ट्रेड रिपोर्ट 2016

में व्यापार में सुगमता पर वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की सूची में भारत ने चार पायदान के सुधार के साथ 102वां स्थान हासिल किया है|

  • ब्रिक्स देशों में ब्राजील की रैंकिंग 97 से घटकर 110 पर रह गई जबकि रूस का स्थान 105 से घटकर 111 रह गया
  • 136 देशों की इस सूची में सिंगापुर में शीर्ष पर है।

What was taken into consideration

रुपये की गिरावट का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर

डॉलर में मजबूती के चलते रुपया लगातार गिर रहा है और संभावना जताई जा रही है कि रुपया अभी और कमजोर हो सकता है. आर्थिक जानकारों के मुताबिक माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह 70 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच सकता है. जानें रुपये की गिरावट के कौन-कौन से निगेटिव असर आपको देखने को मिल सकते हैं-

1.रुपये की गिरावट से महंगाई बढ़ने का डरः रुपये की गिरावट से import महंगे होंगे जिससे वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे. इसका सीधा असर महंगाई बढ़ने के रूप में देखा जाएगा.

GST कौंसिल की पहली बैठक संपन्न; विभिन्न बिंदुओं पर बनी सहमति

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की बैठक में शुक्रवार को यह अहम फैसला हुआ। इस निर्णय से करीब 60 प्रतिशत व्यापारी व सेवाप्रदाता जीएसटी के दायरे बाहर हो जाएंगे। इससे छोटे कारोबारियों को जीएसटी जमा करने व रिटर्न भरने का झंझट नहीं रहेगा।