किसान की समृद्धि की राह

# Editorial_Tribune

सरकार पिछले दो वर्षों से किसान की आय को दोगुणा करने के वादे कर रही है। परन्तु किसान की हालत में तनिक भी सुधार नहीं दिखता है। सरकार का फार्मूला है कि किसान को सड़क एवं पानी उपलब्ध कराया जाए जिससे उत्पादन में वृद्धि हो। साथ-साथ फसल बीमा तथा सस्ता ऋण उपलब्ध कराकर किसान की उत्पादन लागत को कम किया जाए जिससे उसकी आय में वृद्धि हो। 

Not just input but output prices also matter

सेहत पर भारी अवसाद का शिकंजा

Reference: http://www.thehindu.com/opinion/op-ed/basic-income-and-mental-health-gains/article17356686.ece

आज विश्व में अवसाद एक बहुत बड़ी समस्या का रूप लेता जा रहा है। अवसाद के चलते जिस तेजी से मनोरोगियों की तादाद में बढ़ोतरी हो रही है, उसे देखते हुए इस सदी को मनोरोगियों की सदी कहा जाने लगा है।

मजदूर संगठन और असंगठित क्षेत्र

#Business_Standard Editorial

Trade Unions in India

इस समय देश में करीब 20,000 मजदूर संगठन ट्रेड यूनियन ऐक्ट ऑफ 1926 के अधीन पंजीकृत हैं। हालांकि इस सूची को अद्यतन किए जाने की आवश्यकता है। देश के तमाम हिस्सों में बिखरे पड़े ये छोटे मजदूर संगठन देश के पांच प्रमुख केंद्रीय मजदूर संगठनों से जुड़े हुए हैं। 

सड़क दुर्घटनाएं और भारत ; कारण और निदान

दुनिया में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं भारत में होती हैं। सड़क हादसों में जान गंवाने और घायल होने वालों का आंकड़ा भी सबसे ज्यादा भारत में ही है। संसद में पेश परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी स्थायी संसदीय समिति के तमाम सुझावों का लब्बोलुआब यह है कि इस समस्या से कड़ाई से निपटा जाना चाहिए। इस मामले में भारत की हालत क्या है इसका अंदाजा रिपोर्ट में उल्लिखित एक तथ्य से लगाया जा सकता है।