नुकसानदायक है सेहत के आंकड़े सुधारने की संकीर्ण सोच

#Editorial of Hindustan Times

NARROW VIEW of Health

किसी देश में लोगों की सेहत का क्या हाल है, इसे आंकने और मापने के हमने तीन-चार पैमाने बना लिए हैं। इन्हीं पैमानों को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। इनमें सबसे अधिक महवपूर्ण हैं-

20 करोड़ कुपोषितों की तादाद वाले भारत में हर साल 93 हजार करोड़ रु का खाना बर्बाद हो जाता है

द इकनॉमिक टाइम्स का संपादकीय

सन्दर्भ :- फल, सब्जी और अनाज की बर्बादी कम से कम हो इसके लिए कुछ उपायों पर तेजी से अमल हमारी प्राथमिकता में होना चाहिए.

राजनीति में धर्म के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी कुछ सवाल बचते हैं

            द इकनॉमिक टाइम्स की संपादकीय 

- आदर्श रूप में देखा जाए तो राजनेताओं को धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांगने चाहिए. लेकिन सर्वोच्च न्यायालय का आदेश इस आदर्श से आगे जाता है. इसमें अदालत ने कहा है कि धर्म जाति या समुदाय के आधार पर वोट देने की कोई भी अपील चुनाव को भ्रष्ट करने जैसी है.

मुश्किल में मणिपुर : नाकेबंदी से बदहाल जिंदगी

- मणिपुर दोहरी मार झेल रहा है, नाकेबंदी और नोटबंदी।

- सरकारों की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा देखिये कि इस संवदेनशील राज्य में नाकेबंदी को दो माह होने को हैं। मगर न तो राज्य सरकार और न ही केंद्र सरकार इस विकट स्थिति का समाधान तलाशती नजर आ रही है।

आदेशों की अवमानना से परेशान न्यायपालिका

#Business Standard Editorial 

  • न्यायपालिका राज्य का वह अंग है जिसके पास अपने आदेशों के अनुपालन के लिए कोई एजेंसी नहीं होती है।
  •  उसे अपने आदेशों को लागू कराने के लिए कार्यपालिका या विधायिका की मदद लेनी पड़ती है।

इतिहास के पन्नो से

भगदड़ में होती मौते उजागर करती शासन की कमजोरी

खबरों में :

केरल के सबरीमाला मंदिर में हुई भगदड़ में करीब चालीस लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है।

बार बार होती यह घटनाए :

झूठी खबरों के बारे में सचेत रहने की जरुरत

Why in news :

हाल में फेसबुक ने फर्जी खबरों के साथ निपटने के तरीकों की घोषणा की। इनमें विवादास्पद करार दी जाने वाली पोस्ट भी शामिल होंगी और उनकी पुष्टि के लिए तीसरे पक्ष को तथ्य जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।  फेसबुक इस दिशा में भी प्रयास कर रहा है कि फर्जी जानकारियां देने वाली वेबसाइट उसके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर विज्ञापनों के जरिये कमाई न कर सकें

what is  concern of fake news :