अब तक की सबसे पुरानी सभ्यता : कुनाल (हरियाणा) में खुदाई के दौरान 6000 वर्ष पूर्व के मिले अवशेष

 पुरातत्व विभाग द्वारा गांव कुनाल (फतेहपुर हरियाणा) में शुरू की गई खुदाई के कार्य में प्री-हड़प्पाकालीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं, जो 6000 साल पूर्व के हैं। यह सभ्यता अब तक की सबसे पुरानी सभ्यता हो सकती है।

हड़प्पाकालीन सभ्यता करीब 3500 साल पुरानी है, जबकि प्री-हड़प्पाकालीन सभ्यता तो 5 से 6 हजार वर्ष पुरानी है। खुदाई के दौरान टीम को आभूषण, मणके, हड्डियों के मोती मिले हैं। ये वस्तुएं बेशकीमती हैं और पुरातत्व विभाग इन्हें अपने संग्रहालय में सहज कर रखेगा।

जल्लीकट्टू के बचाव में कंहा तक उचित है देसी नस्लों के संरक्षण की दलील

#Business_Standard_Editorials

चेन्नई के मरीना बीच पर बैलों से जुड़े पारंपरिक खेल जल्लीकट्टू पर लगे प्रतिबंध को हटाने को लेकर विरोध प्रदर्शन चला। अब यह शांत हो चुका है|

क्या प्रतीकात्मक रीतियों के साथ हमें बने रहना चाहिए

जानें क्या है जलीकट्टू और इससे जुड़ी हुई व्यवस्थाएं? और क्या है इससे जुड़ा हुआ विवाद

★तमिलनाडु में पोंगल त्योहार के  दौरान खेला जाना वाला लोकप्रिय खेल जलीकट्टू पर प्रतिबंध हटाने को लेकर राज्य में बवाल मचा हुआ है। राज्य में कई जगहों पर इसको लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
★ तमिलनाडु सरकार ने केंद्र सरकार से अध्यादेश लाने की मांग की है। अध्यादेश के जरिए कानून बनाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटा जा सकता है।

=>जलीकट्टू पर प्रतिबंध कब और क्यों ?

सभ्यता एवं संस्कृति में अन्तर

- प्राय: सभ्यता और संस्कृति को समानार्थी समझ लिया जाता है, जबकि ये दोनों अवधारणाएँ अलग-अलग हैं। तथापि विभेद ठीक वैसा ही है, जैसे हम एक फूल को सभ्यता और उसकी सुगन्ध को संस्कृति कहें। 
- सभ्यता से किसी संस्कृति की बाहरी चरम अवस्था का बोध होता है। संस्कृति विस्तार है तो सभ्यता कठोर स्थिरता। सभ्यता में भौतिक पक्ष प्रधान है, जबकि संस्कृति में वैचारिक पक्ष प्रबल होता है। यदि सभ्यता शरीर है तो संस्कृति उसकी आत्मा।

=>सभ्यता और संस्कृति में अंतर
☆ सभ्यता और संस्कृति में निम्नलिखित अन्तर पाये जाते हैं-

15 अगस्त को ही आजाद हुए पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त कैसे हो गया?


प्रश्न :- इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट के मुताबिक भारत और पाकिस्तान एक ही दिन आजाद हुए थे. तो फिर पाकिस्तान अपनी आजादी का जश्न 14 अगस्त को कैसे मनाने लगा?

भारत की 3 नए स्थल यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल

यूनेस्को  (UNESCO )ने इस साल भारत से जुड़े तीनों नामांकनों को अपने विश्व विरासत स्थलों मंजूरी दे दी | ये है 

नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर विश्व धरोहर, यूनेस्को ने दी नई पहचान

 यूनेस्को ने प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल कर लिया। 15 जुलाई को करीब दो बजे यूनेस्को ने अपनी वेबसाइट पर जब इसे शामिल किया तो विश्व के प्रथम विश्वविद्यालय नालंदा की खोई प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई मिली।

★यूनेस्को नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल ऑर्गनाइजेशन (यूनेस्को) ने महाबोधि मंदिर के बाद बिहार के दूसरे स्थल नालंदा के खंडहर को विश्व धरोहर में शामिल किया है। 
★★विश्व धरोहर में शामिल होने वाला यह भारत का 33 वां धरोहर है।

पर्यटन के लिए रामायण और कृष्ण सर्किट बनेंगे

केंद्र सरकार पर्यटन के लिहाज से भगवान राम से संबद्ध छह राज्यों में 11 तीर्थस्थलों का एक रामायण सर्किट विकसित करने जा रही है। इस प्रस्तावित सर्किट के चार जिले उत्तर प्रदेश में हैं।

केंद्र ने एक कृष्ण सर्किट बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। यहां पर पांच राज्यों में भगवान कृष्ण से जुड़े 12 जिलों को विकसित किया जाएगा।

पर्यटन मंत्री महेश शर्मा की अध्यक्षता में रामायण और कृष्ण सर्किट की राष्ट्रीय समिति की पहली बैठक में यह दो प्रस्ताव रखे गए। थीम आधारित सर्किट से जुड़ी परियोजनाओं के लिए उत्तर प्रदेश को 300 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। सरकार ने पहले ही इस पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है।