अमेरिका ने भारत को दिया प्रमुख रक्षा भागीदार का दर्जा; एक्सपोर्ट कानून में किया बदलाव

  • अमेरिका ने भारत के प्रमुख रक्षा भागीदार के दर्जे को मान्यता देते हुये अपने निर्यात नियंत्रण कानून में जरूरी बदलाव किये हैं।
  • इसके साथ अमेरिका से उसके वाणिज्य मंत्रालय के नियंत्रण वाले सैन्य सामानों का आयात करने वाली कंपनियों को एक तरह से मंजूरी दे दी गई है। इनमें व्यापक जनसंहार वाले हथियार शामिल नहीं हैं।

**क्या होंगे इससे भारत को लाभ

हिंद महासागर में चीनी पनडुब्बियों पर नजर रखने में अमेरिका करेगा भारत की मदद

- हिंद महासागर में चीन की पनडुब्बियों को खोजने में अमेरिका भारत की मदद करेगा। इसको लेकर दोनों देश एक साथ काम करेंगे।

- यह पहला मौका है जब दोनों देश इस काम को एक साथ अंजाम देंगे। पनडुब्बियों को खोजने में भारत की क्षमता बढ़ाने के मकसद से वाशिंगटन ने बाेईंग P-8I सौदे को मंजूरी दे दी है। यह एक मल्‍टी मिशन मेेरिटाइम एयरक्राफ्ट है।

- इस लिहाज से इसका इस्‍तेमाल कई जगहों पर किया जा सकता है। इस विमान में लगी अत्‍याधुनिक तकनीक के बल पर ही इस विमान को सबमैरीन हंटर भी कहा जाता है।

=>समुद्री सुरक्षा मजबूत करना है मकसद

"पासपोर्ट इंडेक्स" :जर्मनी का पासपोर्ट है दुनिया में सबसे प्रभावशाली, भारत 78वें नंबर पर

- भारतीय पासपोर्ट को दुनिया के सबसे प्रभावशाली पासपोर्ट की रैंकिंग में निचले पायदान पर रखा गया है। उसे 78वां स्थान दिया गया है।

- 196 देशों की इस सूची में जर्मनी को शीर्ष जबकि अफगानिस्तान को अंतिम स्थान मिला है।

- "पासपोर्ट इंडेक्स" में जर्मनी 157 वीजा-फ्री स्कोर के साथ शीर्ष पर है। दूसरे स्थान पर सिंगापुर और स्वीडन हैं। इन दोनों देशों का स्कोर 156 है। तीसरे स्थान पर डेनमार्क, फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका समेत आठ देश हैं। इन सभी का स्कोर 155 है। भारत 48 वीजा-फ्री स्कोर के साथ 78वें स्थान पर है।

दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन : "वियतनाम को आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल देगा भारत

  • दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन और चीन एवं पाकिस्तान के गठजोड़ की बात भारत कई वैश्विक पटल पर कहता रहा है. पिछले कुछ समय से चीन की पाकिस्तान की लगातार गैरजरूरी तरफदारी ने भारत के लिए चिंता पैदा कर दी है.

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने पर अमेरिका के भारत सहित अन्य देशों के साथ सम्बन्ध और असर

डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने की संभावना को कुछ समय पहले प्रतिष्ठित पत्रिका द इकॉनॉमिस्ट ने 10 वैश्विक ‘खतरों’ में शामिल किया था. इसे चीन की मंदी और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट जैसे खतरों के बीच स्थान मिला था. सूची में आतंकवाद के खतरे के तुरंत बाद ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने की संभावना थी. अब जब अमेरिका ने उन्हें अपना राष्ट्रपति चुन लिया है तो स्वाभाविक ही सवाल उठता है कि दुनिया पर इसका क्या असर होने वाला है.

क्यों जरुरी है BRICS के लिए common agendas

ब्रिक्स का संघर्ष :

कागज पर पांच देशों का समूह ब्रिक्स एक मजबूत संगठन नजर आता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि ब्रिक्स अपने सदस्य देशों के बीच एक साझा पहचान और संस्थागत सहयोग कायम करने के लिए संघर्ष कर रहा है।

Historical background :

ब्रिक्स 2001 में गोल्डमैन सैक्स के एक अर्थशास्त्री की ब्रिक अवधारणा का ही विस्तार है| शीतयुद्ध के बाद पहले महत्वपूर्ण गैरपश्चिमी ग्लोबल पहल के रूप में ब्रिक्स का उदय हुआ है।

Brics and global power

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा; NSG की सदस्यता पर भारत को न्यूजीलैंड का मिला साथ

भारत और न्यूजीलैंड ने कारोबार, रक्षा और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपने संबंधों को मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके समकक्ष जान की के बीच बातचीत के दौरान न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि उनका देश NSG की सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी के संदर्भ में जारी प्रक्रिया में ‘रचनात्मक’ योगदान देगा।

अंतरिक्ष बाज़ार में बढ़ता भारत का दमखम (Most IMP)

  • अंतरिक्ष बाजार में भारत के लिए संभावनाएं बढ़ रही हैं। इसने अमेरिका सहित कई बड़े देशों का एकाधिकार तोड़ा है। असल में, इन देशों को हमेशा यह लगता रहा है कि भारत यदि अंतरिक्ष के क्षेत्र में इसी तरह से सफ़लता हासिल करता रहा तो उनका न सिर्फ उपग्रह प्रक्षेपण के क़ारोबार से एकाधिकार छिन जाएगा बल्कि मिसाइलों की दुनिया में भी भारत इतनी मजबूत स्थिति में पहुंच सकता है कि बड़ी ताकतों को चुनौती देने लगे।
  • पूरी दुनिया में सैटेलाइट के माध्यम से टेलीविजन प्रसारण, मौसम की भविष्यवाणी और दूरसंचार का क्षेत्र बहुत तेजी से बढ़ रहा है और चूंकि ये सभी सुविधाएं उपग्रहों के माध्यम से संचालि