बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत यात्रा इतनी अहम क्यों?

- बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना सात साल बाद भारत आ रही हैं। जानते हैं उनकी भारत यात्रा के पीछे क्या बड़े मायने हैं।

  • दोनों देशों के बीच अच्छी बात यह है कि साल 2015 में दोनों देशों की सीमा के बीच ऐतिहासिक भूमि सीमा समझौते हुआ, जिसमें औपचारिक रूप से दोनों देशों की सीमा में तितर-बितर 162 बस्तियों की अदला-बदली की।
  • भारत की सबसे लंबी स्थलीय सीमा बांग्लादेश से ही लगती है.
  • पूर्वोत्तर के विकास के लिए अति महत्वपूर्ण है.
  • बांग्लादेश ने भारतीय जहाजों को चिटिगांव पोर्ट में लंगर लगाने की इजाजत दी है। 40 सालों में यह पहला मौका था।
  • भारतीय कंपनियां पायरा पोर्ट को विकसित कर रही हैं।
  • वित्त वर्ष 2012-13 में दो-तरफा व्यापार 5.34 अरब डॉलर था। इसमें भारत का निर्यात 4.7 अरब डॉलर और बांग्लादेश से आयात 654 मिलियन डॉलर था।
  • इसके साथ ही भारत हर साल बांग्लादेश में 600 मेगावॉट बिजली का निर्यात करता है।

- मगर, अभी भी दोनों देशों के बीच कई मुद्दों का समाधान निकलना जाना बाकी है जैसे -

  •  बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को सताया जा रहा है, जो भारत के लिए समस्या है।
  • भारत द्वारा साझा की जा रही 4,096 किमी लंबी सीमा के किनारे बाड़ लगाना दोनों देशों के बीच एक झगड़े की जड़ है क्योंकि बांग्लादेश का आरोप है कि भारत 1975 में समझौते को तोड़ चुका है।
  • हाल के महीनों में बांग्लादेश ने आरोप लगाया है कि हूजी और जेएमबी के आतंकियों ने पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में सुरक्षित पनाह हासिल की है।

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