राजनीतिक चंदा सुधार

खबरों में

पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए प्रधानमन्त्री ने राजनीतिक चंदे को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया और कहा कि उनकी पार्टी अपने कोष का खुलासा करने में सक्रियता दिखाएगी

International experience on funding to parties

इंडियन ज्यूडिशियरी एनुअल रिपोर्ट 2015-16: जिला अदालतों में लंबित हैं 2.81 करोड़ मुकदमे

- देशभर की अदालतों में लंबित मुकदमों की भयावह तस्वीर सामने आई है। नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न जिला अदालतों में तकरीबन 2.81 करोड़ मुकदमे लंबित हैं। वहीं इन अदालतों में करीब 5,000 जजों की कमी है।

- सुप्रीम कोर्ट ने "इंडियन ज्यूडिशियरी एनुअल रिपोर्ट 2015-16" और "सब-ऑर्डिनेट कोर्ट्स ऑफ इंडिया : ए रिपोर्ट ऑन एक्सेस टू जस्टिस 2016" शीर्षक से दो रिपोर्ट जारी की हैं। इन रिपोर्टों में वर्तमान स्थिति से पार पाने के लिए अगले तीन साल में करीब 15,000 और जजों की नियुक्ति की जरूरत जताई गई है।

रियल एस्टेट पर केंद्र का कानून नहीं बदल पाएंगे राज्य

- रियल एस्टेट पर केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून में राज्य सरकारों के पास संशोधन का कोई अधिकार नहीं होगा। केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित क्षेत्रों को इस सिलसिले में निर्देश दे दिया है।

- इस कानून के लागू हो जाने के बाद पांच सौ मीटर आकार के भूखंडों के उपयोग में बदलाव करना संभव नहीं होगा। रियल एस्टेट कानून-2016 इस साल साल के मई में लागू हो जाएगा।

105 अप्रचलित कानूनों को रद करेगी सरकार

- पुराने और अप्रचलित कानूनों को निष्प्रभावी करने के प्रयास में जुटे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ऐसे 105 कानूनों को निरस्त करने की मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में निरस्तीकरण एवं संशोधन विधेयक 2017 पेश करने की मंजूरी दी।

- मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि मई 2014 से अगस्त 2016 के बीच 1,175 कानून निरस्त किए जा चुके हैं।

देशभर की जिला अदालतों में लंबित हैं 2.81 करोड़ मुकदमे

क्यों खबरों में

सुप्रीम कोर्ट ने ‘इंडियन ज्यूडिशियरी एनुअल रिपोर्ट 2015-16’ और ‘सब-ऑर्डिनेट कोर्ट्स ऑफ इंडिया : ए रिपोर्ट ऑन एक्सेस टू जस्टिस 2016’ शीर्षक से दो रिपोर्ट जारी की हैं। इसमें अदालतों में लंबित मुकदमों की भयावह तस्वीर सामने आई है।

देश में नए सिरे से गरीबी रेखा खींचेगी

Why in news:

 नीति आयोग ने तय किया है कि देश में नए सिर से गरीबी रेखा बनाई जाए। इससे गरीबी दूर करने के लिए सरकार की तरफ से उठाए जाने वाले कदमों की कामयाबी और उसकी पहुंच पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

Why this move:

दरअसल, देश में गरीबी रेखा के लिए बनाया गया टास्क फोर्स सालभर तक चली बहस के बाद भी किसी व्यावहारिक और स्वीकार्य उपाय पर एकमत नहीं हो पाया।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का एक आंकलन

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना यानी पीएमएफबीवाई ने असर दिखाना शुरू कर दिया है।
  • सरकार की इस योजना से खरीफ 2016 में फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या 20 प्रतिशत बढ़ी है।
  • यही नहीं, समय पूरा होने से पहले ही बड़ी संख्या में किसानों को बीमा की राशि तात्कालिक राहत के तौर पर मिलने लगी है।
  • उत्तर प्रदेश है में खरीफ मौसम में बाढ़ या अत्यधिक वर्षा होने के चलते फसल नुकसान होने पर 71,679 किसानों को बीमा दावा की राशि मिली है। खास बा

क्या चुनाव सुधार आवश्यक चुनाव में पारदर्शिता लाने के लिए

Ø  उम्मीदवारों की तरह सियासी दलों के लिए भी खर्च की सीमा तय की जाए।

Ø   सियासी दलों को (चुनावों को नहीं) राज्य द्वारा फंड दिए जाने पर विचार हो और निजी चंदे पर पूरी तरह रोक लगे।

Ø  एक स्वतंत्र राष्ट्रीय चुनाव कोष का गठन हो, जहां सभी कर-मुक्त चंदे जमा किए जाएं और जिसका संचालन चुनाव आयोग या कोई अन्य स्वतंत्र निकाय करे।

Ø  एक स्वतंत्र ऑडिटर सभी दलों का सालाना ऑडिट करे और उसकी रिपोर्ट वेबसाइट पर डाली जाए, ताकि आम लोग भी देख सकें।

मार्च तक सभी एनजीओ का करें ऑडिट : सुप्रीम कोर्ट

किस लिए यह मत

देशभर के करीब तीस लाख गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के हिसाब-किताब का लेखा-जोखा न होने और एनजीओ को नियमित करने का कोई तंत्र न होने पर

और क्या कहा न्यायालय ने

Ø  कोर्ट ने 31 मार्च तक सभी एनजीओ का ऑडिट कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

Ø   कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वह एनजीओ को नियमित करने, उन्हें मान्यता देने और उनकी फंडिंग के बारे में दिशानिर्देश तय करे।