Make in India’ की जगह अब ‘Buy in India’ को तेजी से बढ़ावा देने पर सरकार का जोर

सरकार ‘मेक इन इंडिया’ की जगह अब ‘बाय इन इंडिया’ को तेजी से बढ़ावा देते हुए दिख रही है. 

Ø  सरकार द्वारा घरेलू खरीद नीति को प्राथमिकता देने के लिए एक व्यापक नीति पर काम किया जा रहा है.

Ø  प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने हाल ही में प्रस्तावित नीति की रूपरेखा पर बैठक की थी. माना जा रहा है कि सरकार इस नीति को जल्द ही ला सकती है.

स्वच्छ भारत अभियान के तहत निर्मित 60 फीसदी शौचालयों पानी की पर्याप्त आपूर्ति के बिना बेकार

Ø  स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाये गये 60 फीसदी शौचालय पानी की पर्याप्त आपूर्ति न होने की वजह से इस्तेमाल के लायक नहीं हैं

Ø   साथ ही गांवों में अभी भी 55.4 फीसदी लोग खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं

Ø   शहरों में ऐसे लोगों की संख्या 7.5 फीसदी है.  ये बातें नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) द्वारा किए गए सर्वे में सामने आई हैं.

Ø  इस सर्वे के नतीजे अक्टूबर, 2019 तक देश को खुले में शौच करने से मुक्त करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर सवालिया निशान लगाते हैं.

अदालतों पर भी दबाव

मंत्रियों और अफसरों के दबाव में काम करने की खबरें तो देश में आम खबरों की तरह सुनाई पड़ती रहती हैं। लेकिन अब जजों पर दबाव बनाने की खबरें भी आम होने लगी हैं। दबाव भी छोटी अदालतों के जजों पर नहीं बल्कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों पर भी दबाव डाले जाने की बात सामने आ रही हैं। 

Context (सन्दर्भ )

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एक जज ने मुरथल गैंगरेप मामले में उन पर दबाव डाले जाने की बात कही है। मामला अति गंभीर है क्योंकि गैंगरेप से जुड़ा है। हरियाणा सरकार ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन  दिया है पर बात सिर्फ कार्रवाई की नहीं है। 

स्वच्छ सर्वेक्षण- 2017 : इंदौर और भोपाल सबसे साफ

Ø  पूरे देश में मध्य प्रदेश के इंदौर ने सबसे स्वच्छ शहर होने का दर्जा हासिल किया है. इसके बाद भोपाल सबसे साफ-सुथरे शहरों में दूसरे पायदान पर है

Ø  शहरी विकास मंत्रालय के द्वारा किए गए स्वच्छ सर्वेक्षण- 2017 में यह बात सामने आई है. यह सर्वे देश के 434 शहरों में करवाया गया था जिसमें, करीब 18 लाख लोगों ने हिस्सा लिया था| इन शहरों में कुल शहरी आबादी का 60 फीसदी हिस्सा रहता है. 

Detail

एक बीमित- दो डिस्‍पेंसरी’ और ‘आधार पर आधारित ऑनलाइन दावा प्रस्‍तुतिकरण’ योजनाएं

Ø  एक बीमित- दो डिस्‍पेंसरी’ योजना के तहत ईएसआईसी ने बीमित व्‍यक्‍ति (आईपी) को नियोक्‍ता के जरिए दो डिस्‍पेंसरी का चयन करने का विकल्‍प दिया है, जिनमें से एक डिस्‍पेंसरी का चयन खुद के लिए और दूसरी डिस्‍पेंसरी का चयन अपने परिवार के लिए करना होगा।

Ø  इससे सभी बीमित व्‍यक्‍ति विशेषकर ऐसे प्रवासी कामगार लाभान्‍वित होंगे, जो अपने गृह राज्‍य को छोड़ कहीं और कार्यरत हैं, जबकि उनके परिवार अपने मूल राज्‍य में ही जीवन यापन कर रहे हैं।

जेनेरिक दवा योजना में दिखती हैं कुछ कमियां

In news:

प्रधानमंत्री ने गुजरात के सूरत में कहा था कि सरकार ऐसे नियम बनाएगी, जिनसे डॉक्टर पर्ची पर केवल जेनेरिक दवाएं ही लिख सकेंगे। इस समय वे परामर्श पर्ची पर दवा के ब्रांड का नाम लिखते हैं, लेकिन भविष्य में वे केवल सॉल्ट का नाम लिखेंगे। इसमें मरीज दवा की दुकान पर जाकर अपनी पसंद का ब्रांड चुन सकता है। इसके पीछे मकसद आम आदमी के लिए दवाओं की सस्ती उपलब्धता तथा दवा कंपनियों और डॉक्टरों के गठजोड़ को खत्म करना है। 

उड़ान की उड़ान

#Jansatta Editoria

खबरों में :

प्रधानमंत्री ने गुरुवार को ‘उड़ान’ योजना के तहत शिमला से दिल्ली की पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाई। इसी दिन उन्होंने नांदेड़-हैदराबाद और कडप्पा-हैदराबाद के बीच भी ऐसी ही सेवा का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया। 

क्या है योजना :

Ø  यूडीएएन (उड़ान) यानी ‘उड़े देश का आम नागरिक’ का मकसद साफ है, देश में हवाई यात्रा को किफायती बनाना तथा हवाई यात्रा-सुविधा का विस्तार करना।