The Hindu सम्पादकीय : नया पिछड़ा आयोग का गठन

- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की जगह नये आयोग के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए राष्ट्रीय आयोग (नेशनल कमीशन फॉर सोशियली एंड एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेज) गठित होगा। इस नये आयोग को संवैधानिक दर्जा भी दिया जाएगा।

बनेगा नया पिछड़ा आयोग, संसद के पास होगा आरक्षण देने का अधिकार

  • केंद्र सरकार ने पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण की बढ़ती मांग को देखते हुए नया आयोग बनाने का फैसला किया है। नया आयोग वर्तमान में मौजूद राष्‍ट्रीय पिछड़ा आयोग की जगह लेगा। इसे संवैधानिक दर्जा भी दिया जाएगा वर्तमान में मौजूद ओबीसी आयोग का संवैधानिक दर्जा नहीं है।
  • नए आयोग का नाम नेशनल कमीशन फॉर सोशल एंड एजुकेशनली बैकवर्ड क्‍लासेज (एनएसईबीसी) रखा जाएगा। इस आयोग की सिफारिश के बाद संसद पिछड़ा वर्ग में नई जातियों के नाम जोड़े जाने या हटाए जाने पर फैसला करेगी। इस आयोग के गठन के लिए संविधान संशोधन प्रस्‍ताव पेश किया जाएगा।

स्वच्छ भारत अभियान

¨सामाजिक प्रभाव और समझाना बुझाना स्वच्छ भारत अभियान को सफलता के लिए किस प्रकार योगदान कर सकते हैं | UPSC 2016

Watch Video@

https://www.youtube.com/watch?v=_Lt4esttStU&list=PLWEqwXhNlrmGdmMkHxaUlY1kFbQQd4hpz&index=11 

राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य नीति, 2017

In news

मंत्रिमंडल ने राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य नीति 2017 को अनुमोदित कर दिया है। यह देश के स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र के इतिहास में बहुत बड़ी उपलब्‍धि है। पिछली राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य नीति 2002 में बनाई गई थी। इस प्रकार, यह नीति बदलते सामाजिक-आर्थिक, प्रौद्योगिकीय और महामारी-विज्ञान परिदृश्‍य में मौजूदा और उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए 15 साल के अंतराल के बाद अस्‍तित्‍व में आई है।

'नेशनल हेल्थ पॉलिसी' : सबका होगा फ्री इलाज, स्वास्थ्य नीति को कैबिनेट की मंजूरी"

केंद्र सरकार ने  राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति को मंजूरी दे दी है. इस नीति के जरिए देश में ‘सभी को निश्चित स्वास्थ्य सेवाएं' मुहैया कराने का प्रस्ताव है स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि एक बड़े नीतिगत बदलाव के तहत यह नीति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्तर के दायरे में आने वाले सेक्टरों के फलक को बढ़ाती है और एक विस्तृत रुख का रास्ता तैयार करती है. ‘उदाहरण के तौर पर - अब तक पीएचसी सिर्फ टीकाकरण, प्रसूति-पूर्व जांच एवं अन्य के लिए होते थे.

मातृत्व लाभ संशोधन विधेयक 2016

  • केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री ने सदन में मातृत्व लाभ संशोधन विधेयक, 2016 पेश किया जिसे सदन ने बहुमत से पारित कर दिया
  • 1961 के मूल कानून की जगह संशोधित विधेयक में संगठित क्षेत्र की महिला कामगारों के लिए मातृत्व अवकाश की अवधि बढ़ाने के साथ-साथ कई नए प्रावधान शामिल किए गए हैं.
  • इसके तहत बच्चे को कानूनन गोद लेने वाली महिलाओं के साथ-साथ सरोगेसी यानी उधार की कोख के जरिये संतान सुख पाने वाली महिलाओं को भी कानून के दायरे में लाया गया है

शत्रु संपत्ति (संशोधन) विधेयक को संसद की मंजूरी

In news:

संसद ने विवादास्पद शत्रु संपत्ति (संशोधन और विधिमान्यकरण) विधेयक, 2017 को अपनी मंजूरी दे दी है. विधेयक में संशोधन के राज्यसभा के प्रस्तावों को लोकसभा ने मंगलवार को ध्वनिमत से मंजूर कर लिया. राज्यसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है

In detail

परियोजनाओं को मंजूरी देने के दौरान इसके पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों की अनदेखी: CAG

Ø  नियंत्रक और महालेखापरीक्षक (सीएजी) ने परियोजनाओं को पर्यावरण मंजूरी देने में कई खामियां पाई हैं.

Ø  संसद में पेश सीएजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्यावरण मंजूरी दिए जाने से पूर्व इन परियोजनाओं के प्रभावों का सही मूल्यांकन नहीं किया जा रहा है.

Ø  साथ ही पर्यावरण मंत्रालय परियोजना को जिन शर्तों के आधार पर मंजूरी देता है, कंपनियां उनका भी पालन नहीं करती. रिपोर्ट में सरकार की ओर से परियोजनाओं की निगरानी के लिए पुख्ता तंत्र नहीं होने की भी बात कही है.