राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी जरूरी है नक्सलियों पर नियंत्रण

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सुकमा में नक्सली हमले और जवानों की शहादत के बाद केंद्र सरकार नक्सलियों को जवाब देने के लिए सुरक्षा रणनीति को मजबूत करने में जुट गई है परंतु, क्या सिर्फ सुरक्षाबलों की कार्रवाई से ही समस्या का समाधान हो सकता है?

Ø  हमलों में घायल जवानों के अनुसार नक्सलियों ने गांव के लोगों की आड़ में हमला किया, तो क्यों न उनके ही समर्थन आधार को कमजोर किया जाए।

Ø  आंतरिक संघर्ष के स्थान पर आदिवासियों और गांव वालों को मुख्य धारा से जोड़ना बेहतर विकल्प हो सकता है।

नक्सली समस्या से निपटने के लिए 'समाधान' सूत्र

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गृहमंत्री ने नक्सली समस्या से निपटने के लिए एकीकृत कमान के गठन की बात कही है. इसके लिए उन्होंने इससे प्रभावित सभी राज्यों को एक साथ आकर साझा रणनीति अपनाने की अपील की है

 गृहमंत्री  ने इस चुनौती से निपटने के लिए आठ सूत्रीय ‘समाधान (SAMADHAN)’ सूत्र का प्रस्ताव रखा है. यहां समाधान का मतलब है-

Ø  कुशल नेतृत्व (स्मार्ट लीडरशिप)

Ø  आक्रामक रणनीति (एग्रेसिव स्ट्रेटजी)

Ø  प्रोत्साहन और प्रशिक्षण (मोटीवेशन एंड ट्रेनिंग)

Ø  कारगर खुफिया तंत्र (एक्शनेबल इंटेलीजेंस)

Ø  कार्ययोजना के मानक (डेशबोर्ड बेस्ड की परफॉर्मेंस इंडिकेटर)

तीनों सेनाएं कैसे साथ काम करेंगी, नया फॉर्म्युला पेश

 तीनों सेनाओं के बीच तालमेल की जरूरत को समझते हुए सशस्त्र बलों के लिए संयुक्तता का नया सिद्धांत पेश किया गया है।
★ माना जा रहा है कि इससे क्षमता बढ़ेगी, संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल होगा और धन की बचत हो सकेगी।
 क्या होगी इसके तहत रणनीति 
★ पहली बार संयुक्तता का सिद्धांत 2006 में जारी किया गया था। सेनाओं में माना जा रहा है कि तब के बाद से हालात काफी बदल गए हैं, जिनके लिए संशोधन की जरूरत पड़ी।

भारत सहित दुनिया की खुफिया एजेंसियां

RAW( भारत) 
- भारत की खुफिया एजेंसी रॉ यानी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग को दुनिया की ताकतवर खुफिया एजेंसियों में माना जाता है।
- इसका मुख्यालय दिल्ली में स्थित है। राॅ की स्थापना 1968 में की गई थी। इस एजेंसी की खास बात ये है कि ये भारत के प्रधानमंत्री के अलावा किसी के प्रति जवाबदेह नहीं है।
- रॉ विदेशी मामलों, अपराधियों, आतंकियों के बारे में पूरी जानकारी रखती है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो : देश में 24 फीसद पुलिसकर्मियों की कमी

- देश में पुलिसकर्मियों की भारी कमी है। पुलिसकर्मियों के 24.07 फीसद पद खाली पड़े हैं।

- जनसंख्या के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश अपनी स्वीकृत पुलिस क्षमता के आधे से काम चला रहा है। यानी वहां पुलिसकर्मियों की सर्वाधिक 50 फीसद कमी है।

- दूसरे व तीसरे स्थान पर क्रमशः कर्नाटक और पश्चिम बंगाल हैं। चौंकाने वाले ये आंकड़े राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी किए गए हैं।

- 22,80,691 : सभी राज्यों में पुलिसकर्मियों के कुल स्वीकृत पद

- 5,49,025 : सभी राज्यों में पुलिसकर्मियों के कुल रिक्त पद

चीन को चुनौती: भारत अरुणाचल के तवांग क्षेत्र तक पहुंचाएगा रेल

  •  चीन से लगी अरुणाचल प्रदेश की सीमा और सीमा पार हो रही गतिविधियों के मद्देनजर भारत ने भी इस दिशा में काम करने का मन बना लिया है।
  • सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और राज्‍य के लोगों की सहुलियत को देखते हुए यहां पर अब रेल नेटवर्क बिछाने पर काम किया जाएगा।  इसके लिए सरकार ने तवांग तक रेल नेटवर्क तैयार करने का ब्‍लू प्रिंट तैयार किया है।

◆ मौजूदा समय में असम के आखिरी रेलवे स्‍टेशन भालूखपोंग से लेकर तवांग तक बनने वाली रेलवे लाइन के लिए यहां संभावना तलाशी जाएगी। 

क्यों सैन्य ताकत से आईएस को पूरी तरह मिटाना संभव नहीं है

मोसुल का हाथ से निकल जाना इस्लामिक स्टेट (आईएस) के लिए शायद सबसे बड़ी सैन्य असफलता है. इराक का यह दूसरा सबसे बड़ा शहर उसकी सैन्य सफलताओं के मुकुट का कीमती रत्न था. यहां 2014 में उसके मुखिया अबू बकर अल बगदादी ने अपनी खलीफत की घोषणा की थी. लेकिन इसके तीन साल से भी कम वक्त के भीतर आईएस का दायरा सिकुड़ चुका है.

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देश में वैश्विक आतंकवाद की सक्रियता का संदेह

लखनऊ में एटीएस से मुठभेड़ में आईएस से जुड़े आतंकी मोहम्मद सैफुल्ला के मारे जाने पर राजनीतिक चर्चा के साथ उस खतरे की ओर भी निगाहें उठने लगी हैं, जो सीरिया में आईएस के कमजोर होने के साथ भारत पर मंडराने लगा है। भोपाल-उज्जैन पैसेंजर में विस्फोट करने वालों की पिपरिया, कानपुर में गिरफ्तारी और फिर लखनऊ में मुठभेड़ यह साबित करती है कि अब हिंदी भाषी प्रदेश अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से महफूज नहीं हैं। 

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