INDIA को वासेनार अरेंजमेंट नामक संगठन में 42वें सदस्य के तौर पर शामिल किया गया

भारत को एक और बड़े तथा प्रतिष्ठापूर्ण वैश्विक मंच ‘वासेनार अरेंजमेंट’ में प्रवेश मिला है. शुक्रवार को भारत को इस संगठन के 42वें सदस्य के तौर पर मान्यता दी गई है. यह संगठन परंपरागत हथियारों, वस्तुओं व तकनीक के हस्तांतरण-निर्यात तथा दोहरे इस्तेमाल आदि की वैश्विक व्यवस्था पर नियंत्रण रखता है. इस संगठन का हिस्सा बन जाने के बाद अब भारत के लिए एनएसजी (परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह) की दावेदारी और मजबूत हो गई है.

म्यांमार में रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ हिंसा में नरसंहार जैसे संकेत दिखते हैं : संयुक्त राष्ट्र

It ,ooks like genocide in Mynmar. 
#Satyagriha
संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ हो रही हिंसा पर फिर चिंता जताई है. 
    म्यांमार के सुरक्षा बल इस समुदाय के खिलाफ जिस तरह से कार्रवाई कर रहे हैं उसे देखते हुए जातीय नरसंहार की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता. 
    रखाइन छोड़कर भागे रोहिंग्या मुसलमानों को तब तक वापस नहीं भेजा जाना चाहिए जब तक वहां जमीन पर उनके मानवाधिकारों की निगरानी की व्यवस्था न हो.

भारत-अफ़ग़ानिस्तान अब पाकिस्तान को छुए बिना भी एक-दूसरे तक पहुंच सकेंगे

 

भारत-अफ़ग़ानिस्तान अब पाकिस्तान को छुए बिना भी एक-दूसरे तक पहुंच सकते हैं. ईरान में चाबहार बंदरगाह के पहले चरण के उद्घाटन के साथ यह संभव हो सका है. ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने रविवार को इसका उद्घाटन किया है.

ईरान की चाबहार बंदरगाह का उद्घाटन, भारत के लिए खुला यूरोप जाने का नया रास्ता

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने रविवार को देश के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित चाबहार नगर के शाहिद बहेश्ती बंदरगाह के प्रथम चरण का उद्घाटन किया। चाबहार बंदरगाह खुलने के बाद भारत के लिए अब पाकिस्तान के बाहर से ईरान और अफगानिस्तान तक नौपरिवन का मार्ग सुगम हो गया है। यह जलमार्ग भारत, ईरान और अफगानिस्तान के मध्य नया रणनीतिक पारगमन मार्ग होगा।

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) के मुताबिक ईरान के दक्षिण-पूर्व में सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत स्थित बंदरगाह के उद्घाटन समारोह में 17 देशों के 60 विदेशी मेहमानों ने शिरकत की थी।

 पाकिस्तान का यह कदम चीन की महत्वाकांक्षी ओबीओआर परियोजना के लिए भी बड़ा झटका है

Pakisatn has regused to abide by china's dictat and disagreed with one of China's decision
पाकिस्तान ने अपनी एक बड़ी परियोजना में चीन के आर्थिक प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है. 
    पाकिस्तान के एक अख़बार ने बताया कि चीन ने 14 अरब डॉलर (क़रीब 915 अरब रुपये) के दियामेर-भाशा बांध के निर्माण में मदद का प्रस्ताव दिया था जिसे पाकिस्तान ने ठुकरा दिया. 
    खबर के मुताबिक पाकिस्तान ने चीन से कह दिया है कि वह बांध के निर्माण को अपनी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा यानी सीपीईसी परियोजना से बाहर रखे.