भारत व अफगानिस्तान के बीच विशेष कार्गो सेवा

यह योजना क्यों :

अफगानिस्तान को भारतीय मदद पहुंचाने में हर तरह की अड़चन खड़ा करने में जुटे पाकिस्तान को दरकिनार करने के लिए | अभी पाकिस्तान की अड़चन की वजह से ही भारत चाह कर भी अफगानिस्तान को दो लाख टन गेहूं नहीं पहुंचा पा रहा है। सीधे कार्गो लिंक के लिए अफगानिस्तान को भारत की तरफ से विशेष आर्थिक मदद दी जाएगी

क्या है यह योजना

मध्यस्थता (Arbitration ) को सुधारने में आने वाली दिक्कते

हाल ही में प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कारोबारी विवादों के निस्तारण में मध्यस्थता का वैश्विक केंद्र बनाने की बात कही है जो बहुत सराहनीय है। सोच के स्तर पर यह विचार बढिय़ा है लेकिन इसका क्रियान्वयन उतना ही महत्त्वाकांक्षी

राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन की भारत यात्रा

इजरायल के राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन की भारत  यात्रा का महत्त्व

इजरायल के राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन की भारत यात्रा इस तथ्य को रेखांकित करती है कि दोनों के बीच के रिश्ते तेजी से पनप रहे हैं। रिवलिन भारत की यात्रा करने वाले पहले राष्ट्राध्यक्ष नहीं हैं लेकिन उनकी यात्रा दिखाती है कि दोनों देशों के बीच माहौल कुछ बदला हुआ है। 

Bilateral visits of leadership:

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी उसके बाद ही इजरायल गए। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली इजरायल यात्रा थी और अब वंहा के राष्ट्र पति भारत आए है |

भारत और जापान के बीच ऐतिहासिक ऐटमी एनर्जी डील का महत्त्व

करीब 6 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारत और जापान के बीच असैन्य परमाणु करार हो गया। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के जापान दौरे के दौरान दोनो देशों के बीच इस समझौते पर मुहर लगी।

Background:

2015 में जापान के पीएम शिंजो अबे भारत आए थे तभी दोनों देशों ने सिविल न्यूक्लियर अग्रीमेंट का फैसला किया था। भारत अब तक अमेरिका समेत 11 देशों के साथ सिविल न्यूक्लियर डील कर चुका है लेकिन जापान से डील खास होगी।

पाकिस्तान और चीन ने शुरू किया ग्वादर पोर्ट

क्यों खबरों में :

चीन के माल से लदा जहाज रवाना होने के साथ ही रविवार को पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय संपर्क का एक और नया मार्ग खुल गया। रणनीतिक महत्व वाले ग्वादर बंदरगाह से 250 कंटेनरों में भरा चीनी माल लेकर यह जहाज पश्चिम एशिया और अफ्रीका के लिए रवाना हुआ।

भारत ने जापान के साथ ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौता किया

  • भारत और जापान के बीच ऐतिहासिक परमाणु समझौता हो गया है. जापान दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को टोक्यो में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

1. इस समझौते के तहत जापान भारत को परमाणु ईंधन, उपकरण और परमाणु ऊर्जा के उत्पादन के लिए तकनीक सौंपेगा।

2. समझौते में यह भी कहा गया है कि भारत जापान द्वारा दिए गए परमाणु ईंधन और उपकरणों का उपयोग केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ही करेगा और

3. अगर भारत इससे परमाणु परीक्षण आयोजित करता है तो जापान इस समझौते को तोड़ देगा।