आज कुछ सुझाव मुख्य परीक्षा की लेखन शैली से सम्बंधित हैं, तो शुरू करते हैं-:

कोचिंग सेंटर्स पर सैकड़ों प्रतियोगी एक साथ तैयारी करते हैं। उन सबको एक जैसा मटेरियल उपलब्ध कराया जाता है और वो लोग कुछ हद तक लिखते भी एक जैसा ही हैं। एक जैसा लिखने वालों की शैली भी एक जैसी ही होगी। परीक्षक जब आपके कार्य को जांचता है तो वह उम्मीद करता है कि अगली कॉपी में कुछ नया हो। मान लीजिये 10 कॉपियां उसने लगातार जांची और ऐसे लोगों की जांची जो सभी एक ही कोचिंग के अनुयायी थे। इस मामले में सिर्फ पहली कॉपी वाला ही फायदा उठाएगा। बाकी की नौ कॉपियों में वही सब लिखा होगा जो पहली कॉपी में वो देख चूका है। इसलिए तुलनात्मक रूप से पिछली नौ कॉपियों को वो अंक नहीं मिलेंगे जो पहली कॉपी को मिले। लेकिन 11

English for Competetive Exams

#English

++कल शाम के वक़्त मेरे पास निखिल यादव नाम के एक अभ्यर्थी का फ़ोन आया कहने लगा सर #GSHindi ने हम लोगों के लिए बहुत किया है और इससे जुड़कर हमें बहुत लाभ भी पहुंचा है। पर सर GS के अलावा मेरी एक और समस्या है.. अंग्रेजी (English)। निखिल ने बताया कि पिछले वर्ष मुख्य परीक्षा में उसका English पेपर क्वालिफाइड नहीं हुआ था, जिससे उसकी पूरी मेहनत ख़राब हो गयी। यहाँ तक कि उसे अपने अन्य पेपर्स के मार्क्स भी पता नहीं चल पाये। कल उससे बात करके लगा कि वह English के पेपर को लेकर बहुत दुखी है। उसे लगता है कि English उसे सिविल सर्विस में सफल नहीं होने देगी।