मुस्लिम पर्सनल लॉ : तलाक-तलाक-तलाक के पेंच और केंद्र सरकार की पहल

- तलाक एक ऐसा शब्द है जो ना सिर्फ हंसते-मुस्कुराते परिवार के टुकड़े कर देता है बल्कि रिश्तों के मायने भी बदल देता है। हमारे देश में तीन तलाक का ज़हर पीने वाली ना जाने कितनी मुस्लिम महिलाएं हैं जो किसी ना किसी डर की वजह से ख़ामोश रहती हैं और अपने ऊपर होने वाले अत्याचारों को सहती हैं। - केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक एफिडेविट फाइल किया है जिसमें कहा गया है कि तीन तलाक, निकाह-हलाला और एक से ज़्यादा निकाह कानूनी रूप से सही नहीं है।

RSTV LSTV : Brief Analysis of Debates

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