आज कुछ सुझाव मुख्य परीक्षा की लेखन शैली से सम्बंधित हैं, तो शुरू करते हैं-:

कोचिंग सेंटर्स पर सैकड़ों प्रतियोगी एक साथ तैयारी करते हैं। उन सबको एक जैसा मटेरियल उपलब्ध कराया जाता है और वो लोग कुछ हद तक लिखते भी एक जैसा ही हैं। एक जैसा लिखने वालों की शैली भी एक जैसी ही होगी। परीक्षक जब आपके कार्य को जांचता है तो वह उम्मीद करता है कि अगली कॉपी में कुछ नया हो। मान लीजिये 10 कॉपियां उसने लगातार जांची और ऐसे लोगों की जांची जो सभी एक ही कोचिंग के अनुयायी थे। इस मामले में सिर्फ पहली कॉपी वाला ही फायदा उठाएगा। बाकी की नौ कॉपियों में वही सब लिखा होगा जो पहली कॉपी में वो देख चूका है। इसलिए तुलनात्मक रूप से पिछली नौ कॉपियों को वो अंक नहीं मिलेंगे जो पहली कॉपी को मिले। लेकिन 11

मध्यप्रदेश MPPSC की तैयारी कैसे करें

=> हम निम्न विषयों पर चर्चा करेंगे-

  • PSC परीक्षा के प्रश्नों का स्तर क्या होता है ?
  • इस परीक्षा के लिए आदर्श रीडिंग मटेरियल क्या है ?
  • परीक्षा की तैयारी कैसे शुरू की जाए ?
  • तैयारी के दौरान कैसे पढ़ा जाए ?
  • नोट्स कैसे बनाएं जाए ?
  • महत्वपूर्ण चीजों को याद कैसे रखा जाए?
  • इन सेवाओं में आने के लिए व्यक्तित्व में क्या परिवर्तन किया जाए?
  • PSC ऑफिसर में क्या एप्रोच/ स्किल होना जरूरी है?