ओमेगा-3 फैटी एसिड

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शोधकर्ताओं के अनुसार, गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान 2.4 ग्राम लांग-चेन ओमेगा-थ्री की खुराक लेनी वाली महिलाओं के बच्चे में अस्थमा का खतरा 31 फीसद कम पाया गया। लांग-चेन ओमेगा-थ्री फैटी एसिड ठंडे पानी की मछलियों में पाया जाता है। यह मानव प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के लिए काफी महम जाना जाता है। 

  • ओमेगा-3 फैटी एसिड एक प्रकार की वसा है।
  • यह शरीर में हार्मोन्स के निर्माण के साथ शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करती है। 
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन हार्ट अटैक के जोखिम को कम करता है। यह धमनियों के फैलने में सहायता करता है, जिससे उनमें रक्त प्रवाह ठीक ढंग से हो पाता है और एन्जाइम्स फैट को आसानी से शरीर में घुलने में सहायता करते हैं और उनका मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है। इससे जरूरत से अधिक चर्बी शरीर में जमा नहीं हो पाती।
  •  यह फैटी एसिड शरीर में नहीं बनता, इसको भोजन के द्वारा ही ग्रहण किया जा सकता है।
  • शाकाहारी लोगों के लिए अलसी ओमेगा-3 एसिड का सबसे अच्छा स्रोत होता है, जबकि मांसाहारियों को यह मछली के सेवन से मिल जाता है।
  • इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से कई प्रकार के नुकसान भी हो सकते हैं। यदि रोजाना तीन ग्राम से ज्यादा ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन किया जाए तो ब्लीडिंग होने की आशंका हो जाती है, वहीं इसके अधिक सेवन से हैमोरैजिक (रक्तस्रावी) स्ट्रोक भी हो सकता है। सात ही, इसका अदिक मात्रा में सेवन करने से डायबिटीज से पीड़ित लोगों के शरीर में लो डेनसिटी लिपोप्रोटीन (एलपीएल) कॉलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, जो काफी हानिकारक होता है।