ओक्टोबोट

  • पारंपरिक रोबोट्स से हटकर यह रोबोट soft matareals से बनाया गया है 
  • इसका निर्माण harvard के researcher ने किया है 
  • यह अपनी तरह का पहला रोबोट है, जो पूरी तरह से सॉफ्ट उपकरणों का प्रयोग करके बनाया गया है। इससे हूबहू इंसानों जैसे ढांचे और हरकत वाले रोबोट बनाने का रास्ता साफ हो गया है।
  •  बैटरी के बिना ऊर्जा मिलती है : ओक्टोबोट स्थायी बैटरियों और सर्किट बोर्डो की बजाय रासायनिक प्रतिक्रियाओं से ऊर्जा प्राप्त करता है। यह जिस तकनीक से बना है, उसे माइक्रोफ्लूइडिक्स कहा जाता है।

 

अक्यूइला ड्रोन

  • सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक द्वारा तैयार ड्रोन 
  • सौर ऊर्जा चालित ‘अक्यूइला ड्रोन’ को कंपनी ने दुनियाभर के दूर-दराज के इलाकों में आसानी से इंटरनेट पहुंचाने के लिए तैयार किया है। 
  • ड्रोन लगभग 18,288 मीटर ऊंचाई और 96.6 किलोमीटर व्यास के क्षेत्र में इंटरनेट पहुंचाने में सक्षम होगा।
  • इंटरनेट के लिए लेजर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। 
  • अपनी खास डिजाइन की वजह अक्यूइला तीन महीने से ज्यादा समय तक आसमान में रह सकता है।

दिल्ली में दौड़ी पहली ड्राइवरलेस मेट्रोः सफर में लगेगा कम वक्त, ऐसे बचेगी बिजली”

- दिल्ली में पहली बार ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन किया गया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के मुकुंदपुर डिपो से मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के बीच यह ट्रायल हुआ।

- डीएमआरसी के मुताबिक ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन की स्पीड मौजूदा ट्रेन से 10 फीसदी ज्यादा होगी।

- मेट्रो के मौजूदा बेड़े में 14 ड्राइवरलेस ट्रेन शामिल की गई हैं। इन्हें दिसंबर तक चलाने की प्लानिंग है।

- ट्रायल के बाद हर महीने इस तरह की चार नई ट्रेने मेट्रो के बेड़े में शामिल की जाएंगी।