मुश्किल में है बचपन, खतरे में भविष्य

गैर सरकारी संगठन प्लान इंडिया द्वारा देशभर में किए गए इस सर्वे और परामर्श की रिपोर्ट में देश के अलग-अलग क्षेत्रों में मुश्किल में फंसे बच्चों की विभिन्न समस्याएं उल्लेखित की गई हैं। 

 

A look on figures of child labours:

बाल अपराध : असुरक्षित बचपन

क्यों खबरों में

दो दिनों में दो मासूम बच्चियों के साथ दरिंदगी की घटनाएं चिंतित करने वाली हैं। पहले केशवपुरम में एक बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी जाती है और उसके अगले दिन सराय रोहिल्ला में भी एक बच्ची को दरिंदगी का शिकार बनाकर उसे मरने के लिए गड्ढे में फेंक दिया जाता है। इस तरह की घटनाओं से पता चलता है कि राजधानी बच्चों के लिए बेहद असुरक्षित हो गई है। 

एक नजर आंकड़ो पर : बाल अपराध रोकने में नाकाम समाज

भारतीय निर्यात में इनोवेशन की कमी से बढ़ रहा है व्यापार घाटा

  • भारतीय निर्यातकों में आक्रामकता और इनोवेशन की कमी भारत और चीन के बीच बढ़ते व्यापार असंतुलन की प्रमुख वजहexport रही है।
  • बीते एक दशक में दोनों देशों के बीच यह असंतुलन तेजी से इसलिए भी बढ़ा क्योंकि भारतीय निर्यातक चीन को कॉटन और आयरन ओर जैसे कच्चे माल के निर्यात पर ही निर्भर रहे।
  • वक्त की मांग के अनुरूप चीन के बाजार में वैल्यू एडेड उत्पादों की सप्लाई करने की कोशिश ही नहीं हुई। दोनों देशों के बीच परंपरागत तौर

सबको शिक्षा देने के लक्ष्य को हासिल करने में अभी 50 साल पीछे है भारत

कहते हैं, शिक्षा के बिना किसी भी देश का 'संपूर्ण विकास' संभव नहीं है। शिक्षा, को आप 'विकास या तरक्की' की मां भी कह सकते हैं। शिक्षा के बिना व्यक्ति ना तो अपना विकास कर सकता है, और ना ही देश और समाज का कल्याण कर सकता है. और आज मुझे आपको ये जानकारी देते हुए बहुत तकलीफ हो रही है, कि सबको शिक्षा दिए जाने के लक्ष्य को हासिल करने में भारत फिलहाल 50 साल पीछे है। देश के हर वर्ग को चिंता में डालने वाली ये बात, यूनेस्को की ग्लोबल एजुकेशन मॉनीटरिंग रिपोर्ट में कही गई है।

क्या है रिपोर्ट में 

नवोन्मेषी अर्थव्यवस्थाओं में भारत की छलांग, 66वें स्थान पर पहुंचा

  • संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में सबसे नवोन्मेषी अर्थव्यवस्थाओं की ताजा सूची में भारत को 66वें स्थान पर रखा गया है। सूची में इस बार भारत पिछले साल से 15 पायदान ऊंचा है।
  • इस रपट के अनुसार अगर देश नवोन्मेष में वैश्विक अग्रणी बनना चाहता है तो उसे अधिक पारदर्शी नीतियां अपनानी होंगी।
  • संयुक्त राष्ट्र विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) की इस रपट में कुल वैश्विक रैंकिंग में भारत 15 पायदान चढ़कर 66वें स्थान पर रहा है। पिछले साल वह 81 वें स्थान पर था।
  • WIPO, कोरनेल यूनिवर्सिटी तथा बहुराष्ट्रीय बिजनेस स्कूल इनसीड ने ‘ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2016’ जारी किया है। इसमें कह

2020 तक भारत में 73 करोड़ होंगे इंटरनेट यूजर्स

  • ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ने से भारत में 2020 तक इंटरनेट प्रयोक्ताओं की संख्या 73 करोड़ तक पहुंच जाने की internet_usersसंभावना है जो 2015 के अंत तक रही कुल इंटरनेट प्रयोक्ताओं की 35 करोड़ की संख्या का लगभग दुगना होगा।
  • यह जानकारी भारत में इंटरनेट के भविषय के बारे में नासकॉम और अकामई टेक्नोलॉजीस की एक नवीनतम ‘द फ्यूचर ऑफ इंटरनेट इन इंडिया’ रपट में दी गई है। 

प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की शिक्षा के रुझानों पर ‘असर’ रिपोर्ट प्रकाशित

- अपने देश में कुछ तसवीरें कभी नहीं बदलतीं. यदि बदलती भी हैं, तो और विद्रूप होने के लिए! देश की प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की तसवीर भी ऐसी ही है. 
- देश में शिक्षा की स्थिति पर इसी हफ्ते संसद में पेश सरकारी रिपोर्ट इसकी पुष्टि करती है. वर्षों की कोशिशों के बाद देश में शिक्षा का अधिकार कानून बनने के चलते आपको लग सकता है कि अब माध्यमिक स्तर तक की अनिवार्य और नि:शुल्क शिक्षा सबको सहज प्राप्त है. 

ASER रिपोर्ट से कुछ तथ्य 

आत्महत्या पर नयी दृष्टि: मानसिक बीमारी से ग्रस्त मान कर उसके उपचार की व्यवस्था की जायेगी

 देश में हर साल करीब सवा लाख लोग अलग-अलग कारणों से आत्महत्या करने के लिए मजबूर होते हैं. नये आंकड़े बताते हैं कि आत्महत्या करनेवालों में नौजवानों की तादाद लगातार बढ़ी है. 

भारी जुर्माने से लैस मोटर यान संशोधन बिल को सरकार की मंजूरी

 सरकार ने बहुप्रतीक्षित मोटर यान संशोधन विधेयक 2016 को आज मंजूरी प्रदान कर दी जिसमें यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। 
- इन प्रस्तावों में शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 10 हजार रूपए तक का जुर्माना और हिट एंड रन मामलों के लिए दो लाख रूपए का मुआवजा शामिल हैं।

भारत में संशोधित बाल श्रम विधेयक से संयुक्त राष्ट्र हुआ चिंतित

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने भारत में बाल श्रम विधेयक में संशोधन को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि इससे पारिवारिक काम को वैधता मिल सकती है और गरीब परिवारों के बच्चों को नुकसान पहुंच सकता है।

- संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम ने बच्चों की सुरक्षा के एक सुदृढ़ मसौदे के लिए विधेयक के कुछ प्रावधानों को हटाने और
 खतरनाक व्यवसायों की पूरी सूची के साथ एक मजबूत निरीक्षण तंत्र की स्थापना का आग्रह किया है ।