आज कुछ सुझाव मुख्य परीक्षा की लेखन शैली से सम्बंधित हैं, तो शुरू करते हैं-:

कोचिंग सेंटर्स पर सैकड़ों प्रतियोगी एक साथ तैयारी करते हैं। उन सबको एक जैसा मटेरियल उपलब्ध कराया जाता है और वो लोग कुछ हद तक लिखते भी एक जैसा ही हैं। एक जैसा लिखने वालों की शैली भी एक जैसी ही होगी। परीक्षक जब आपके कार्य को जांचता है तो वह उम्मीद करता है कि अगली कॉपी में कुछ नया हो। मान लीजिये 10 कॉपियां उसने लगातार जांची और ऐसे लोगों की जांची जो सभी एक ही कोचिंग के अनुयायी थे। इस मामले में सिर्फ पहली कॉपी वाला ही फायदा उठाएगा। बाकी की नौ कॉपियों में वही सब लिखा होगा जो पहली कॉपी में वो देख चूका है। इसलिए तुलनात्मक रूप से पिछली नौ कॉपियों को वो अंक नहीं मिलेंगे जो पहली कॉपी को मिले। लेकिन 11

UPPCS का स्वरुप ( कैसे करें तैयारी)

बहुत से परिक्षार्थी ऐसे हैं जो सिविल सेवा की तैयारी करना चाहते हैं लेकिन क्या पढ़ा जाए, कौन सी किताबें खरीदी जाएं, किस तरह से नोट्स बनाया जाए आदि के बारे में कोई विशेष जानकारी नही होती है। ऐसे लोगों को एक बात अच्छी तरह से समझ लेनी चाहिए विशेष रूप से जो लोग नए हैं की uppcs में अभी दो विषय लेने होते हैं।ये दोनों 800 नंबर के होते हैं।इनके कुल चार पेपर होते हैं यानि प्रत्येक पेपर 200 नंबर का। Uppcs में GS का पेपर 400 नंबर का वस्तुनिष्ट (Objective)प्रकार का होता है।इसमें 200 नंबर के के दो पेपर होते हैं । Uppcs में हिंदी का 150 नंबर का एक पेपर होता है। इसी तरह निबंध का 150 नंबर का एक पेपर होता है