UPPCS का स्वरुप ( कैसे करें तैयारी)

बहुत से परिक्षार्थी ऐसे हैं जो सिविल सेवा की तैयारी करना चाहते हैं लेकिन क्या पढ़ा जाए, कौन सी किताबें खरीदी जाएं, किस तरह से नोट्स बनाया जाए आदि के बारे में कोई विशेष जानकारी नही होती है। ऐसे लोगों को एक बात अच्छी तरह से समझ लेनी चाहिए विशेष रूप से जो लोग नए हैं की uppcs में अभी दो विषय लेने होते हैं।ये दोनों 800 नंबर के होते हैं।इनके कुल चार पेपर होते हैं यानि प्रत्येक पेपर 200 नंबर का। Uppcs में GS का पेपर 400 नंबर का वस्तुनिष्ट (Objective)प्रकार का होता है।इसमें 200 नंबर के के दो पेपर होते हैं । Uppcs में हिंदी का 150 नंबर का एक पेपर होता है। इसी तरह निबंध का 150 नंबर का एक पेपर होता है जिसमे 3 निबंध लिखने होते हैं।ये निबंध तीन खण्डों में बटे होते हैं और हर खण्ड से एक निबंध करना होता है। Uppcs में इंटरव्यू 200 नंबर का होता है। इस प्रकार Uppcs की परीक्षा कुल 1700 की होती है।जिसमें से यदि 1150 अंक आ जाएं तो SDM का पद प्राप्त हो जाता है। इतिहास की पुस्तकें एस के पांडे तीन खण्ड, भूगोल माजिद हुसैन, बर्णवाल, वाणी प्रकाशन, दर्पण का अतिरिक्तांक अर्थव्यवस्था प्रतियोगिता दर्पण का अतिरिक्तांक, वाणी प्रकाशन की अर्थव्यवस्था, प्रोफ़ेसर एस एन लाल, एस के लाल की अर्थव्यवस्था की पुस्तक भारतीय संविधान लक्ष्मीकांत टाटा प्रकाश की,दर्पण का अतिरिक्तांक विज्ञान लूसेंट, दर्पण अतिरिक्तांक, वाणी की दो खण्ड में, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी परीक्षा मन्थन कला और संस्कृति दर्पण का अतिरिक्तांक क्रॉनिकल की वार्षिकी वाणी की जनगणना वाणी की उत्तर प्रदेश पर पुस्तिका घटनाचक्र के विभिन्न विषयों पर वस्तुनिष्ट खंड हिंदी पृथ्वीनाथ पांडे, डॉ वसुदेवानंदन प्रसाद, डॉ हरदेव बाहरी हिंदी संक्षेपण हरदेव बाहरी हिंदी पत्रलेखन हरदेव बाहरी, घटनाचक्र पत्रलेखन निबंध हेतु टाटा प्रकाशन, मंथन की सिरीज़,योजना, कुरुक्षेत्र पत्रिका, समाचार पत्र के संपादकीय

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