Monthly current affairs class notes Correspondence Programme

प्रिय GSHindi.com के नियमित पाठकों मैं अमित जैन (GSHindi.com) आज उन अभ्यर्थियों से रू-ब-रू होना चाहता हूँ जो अगले वर्ष यानि 2018 (3 June) के IAS प्रारंभिक परीक्षा को Serious होकर देना चाहते हैं। मैं आज GSHindi.com follow करने वाले उन विद्यार्थियों को कुछ ऐसी बातें बताना चाहता हूँ जो अगले वर्ष के IAS परीक्षा को अपना अंतिम Attempt मानकर देना चाहते हैं। मैं आज उन ऐसे अभ्यर्थियों को चयनोन्मुख सूचना देना चाहता हूँ जो पिछले एक या दो Attempt से IAS की प्रारंभिक परीक्षा में सफल नहीं हो पा रहे हैं।

आज कुछ सुझाव मुख्य परीक्षा की लेखन शैली से सम्बंधित हैं, तो शुरू करते हैं-:

कोचिंग सेंटर्स पर सैकड़ों प्रतियोगी एक साथ तैयारी करते हैं। उन सबको एक जैसा मटेरियल उपलब्ध कराया जाता है और वो लोग कुछ हद तक लिखते भी एक जैसा ही हैं। एक जैसा लिखने वालों की शैली भी एक जैसी ही होगी। परीक्षक जब आपके कार्य को जांचता है तो वह उम्मीद करता है कि अगली कॉपी में कुछ नया हो। मान लीजिये 10 कॉपियां उसने लगातार जांची और ऐसे लोगों की जांची जो सभी एक ही कोचिंग के अनुयायी थे। इस मामले में सिर्फ पहली कॉपी वाला ही फायदा उठाएगा। बाकी की नौ कॉपियों में वही सब लिखा होगा जो पहली कॉपी में वो देख चूका है। इसलिए तुलनात्मक रूप से पिछली नौ कॉपियों को वो अंक नहीं मिलेंगे जो पहली कॉपी को मिले। लेकिन 11

Test Series for UPSC IAS and State PCS Exams

GShindi has launched UPSC Prelims and Mains Online and Offline test series. Please click on the test series name to know more about them.

सिविल सेवा परीक्षा 3 चरणों में संपन्न होती है, जिसमें उत्तीर्ण होने के लिए सम्पूर्ण सिलेबस का ना सिर्फ पठन करना वरन कई बार उसका दोहराव (Revision) करना अति आवश्यक माना जाता है। साथ ही अपने स्तर तथा अन्य प्रितिभागियों के सापेक्ष प्रतिस्पर्धा में कहाँ ठहरते को मापने के लिए लगातार "माँक टेस्ट" देते रहना, UPSC के पैटर्न पर आधारित प्रश्नों का लगातार अभ्यास करते रहना विशेष रणीनीति का हिस्सा माना जाता है।