आज कुछ सुझाव मुख्य परीक्षा की लेखन शैली से सम्बंधित हैं, तो शुरू करते हैं-:

कोचिंग सेंटर्स पर सैकड़ों प्रतियोगी एक साथ तैयारी करते हैं। उन सबको एक जैसा मटेरियल उपलब्ध कराया जाता है और वो लोग कुछ हद तक लिखते भी एक जैसा ही हैं। एक जैसा लिखने वालों की शैली भी एक जैसी ही होगी। परीक्षक जब आपके कार्य को जांचता है तो वह उम्मीद करता है कि अगली कॉपी में कुछ नया हो। मान लीजिये 10 कॉपियां उसने लगातार जांची और ऐसे लोगों की जांची जो सभी एक ही कोचिंग के अनुयायी थे। इस मामले में सिर्फ पहली कॉपी वाला ही फायदा उठाएगा। बाकी की नौ कॉपियों में वही सब लिखा होगा जो पहली कॉपी में वो देख चूका है। इसलिए तुलनात्मक रूप से पिछली नौ कॉपियों को वो अंक नहीं मिलेंगे जो पहली कॉपी को मिले। लेकिन 11

Test Series

सिविल सेवा परीक्षा 3 चरणों में संपन्न होती है, जिसमें उत्तीर्ण होने के लिए सम्पूर्ण सिलेबस का ना सिर्फ पठन करना वरन कई बार उसका दोहराव (Revision) करना अति आवश्यक माना जाता है। साथ ही अपने स्तर तथा अन्य प्रितिभागियों के सापेक्ष प्रतिस्पर्धा में कहाँ ठहरते को मापने के लिए लगातार "माँक टेस्ट" देते रहना, UPSC के पैटर्न पर आधारित प्रश्नों का लगातार अभ्यास करते रहना विशेष रणीनीति का हिस्सा माना जाता है।

Team GSHindi, UPSC द्वारा आयोजित प्रारम्भिक / प्रीलिम्स परीक्षा, मुख्य  परीक्षा तथा वैकल्पिक विषयों के लिए विभिन्न टेस्ट सीरीज का आयोजन कर रहा है।

 

मुख्य परीक्षा में हिन्दी साहित्य की तैयारी कैसे करें - How to prepare for Hindi Literature optional subject in UPSC Mains

कैसे करें वैकल्पिक विषय- हिन्दी साहित्य की तैयारी


आभार : निशान्त जैन IAS, रैंक 13, UPSC हिन्दी साहित्य टॉपर वर्ष 2014, अंक 313 / 500

IAS में सफलता की रणनीति IIS अरविन्द जैन के शब्दों में-part-2 ( How to crack UPSC IAS examination in very first attempt in the words of 3 times selected Arvind Jain-Part 2)

दोस्तों UPSC पहली बार या फिर एक बार (भाग -1) लिखने के पश्चात शासकीय दायित्वों के निर्वहन में व्यस्त रहने के कारण आप लोगों से दोबारा मुखातिब नहीं हो पाया था। आज पुनः कुछ समय निकालकर आप लोगों से बात- मुलाकात करने का अवसर निकाल पाया हूँ।