आज कुछ सुझाव मुख्य परीक्षा की लेखन शैली से सम्बंधित हैं, तो शुरू करते हैं-:

कोचिंग सेंटर्स पर सैकड़ों प्रतियोगी एक साथ तैयारी करते हैं। उन सबको एक जैसा मटेरियल उपलब्ध कराया जाता है और वो लोग कुछ हद तक लिखते भी एक जैसा ही हैं। एक जैसा लिखने वालों की शैली भी एक जैसी ही होगी। परीक्षक जब आपके कार्य को जांचता है तो वह उम्मीद करता है कि अगली कॉपी में कुछ नया हो। मान लीजिये 10 कॉपियां उसने लगातार जांची और ऐसे लोगों की जांची जो सभी एक ही कोचिंग के अनुयायी थे। इस मामले में सिर्फ पहली कॉपी वाला ही फायदा उठाएगा। बाकी की नौ कॉपियों में वही सब लिखा होगा जो पहली कॉपी में वो देख चूका है। इसलिए तुलनात्मक रूप से पिछली नौ कॉपियों को वो अंक नहीं मिलेंगे जो पहली कॉपी को मिले। लेकिन 11

मुख्य परीक्षा में हिन्दी साहित्य की तैयारी कैसे करें - How to prepare for Hindi Literature optional subject in UPSC Mains

कैसे करें वैकल्पिक विषय- हिन्दी साहित्य की तैयारी


आभार : निशान्त जैन IAS, रैंक 13, UPSC हिन्दी साहित्य टॉपर वर्ष 2014, अंक 313 / 500

IAS में सफलता की रणनीति IIS अरविन्द जैन के शब्दों में-part-2 ( How to crack UPSC IAS examination in very first attempt in the words of 3 times selected Arvind Jain-Part 2)

दोस्तों UPSC पहली बार या फिर एक बार (भाग -1) लिखने के पश्चात शासकीय दायित्वों के निर्वहन में व्यस्त रहने के कारण आप लोगों से दोबारा मुखातिब नहीं हो पाया था। आज पुनः कुछ समय निकालकर आप लोगों से बात- मुलाकात करने का अवसर निकाल पाया हूँ।

English for Competetive Exams

#English

++कल शाम के वक़्त मेरे पास निखिल यादव नाम के एक अभ्यर्थी का फ़ोन आया कहने लगा सर #GSHindi ने हम लोगों के लिए बहुत किया है और इससे जुड़कर हमें बहुत लाभ भी पहुंचा है। पर सर GS के अलावा मेरी एक और समस्या है.. अंग्रेजी (English)। निखिल ने बताया कि पिछले वर्ष मुख्य परीक्षा में उसका English पेपर क्वालिफाइड नहीं हुआ था, जिससे उसकी पूरी मेहनत ख़राब हो गयी। यहाँ तक कि उसे अपने अन्य पेपर्स के मार्क्स भी पता नहीं चल पाये। कल उससे बात करके लगा कि वह English के पेपर को लेकर बहुत दुखी है। उसे लगता है कि English उसे सिविल सर्विस में सफल नहीं होने देगी।

Deep Study का कोई विकल्प नहीं होता.............

लुसेंट जैसी किताबों को पढ़कर आप तथ्य रट तो सकते हैं लेकिन समझ विकसित नहीं कर सकते। मैंने देखा है, कई बार लोगों को बेसिक सी बातों के बारे में जानकारी नहीं होती।
एक सवाल किसी ने पोस्ट किया था चालू खाते के घाटे की बारे में लेकिन उन्हें बैंक में खुलने वाले चालू खाते और बैलेंस ऑफ़ पेमेंट में इस्तेमाल होने वाले चालू खाते के टर्म का अंतर नहीं पता था। वैसे इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी और ना ही उनकी कमी बता रही हूँ, ये तो ट्रेंड ही ऐसा चल रहा है कि लुसेंट रट लो ये रट लो वो रट लो।