Daily Current Affairs

"दक्षिणी ध्रुव पर 40 लाख वर्ष में कार्बन का स्तर सबसे ज्यादा"

  • ग्रीन हाउस गैसेस की सांद्रता लगातार बढ़  रही है, वायु प्रदूषण की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। पृथ्वी के तमाम हिस्सों में कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) की मात्रा साल दर साल बढ़ती जा रही है।

"विश्‍व शरणार्थी दिवस के मौके पर जानते हैं शरणार्थी संकट के बारे में"

सीरिया में जारी गृह युद्ध के कारण बड़े पैमाने पर लोगों को विस्‍थापित होना पड़ रहा है। पिछले पांच सालों से जारी गृह युद्ध का अभी भी कोई अंत निकलता नहीं दिख रहा है। 20 जून को विश्‍व शरणार्थी दिवस के मौके पर जानते हैं शरणार्थी संकट के बारे में।

- द्वितीय विश्‍व युद्ध के बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट है। इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन का अनुमान है कि साल 2015 में 10 लाख 11 हजार 700 से अधिक लोग समुद्र के रास्‍ते सीरिया छोड़कर यूरोप पहुंच चुके हैं।

"भारत में डबल डिजिट विकास दर के लिए विश्व बैंक के सुझाव"

- चालू वित्त वर्ष में भारत की विकास दर 7.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताते हुए विश्व बैंक ने आर्थिक वृद्धि दर को दहाई के अंक यानी डबल डिजिट में ले जाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू करने का सुझाव दिया है।

- बैंक का कहना है कि लगातार दो वर्ष तक मानसून कमजोर रहने के बावजूद भारत ने वित्त वर्ष 2015-16 में तेज विकास दर हासिल की है और मैन्यूफैक्चरिंग व सेवा क्षेत्रों की उच्च वृद्धि रहने से नौकरियां सृजित हुई हैं।

=>निवेश पर जोर

ऑक्सीजन युक्त दूरस्थ आकाशगंगा का पता चला

  •  वैज्ञानिकों ने ऑक्सीजन युक्त एक गैलेक्सी (आकाशगंगा) की खोज की है। यह अब तक ज्ञात ऐसी किसी गैलेक्सी की तुलना में सबसे ज्यादा दूर है।
  • शोधकर्ता इस गैलेक्सी एसएक्सडीएफ-एनबी1006-2 पर कुछ अन्य भारी तत्वों को तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। अंतरिक्ष के शुरुआती घटकों में भारी तत्वों की तलाश उस दौर में हुई निर्माण प्रक्रियाओं को समझने में सहायक होगी।
  • भारी तत्वों के अध्ययन से इस बात को समझने में मदद मिलेगी कि गैलेक्सियों का निर्माण कैसे हुआ और कॉस्मिक रीआयनाइजेशन का कारण क्या था।" ब्रह्मांड में विभिन्न घटकों के बनने से पहले निष्क्रिय गैसें थीं।
  • हालांकि बिग बैंग के कुछ

"खाद्य पदार्थों में पोटेशियम ब्रोमेट के उपयोग पर रोक"

  • सरकार ने पोटेशियम ब्रोमेट को खाद्य पदार्थों में एडिटिव के तौर पर इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) ने एक स्टडी में ब्रेड में पोटेशियम ब्रोमेट और पोटेशियम आयोडेट पाये जाने की बात उठाई थी।
  • इन तत्वों से कैंसर होने का अंदेशा बढ़ जाता है। इसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।
  • फूड सेफ्टी स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआइ) ने पोटेशियम आयोडेट का हवाला देते हुए कहा कि इसका मामला एक वैज्ञानिक पैनल को भेजा गया है।

इसके संबंध में अधिसूचना जारी की जा चुकी है। जहां तक पोटेशियम आयोडेट का स

देश में सड़क निर्माण में होगा कूड़े का इस्तेमाल

  • सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएसआइआर-सीआरआरआइ) ने शहरी कूड़े के बेहतर निस्तारण के लिए एक अनोखा विकल्प खोज निकाला है। इसके तहत कूड़े-कचरे का इस्तेमाल अब सड़क निर्माण में भी किया जा सकेगा।
  • सीआरआरआइ दिल्ली के गाजीपुर लैंड फिल के कूड़े पर शोध कर रहा था। शोध के बाद सीआरआरआइ ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है और इसमें कहा है कि गाजीपुर लैंड फिल का60 फीसद कूड़ा एनएच 24 के निर्माण में प्रयोग किया जा सकता है।
  • रिपोर्ट 30 जून तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंप दी जाएगी। वैज्ञानिकों ने कूड़े के सड़क में इस्तेमाल के स्वरूप, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव व अन्य पह

FDI से रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' को मिलेगा बढ़ावा

  • रक्षा क्षेत्र में "मेक इन इंडिया" को बढ़ावा देने और देश में निवेश व रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार ने बेहद संवेदनशील रक्षा क्षेत्र में भी अब प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) को ज्यादा आसान कर दिया है।
  • पहले 49 फीसदी से ज्यादा के एफडीआइ के मामलों को सरकार तभी मंजूरी देती थी, जब इससे भारत में आधुनिकतम (स्टेट आफ आर्ट) तकनीक का आना सुनिश्चित होता हो। लेकिन अब इसकी अनिवार्यता हटा दी गई है

- रक्षा क्षेत्र की कंपनियों में 49 फीसदी तक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश ऑटोमेटिक रूट के जरिये किया जा सकता है। इससे ज्यादा के एफडीआइ के मामलों में सरकार से विश