Daily Current Affairs

घाटे में चल रहे सरकारी उपक्रमों को अब गरीबों के घर बनाकर उबारने का प्रयास

घाटे में चल रहे सरकारी उपक्रमों को अब गरीबों के घर (housing of poor) बनाकर उबारने का प्रयास किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) ने शहरी विकास मंत्रलय को भेजा है। मंत्रलय से हरी झंडी मिलते ही काम प्रारंभ हो जाएगा। 
    केंद्र सरकार के 73 सरकारी उपक्रम (पीएसयू) ऐसे हैं जो घाटे में चल रहे हैं। इन्हीं में से नौ उपक्रमों को नया जीवन देने के लिए एनबीसीसी ने बीड़ा उठाया है। 
    एनबीसीसी की योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए घर तैयार करने की है।

Day 53: 2018 Roadmap To Mussoorie

Subject : Economics/ अर्थशास्त्र

Chapter Name - Banking system India - I

Banking Sector Evolution India & Nationalization of Banks, SARFESI,BASEL, Narsimhan Committee

Chapter Name - Banking system India - II

Financial inclusion_ PMJDY, KVP, Rupay, Small Banks-Payment Banks, Global Crisis and Indian Bank, CDR, NBFC-MFI

Chapter no : 9 & 10

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 30.67 लाख में से केवल 2.9 लाख लोगों को ही रोजगार देने में कामयाब


    केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) रोजगार देने के मामले में जूझ रही है. 
    जुलाई, 2017 तक इस योजना के तहत 30.67 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया गया या फिर उनका प्रशिक्षण चल रहा है. 
    हालांकि, इनमें से केवल 2.9 लाख को ही रोजगार मिल पाया है. 
     केंद्र सरकार बेहतर नतीजे हासिल करने के लिए अब इस योजना को छोटे स्तर (जिला) पर केंद्रित करने पर विचार कर रही है. दो

पश्चिमी दुनिया में हो रहे आतंकी हमलों की जड़ें पाकिस्तान में हैं : UN Expert

Terrorism attack in western countries are increasing and according to an expert panel of UN roots of it can be traced to Pakistan.
#Satyagriha
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने पाकिस्तान पर आतंकी समूहों को आश्रय और आर्थिक मदद देने के गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि :
    पश्चिम जगत और दक्षिण एशिया में हुईं आतंकी घटनाओं के लिए पाकिस्तान ज़िम्मेदार है. 

देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) के जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मूलभूत परिवर्तन के लिए कदम


विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) के जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मूलभूत परिवर्तन के लिए कई कदम उठाए हैं। समावेशी विकास के संदर्भ में डीबीटी ने कई कार्यक्रमों और मिशनों की घोषणा की है। डीबीटी ने 'उत्तर पूर्वी क्षेत्र बायोटेक्नोलॉजी प्रोग्राम मैनेजमेंट सेल (एनईआर-बीपीएमसी)' का गठन किया है। इसका वार्षिक निवेश 180 करोड़ रुपये है। यह पूर्वोत्तर  क्षेत्र में जैव प्रौद्योगिकी शोध को गति प्रदान करेगा।