Daily Current Affairs

मंत्रिमंडल ने खेलो इंडिया के पुनरूद्धार को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2017-18 से 2019-20 की अवधि के लिए 1,756 करोड़ रूपये के खेलो इंडिया कार्यक्रम के पुनरूद्धार को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस कार्यक्रम को व्‍यक्तिगत विकास, सामुदायिक विकास, आर्थिक विकास और राष्‍ट्रीय विकास के रूप में खेलों को मुख्‍य धारा से जोड़े जाने के फलस्‍वरूप भारतीय खेलों के इतिहास में यह एक उल्‍लेखनीय उपलब्‍धि का क्षण है।
पुनरूद्धार किए गए कार्यक्रम का प्रभाव संरचना, सामुदायिक खेल, प्रतिभा की खोज, उत्‍कृष्‍टता के लिए कोचिंग,प्रतिस्‍पर्धागत ढांचा तथा खेल की अर्थव्‍यवस्‍था सहित सम्‍पूर्ण खेल प्रणाली पर पड़ेगा।

सिंगापुर पूर्वोत्तर भारत में कौशल विकास केन्‍द्र का निर्माण करेगा

    सिंगापुर सरकार पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की आवश्‍यकताओं को ध्‍यान में रखते हुए गुवाहाटी में कौशल विकास केन्‍द्र का निर्माण करेगा। 
    पूर्वोत्‍तर गुवाहाटी में कौशल विकास केन्‍द्र की स्‍थापना को लेकर सिंगापुर और असम की सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पहले ही तैयार किया जा चुका है।
     कौशल विकास केन्‍द्र का निर्माण कार्य 2019 तक पूरे होने की संभावना है। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय इस पहल का संयोजन करेगा।

अनुभव’ प्‍लेटफॉर्म (Anubhav Platform)


   Anubhav  एक ऐसा प्‍लेटफॉर्म है जहां सेवानिवृत्‍त कर्मचारी सरकार के साथ अपनी कार्य के ‘अनुभव’ को बांटते हैं।
    अनुभव’ योजना (Anubhav  Scheme) प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के आह्वाहन पर की गई है ताकि सेवानिवृत्‍त कर्मचारी अपने अनुभवों को बताएं। ऐसे अनुभव जिनसे भविष्‍य में सरकारी क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों के लिए महत्‍वपूर्ण अनुभव हासिल हो सके।
     इन अनुभ्‍वों में ऐसा संदेश होना चाहिए जिससे सरकारी कार्यालयों में कार्य करने वाले व्‍यक्तियों को प्रोत्‍साहन और प्रेरणा मिल सके।

Robot: Are they dangerous for Jobs

We need fear from Robots. They are not detrimental for job creation but will ease work of Humans
#Navbharat_Times
Robot आज की हमारी दुनिया में आशा और आशंका दोनों का एक बड़ा स्रोत बने हुए हैं। जहां एक तरफ उनसे मिलने वाली सुविधाएं हमें आकृष्ट कर रही हैं वहीं दूसरी तरफ यह खतरा भी मुंह बाए खड़ा है कि ये हमारे युवाओं से रोजगार के मौके छीन लेंगे। 
इसी संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र की एक ताजा स्टडी रिपोर्ट ने सबका ध्यान खींचा है जो बता रही है कि: