लॉजिस्टिक्‍स क्षेत्र को बुनियादी ढांचागत क्षेत्र का दर्जा मिला


    लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बुनियादी ढांचागत क्षेत्र का दर्जा दे दिया गया है। विकसित देशों के मुकाबले भारत में लॉजिस्टिक्स लागत अत्‍यंत ज्‍यादा होने के तथ्‍य को ध्‍यान में रखते हुए पिछले कुछ समय से लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के एकीकृत विकास की जरूरत महसूस की जा रही थी। 
    लॉजिस्टिक्स लागत ज्‍यादा होने से घरेलू एवं निर्यात दोनों ही बाजारों में भारतीय वस्‍तुओं की प्रतिस्‍पर्धी क्षमता घट जाती है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के विकास से घरेलू एवं बाह्य दोनों ही मांग काफी बढ़ जाएगी, जिससे विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और ‘रोजगार सृजन’ सुनिश्चित होगा तथा इस तरह यह देश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्‍पाद) वृद्धि दर बेहतर करने में मददगार साबित होगा।
    इससे लॉजिस्टिक्‍स क्षेत्र को बढ़ी हुई सीमा के साथ आसान शर्तों पर बुनियादी ढांचागत ऋण प्राप्‍त करने, विदेशी वाणिज्यिक ऋणों (ईसीबी) के रूप में विशाल धनराशि तक अपनी पहुंच सुनिश्चित करने और बीमा कंपनियों तथा पेंशन फंड की लंबी अवधि वाली धनराशि तक अपनी पहुंच कायम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा लॉजिस्टिक्‍स क्षेत्र को इंडिया इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर फाइनेंसिंग कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) से ऋण मिलना भी संभव हो जाएगा।
 

Download this article as PDF by sharing it

Thanks for sharing, PDF file ready to download now

Sorry, in order to download PDF, you need to share it

Share Download
Tags