PIB (Press Information Bureau)

UPSC / State PSC की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को PIB की जरुरत क्यों ?

भारत सरकार के विभिन्न अंगों यथा – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका से सम्बंधित गतिविधियों की प्रामाणिक सूचना देने के लिए सरकार द्वारा PIB की स्थापना की गयी.

भारत सरकार की विभिन्न नीतियों, विधिक- कानूनों, उसके क्रिया- कलापों, पडोसी एवं अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों और समझौतों, नयी- नयी पहलों को PIB के माध्यम से जनता तक पहुँचाया जाता है.

सिविल सेवकों की भर्ती के लिए आयोजित होने वाली सिविल सेवा की विभिन्न परीक्षाओं जैसे UPSC और स्टेट PCS द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इन सूचनाओं का महत्त्व अध्याधिक बढ़ जाता है.

ऐसे में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में PIB के महत्त्व को नकारा नहीं जा सकता. #GSHindi आप सभी सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के लिए PIB के रूप में एक नया सेक्शन शुरू करने जा रहा है. यहाँ पर आपको PIB के महत्वपूर्ण आर्टिकल के अपडेटस रेगूलर बेस पर प्राप्त होते रहेंगे. तो PIB के updates पाने के लिए हमसे जुड़े रहिये.


 

 मजदूरी विधेयक 2017 सम्‍बंधी संहिता

श्रम कानून सुधारों के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। सरकार ने 38 श्रम अधिनियमों को तर्कसंगत बनाने की शुरूआत की है। इसके तहत 4 श्रम संहिताएं तैयार की जा रही हैं, जिनमें मजदूरी सम्‍बंधी संहिता, औद्योगिक सम्‍बंधों के लिए संहिता, सामाजिक सुरक्षा सम्‍बंधी संहिता तथा पेशागत सुरक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य

प्रधानमन्त्री द्वारा BRICS में प्रस्तावित 10 प्रतिबद्धताएं

  • एक सुरक्षित दुनिया बनाना: कम से कम तीन मुद्दों: आतंकवाद की रोकथाम, साइबर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर संगठित एवं समन्वित कार

कालेधन, कर आधार बढ़ाने और प्रत्‍यक्ष कर संग्रह पर विमुद्रीकरण (demonetisation) का प्रभाव

सरकार ने विमुद्रीकरण (demonetisation) के साथ कालेधन के खिलाफ एक महत्‍वपूर्ण कदम उठाते हुए संगठित अभियान की शुरूआत की। विमुद्रीकरण का मुख्‍य उद्देश्‍य कालेधन को निकालना और कर का आधार बढ़ाने के लिए गैर-औपचारिक अर्थव्‍यवस्‍था को औपचारिक अर्थव्‍यवस्‍था में बदलना था। कालेधन, कर आधार का दायरा बढ

उभरते भारत में वित्‍तीय समावेशन

''वित्‍तीय समावेशन (financial inclusion) '' एक ऐसा मार्ग है जिस पर सरकारें आम आदमी को अर्थव्‍यवस्‍था के औपचारिक माध्‍यम में शामिल करके ले जाने का प्रयास करती है ताकि यह सुनिश्‍चित किया जा सके कि अंतिम छोर पर खड़ा व्‍यक्‍ति भी आर्थिक विकास के लाभों से वंचित न रहे तथा उसे अर्थव्‍यवस्‍था की

Black money, कर आधार बढ़ाने और प्रत्‍यक्ष कर संग्रह पर विमुद्रीकरण का प्रभाव

सरकार ने विमुद्रीकरण के साथ कालेधन (black money) के खिलाफ एक महत्‍वपूर्ण कदम उठाते हुए संगठित अभियान की शुरूआत की। विमुद्रीकरण का मुख्‍य उद्देश्‍य कालेधन को निकालना और कर का आधार बढ़ाने के लिए गैर-औपचारिक अर्थव्‍यवस्‍था को औपचारिक अर्थव्‍यवस्‍था में बदलना था। कालेधन, कर आधार का दायरा बढ़ाने और