PIB (Press Information Bureau)

 

UPSC / State PSC की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को PIB की जरुरत क्यों ?

भारत सरकार के विभिन्न अंगों यथा – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका से सम्बंधित गतिविधियों की प्रामाणिक सूचना देने के लिए सरकार द्वारा PIB की स्थापना की गयी.

भारत सरकार की विभिन्न नीतियों, विधिक- कानूनों, उसके क्रिया- कलापों, पडोसी एवं अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों और समझौतों, नयी- नयी पहलों को PIB के माध्यम से जनता तक पहुँचाया जाता है.

सिविल सेवकों की भर्ती के लिए आयोजित होने वाली सिविल सेवा की विभिन्न परीक्षाओं जैसे UPSC और स्टेट PCS द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इन सूचनाओं का महत्त्व अध्याधिक बढ़ जाता है.

ऐसे में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में PIB के महत्त्व को नकारा नहीं जा सकता. #GSHindi आप सभी सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के लिए PIB के रूप में एक नया सेक्शन शुरू करने जा रहा है. यहाँ पर आपको PIB के महत्वपूर्ण आर्टिकल के अपडेटस रेगूलर बेस पर प्राप्त होते रहेंगे. तो PIB के updates पाने के लिए हमसे जुड़े रहिये.


 

ई- कृषि संवाद

  • यह किसानों को एक विशिष्‍ट इंटरनेट आधारित ऑनलाईन मंच प्रदान करेगा जिससे हितकारी सीधे, प्रभावी एवं सुगम संवाद कर अपनी समस्‍याओं का समाधान प्राप्‍त कर सकते है। 
  • यह मंच विभिन्‍न वर्गों के हितकारकों जैसे किसानों विद्यार्थियों, उद्यमियों, अनुसंधानकर्ताओं एवं कृषि क्षेत्र अभिरूच रखने वाले तथा संबंधित क्षेत्रों को अपनी सेवाएं प्रदान करेगा।
  •  हितधारक अपनी समस्‍याओं का समाधान, संस्‍थानों के विषय वस्‍तु विशेषज्ञों से सीधे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् की वेबसाइट http://www.icar.org.in जाकर इंटरनेट एवं SMS के द्वारा प्राप्‍त कर सकते हैं। पशुपालन एवं मछली इत्‍यादी के बिमारियों से स

तेजी से होता कौशल विकास

आज के समय में किसी भी देश की आर्थिक वृद्धि के लिए “कौशल विकास” और “ज्ञान” अति आवश्यक है। भारत जैसे देश के लिए यह और भी महत्वपूर्ण है, जहां प्रतिवर्ष लगभग 13 मिलियन युवा रोजगार बाजार में प्रवेश करते हैं। इसके अलावा अन्य कारणों से भी देश की आर्थिक वृद्धि के लिए “कौशल विकास” महत्वपूर्ण होता है। हमारे देश में औद्योगिक जगत में लगभग 4 प्रतिशत कुशल श्रम बल की कमी का अनुमान है, जो 20 वर्षों में 32 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी। यह संकेत है कि भारत कुशल श्रमिक बल के लिए एक केंद्र बनने को तैयार है, इसलिए कौशल विकास सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। भविष्य में अनुमानित कुशल श्रम बल

गांधी और सहकारिता

यह महात्मा गांधी के चम्पारण सत्याग्रह का शताब्दी वर्ष है। सूदूर चम्पारण में निल्हे कोठी के किसानों को अंग्रेजों ने व्यापार की सफलता के लिए दास बना रखा था। अप्रैल 1917 में गांधी ने मोतिहारी पहुंचकर किसानों केदासता की मुक्ति का बिगुल फूंका। उसकी धमक से अपराजेय अंग्रेजों की सल्तनत हिल गई। आखिरकार चम्पारण सत्याग्रह के तीस वर्ष बाद अग्रेजों को बोरिया बिस्तर बांधकर जाने को विवश होना पड़ा। सत्याग्रहों की सबलताऔर आत्मप्रयोगों के आधार पर महात्मा गांधी ने आजाद भारत को आत्मनिर्भर बनाने का सपना बुना था। उनमें सहकारी उद्यमिता को प्रमुख था। वह भारत को सक्षम एवं स्वावलंबी देखना

सामाजिक और वित्तीय समावेश

पिछले तीन वर्षों के दौरान हमने वंचित लोगों के लिए सामाजिक न्याय के विषय में बुनियादी बदलाव होते देखा है। राजीनति अब कल्याणकारी और मालिकाना पक्ष से हटकर सशक्तिकरण पर अधिक केंद्रित हो रही है। सरकार समाज के सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को अधिकार संपन्न बनाने के लिए कई उपाय कर रही है। इस आलेख में मौजूदा शासन द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की गई है। इसके तहत सामाजिक न्याय और आमूल विकास पर ध्यान दिया जा रहा है, जिसके तहत गांव के अंतिम व्यक्ति को लाभ होगा। यह अंत्योदय के सिद्धांतों का परिचायक है। पिछले तीन सालों के दौरान सरकार के वार्षिक वित्तीय बयान यह बताते हैं कि

राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय इस्पात नीति (एनएसपी) 2017 को अपनी मंजूरी दी है।
 

नई इस्पात नीति से इस्पात क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की दीर्घकालिक दृष्टि परिलक्षित होती है। इसके तहत घरेलू इस्पात की खपत बढ़ाने, उच्च गुणवत्ता वाले इस्पात का उत्पादन सुनिश्चित करने और इस्पात उद्योग को तकनीकी रूप से उन्नत एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। एनएसपी 2017 की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

कैबिनेट ने नई केंद्रीय क्षेत्र योजना - संपाडा (कृषि-समुद्री प्रसंस्करण और कृषि-प्रसंस्करण क्लस्टर के विकास के लिए योजना) को मंजूरी दी

कैबिनेट समिति ने नई केंद्रीय क्षेत्र योजना - संपाडा (कृषि-समुद्री प्रसंस्करण और कृषि-प्रसंस्करण क्लस्टर के विकास के लिए योजना) के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की योजनाओं को पुन: व्यवस्थित करने के लिए अनुमोदित कर दिया है। यह अनुमोदन 14वें वित्त आयोग के चक्र के साथ 2016-20 अवधि के लिए दिया गया है।

ब्रह्मोस ब्लॉक-3 का लगातार दूसरे दिन सफल परीक्षण

दक्षिण पश्चिमी कमान ‘सट्राइक वन’ ने भूमि पर प्रहार करने वाली क्रूज़ मिसाइल प्रणाली से युक्त अत्याधुनिक ब्रह्मोस ब्लॉक – 3 का अंडमान निकोबार में लगातार दूसरे दिन सफल परीक्षण किया। 

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण मंच की दो दिवसीय बैठक

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण मंच (एनपीडीआरआर) की दूसरी बैठक 15-16 मई 2017 को नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी। बैठक का विषय ‘सतत विकास के लिए आपदा जोखिम न्यूनीकरणः वर्ष 2030 तक भारत को इस क्षेत्र में सशक्त बनाना’। इस दौरान ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण का राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्यः सेंडई और इसके आगे’ से संबंधित पूर्ण अधिवेशन के अलावा एक मंत्रीस्तरीय विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इस बैठक के दौरान पांच तकनीकी सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिनका विषय- ‘आपदा जोखिम की समझः आपदा जोखिम प्रबंधन के लिए आपदा जोखिम के न्यूनीकरण को मज़बूत करना’, ‘लचीलापन लाने के लिए आपदा जोखिम न्यूनीकरण

विद्या वीरता अभियान

  • स्टूडेंट्स फॉर सोल्जर्स: विद्या वीरता अभियान' नाम से चलाए जा रहे इस कैंपेन की शुरुआत JNU, DU, जामिया मिलिया इस्लामिया से । 
  • कैंपस में परमवीर चक्र विजेताओं की तस्वीर के साथ ही 'वॉल ऑफ हीरोज' कैंपेन भी लॉन्च किया
  • देशभर की यूनिवर्सिटी, कॉलेज और हायर एजुकेशनल इंस्टिट्यूट्स में इन वीर योद्धाओं के नाम से एक वॉल बनाई जाएगी जिसमें इन हीरोज की तस्वीरें होंगी। कम से कम 1000 शिक्षण संस्थानों में ऐसा करने की योजना है

गाड़ियों पर लाल बत्ती लगाने की परंपरा का अंत – वीआईपी संस्कृति के लिए बड़ा झटका

ग्रीस के प्रसिद्ध दार्शनिक ने कहा था कि ‘अच्छी शुरुआत आधी सफलता होती है’। सरकारी गाड़ियों पर लाल बत्ती लगाने की संस्कृति को खत्म करने के लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया निर्णय इस दिशा में लड़े जा रहे युद्ध के खिलाफ एक अच्छी शुरुआत है।