PIB (Press Information Bureau)

UPSC / State PSC की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को PIB की जरुरत क्यों ?

भारत सरकार के विभिन्न अंगों यथा – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका से सम्बंधित गतिविधियों की प्रामाणिक सूचना देने के लिए सरकार द्वारा PIB की स्थापना की गयी.

भारत सरकार की विभिन्न नीतियों, विधिक- कानूनों, उसके क्रिया- कलापों, पडोसी एवं अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों और समझौतों, नयी- नयी पहलों को PIB के माध्यम से जनता तक पहुँचाया जाता है.

सिविल सेवकों की भर्ती के लिए आयोजित होने वाली सिविल सेवा की विभिन्न परीक्षाओं जैसे UPSC और स्टेट PCS द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इन सूचनाओं का महत्त्व अध्याधिक बढ़ जाता है.

ऐसे में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में PIB के महत्त्व को नकारा नहीं जा सकता. #GSHindi आप सभी सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के लिए PIB के रूप में एक नया सेक्शन शुरू करने जा रहा है. यहाँ पर आपको PIB के महत्वपूर्ण आर्टिकल के अपडेटस रेगूलर बेस पर प्राप्त होते रहेंगे. तो PIB के updates पाने के लिए हमसे जुड़े रहिये.


 

अशांति की संस्कृति के प्रचार की बजाय, तार्किक विचार-विमर्श और वाद-विवाद में भाग लें विश्‍वविद्यालयों के छात्र और शिक्षक: राष्‍ट्रपति

हमारे प्रमुख उच्चतर शिक्षण संस्थान ऐसे माध्‍यम हैं, जिनसे भारत अपने को सुविज्ञ समाज के रूप में स्थापित कर सकता है। ज्ञान के इन मंदिरों में रचनात्मकता और स्वतंत्र चिंतन की गूंज होनी चाहिए। विश्‍वविद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को अशांति की संस्कृति के प्रचार की बजाय, तार्किक विचार-विमर्श और वाद-विवाद में भाग लेना चाहिए। उन्‍हें हिंसा और अशांति के भंवर में फंसे देखना दुखद है।

दूसरे राज्‍यों से आए लोगों के हितों की रक्षा के लिए कानूनी रूपरेखा तैयार करने की सिफारिश

सन्दर्भ

सरकार द्वारा गठित किये गये एक पैनल ने यह कहते हुए देश भर में दूसरे राज्‍यों से आए लोगों (माइग्रेंट) के हितों की रक्षा के लिए आवश्‍यक कानूनी एवं नीतिगत रूपरेखा तैयार करने की सिफारिश की है कि इस तरह के लोग आर्थिक विकास में व्‍यापक योगदान करते हैं। पैनल का कहना है कि इसके मद्देनजर दूसरे राज्‍यों से आए लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने की जरूरत है।

क्या कहा पैनल ने

रेल मंत्री ने भारतीय रेलवे के प्रमुख माल ढुलाई कदमों का आगाज किया

रेल मंत्री ने राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में निम्नलिखित प्रमुख माल ढुलाई कदमों का आगाज किया:

1. प्रमुख उपभोक्ताओं के लिए दीर्घकालिक अनुबंधोंकी नीति

रिकार्ड फसल उत्पादन होना तय : भारतीय किसान खाद्य और अच्छी प्रेरणा उपलब्ध कराते हैं:

भारत 2016-17 में खाद्यानों का रिकार्ड उत्पादन दर्ज कराएगा। दाल कृषि उत्पादन क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का एक उच्च बिन्दु होगा और इसके लिए प्रेरणादायक साबित होगा कि किस प्रकार नीतिगत युक्तियां और किसानों तक पहुंच उन्हें भयंकर कमी की स्थिति से निकालकर लगभग आत्मनिर्भरता की स्थिति तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।

कृषि क्षेत्र दहाई के आंकड़े में वृद्धि की ओर

सरकार का कृषि क्षेत्र पर नए सिरे से बल देना , गरीबी को पूरी तरह से समाप्त करने और देश की विकास गाथा में ग्रामीण गरीबों को अभिन्न अंग बनाने की सोची समझी कार्यनीति है। दरअसल इस प्रकार के व्यय से जमीनी हकीकत में कोई बदलाव नहीं आया और यह अस्थायी राहत साबित हुआ। लेकिन अनुभव के आधार पर सरकार ने लोगों को एक व्यवहार्य कैरियर विकल्प के रूप में कृषि को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते स्थायी ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए योजनाएं शुरू की है।                                                 

सिक्किम ‘उदय’ योजना में शामिल होने वाला 22वां राज्य

भारत सरकार और सिक्किम ने आज उज्जवल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) के तहत राज्य के बिजली वितरण विभाग के परिचालन में सुधार के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। एमओयू पर हस्ताक्षर करने के साथ ही उदय के अंतर्गत आने वाले राज्यों की संख्या 22 हो गयी है।           

Benefit through UDAY schemes*:--- 

भारत में भाषा विविधता का संरक्षण

भारत दुनिया के उन अनूठे देशों में से एक है जहां भाषाओं में विविधता की विरासत है। भारत के संविधान ने 22 आधिकारिक भाषाओं को मान्यता दी है। बहुभाषावाद भारत में जीवन का मार्ग है क्योंकि देश के विभिन्न भागों में लोग अपने जन्म से ही एक से अधिक भाषा बोलते हैं और अपने जीवनकाल के दौरान अतिरिक्त भाषाओं को सीखते हैं।  - हालांकि आधिकारिक तौर पर यहाँ 122 भाषाएं हैं, भारत के लोगों के भाषाई सर्वेक्षण में 780 भाषाओं की पहचान की गई है, जिनमें से 50 पिछले पांच दशकों में विलुप्त हो चुकी हैं।

विश्व सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर भारत निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्प

The principle of social justice

मार्टिन लूथर किंग ने कहा था कि जहां भी अन्याय होता है वहां न्याय को खतरा है। यह केवल वैधानिक न्याय के बारे में ही नहीं है। विवेकपूर्ण समाज से समावेशी प्रणाली के लिए रंग, नस्ल, वर्ग, जाति जैसी किसी भी प्रकार की सामाजिक बाधा से परे न्याय सुनिश्चित करने की उम्मीद की जाती है, ताकि कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न हो।               

तृतीय राष्ट्रीय बांध सुरक्षा सम्मेलन आयोजित

  • उत्तराखंड जल विद्युत निगम एवं आईआईटी रूड़की के सहयोग से केन्द्रीय जल आयोग द्वारा आयोजित
  • इस सम्मेलन में बांध सुरक्षा के क्षेत्र में प्रमुख चुनौतियों पर ध्यान केन्द्रित किया गया, जिनका सामना वर्तमान में जारी बांध सुरक्षा पुनर्वास एवं सुधार परियोजना (डीआरआईपी) के कार्यान्वयन में करना पड़ रहा  
  • बांधों ने तेज एवं सतत कृषि तथा ग्रामीण प्रगति और विकास को बढ़ावा देने में प्रमुख भूमिका निभाई है, जोकि आजादी के बाद से भारत सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में रही है। पि