PIB (Press Information Bureau)

UPSC / State PSC की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को PIB की जरुरत क्यों ?

भारत सरकार के विभिन्न अंगों यथा – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका से सम्बंधित गतिविधियों की प्रामाणिक सूचना देने के लिए सरकार द्वारा PIB की स्थापना की गयी.

भारत सरकार की विभिन्न नीतियों, विधिक- कानूनों, उसके क्रिया- कलापों, पडोसी एवं अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों और समझौतों, नयी- नयी पहलों को PIB के माध्यम से जनता तक पहुँचाया जाता है.

सिविल सेवकों की भर्ती के लिए आयोजित होने वाली सिविल सेवा की विभिन्न परीक्षाओं जैसे UPSC और स्टेट PCS द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इन सूचनाओं का महत्त्व अध्याधिक बढ़ जाता है.

ऐसे में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में PIB के महत्त्व को नकारा नहीं जा सकता. #GSHindi आप सभी सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के लिए PIB के रूप में एक नया सेक्शन शुरू करने जा रहा है. यहाँ पर आपको PIB के महत्वपूर्ण आर्टिकल के अपडेटस रेगूलर बेस पर प्राप्त होते रहेंगे. तो PIB के updates पाने के लिए हमसे जुड़े रहिये.


 

CriSidEx: First sentiment index of India

     भारत का पहला एमएसई मनोभाव सूचकांक 
     लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के लिये क्रिसिल और सिडबी द्वारा संयुक्त रूप से विकसित
     क्रिसिडेक्स एक सम्मिश्रित इंडेक्स है जिसे 8 अलग-अलग सूचकांकों को मिला कर तैयार किया गया है और यह लघु एवं मध्यम क्षेत्र के बारे में व्यापारिक सोच को 0 (बिलकुल ही नकारात्मक) से 200 (पूर्ण रूप से सकारात्मक) के पैमाने पर मापता है। नवंबर-दिसंबर 2017 में 1100 लघु एवं मध्यम इकाइयों से मिली जानकारी के आधार पर इन मानकों को तय किया गया था।

दीपोर बील में विश्‍व आद्रभूमि दिवस समारोह


     प्रत्‍येक वर्ष 02 फरवरी को विश्‍व आद्र भूमि दिवस मनाया जाता है। इसी दिन आद्र भूमि रामसर समझौते को अपनाया गया था। 
     आद्र भूमि पर समझौते को रामसर समझौता कहा जाता है। यह अंतर सरकारी संधि है, जो आद्र भूमि के संरक्षण और उचित उपयोग तथा उनके संसाधनों के लिए राष्‍ट्रीय कार्रवाई तथा अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग का ढांचा प्रदान करती है। 
     यह समझौता 1971 में ईरान के रामसर शहर में अपनाया गया। भारत 1982 से इस समझैते का सदस्‍य है और आद्र भूमि के उचित इस्‍तेमाल में रामसर दृष्टिकोण के प्रति संकल्‍पबद्ध है।

Important takeaway from BUDGET 2018-19



केंद्रीय वित्‍त और कॉरपोरेट मामले मंत्री ने संसद में आम बजट 2018-19 पेश करते हुए कहा कि सरकार विनिर्माण सेवाओं और निर्यातों के क्षेत्र में आठ प्रतिशत से अधिक की आर्थिक विकास दर प्राप्‍त करने के प्रति वचनबद्ध है। 2017-18 की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्‍पाद की 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर ने अर्थव्‍यवस्‍था में महत्‍वपूर्ण बदलाव आने के संकेत दिए थे। वित्‍त वर्ष की दूसरी छमाही में सकल घरेलू उत्‍पाद में 7.2 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने की आशा है।

एकल खिड़की ऑनलाइन मार्केट प्‍लेस के रूप में national logistics portal तैयार


केंद्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री ने संसद में आम बजट 2018-19 को प्रस्‍तुत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘न्‍यूनतम सरकार और अधिकतम शासन’ के दृष्‍टिकोण के साथ हमेशा सुशासन पर जोर दिया है। इस दृष्‍टि ने सरकारी एजेंसियों को नीतियों, नियमों और प्रक्रियाओं में सैकड़ों सुधार करने के लिए प्रेरित किया है। इस बदलाव की झलक विश्‍व बैंक की कारोबारी सुगमता रैंकिंग में पिछले तीन साल के दौरान भारत के 42 पायदान सुधार के साथ पहली बार शीर्ष 100 की जमात में शामिल होने में मिलती है।

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय से संबंधित बजट 2018-19 के मुख्‍य बिन्‍दु Agriculture Budget

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय का बजटीय आवंटन वर्ष 2017-18 में 51,576 करोड़ था, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर 58,080 करोड़ कर दिया गया है।
सरकार जहां विभिन्‍न फसलों की उत्‍पादकता तथा उत्‍पादन बढ़ाने के लिए प्रयासरत है वहीं किसानों को उनकी फसल का सही मूल्‍य मिल सके, इसके लिए भी कटिबद्ध है। इस दिशा में निम्‍नांकित घोषणाएं की गई हैं-:

मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के उपाय


मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता रही है। सरकार ने इसके लिए कई कदम उठाए हैं, जो निम्नलिखित हैं:
     जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और कम आपूर्ति वाली वस्तुओं की कालाबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु अनुरूप अधिनियम, 1980 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जरूरत पड़ने पर समय-समय पर राज्य सरकारों को परामर्शिकाएं जारी की जा रही हैं।

2017-18 के दौरान औसत मुद्रास्फीति दर पिछले छह सालों में सबसे कम

    2017-18 के दौरान देश में मुद्रास्फीति की दर मध्यम रही। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर 3.3 फीसदी रही, जो कि पिछले छह वर्षों में सबसे कम है।
     आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक हाउसिंग, ईंधन और लाइट को छोड़कर सभी बड़े कमोडिटी क्षेत्रों में मुद्रास्फीति दर में यह कमी दर्ज की गई। नवबंर 2016 से अक्टूबर 2017 यानी पूरे 12 महीने के दौरान मुख्य मुद्रास्फीति दर 4 फीसदी से नीचे दर्ज की गई। जबकि चालू वित्त वर्ष अप्रैल-दिसंबर के दौरान उपभोक्ता मूल्य सूचकांक औसतन करीब एक फीसदी रहा।

विश्व आहार एवं कृषि सभा

    जर्मनी के बर्लिन में चल रही दसवीं विश्व आहार एवं कृषि सभा 
    पशुओं के भविष्य को दिशा देना - जिम्मेदारी भरे, कुशल और स्थायी तरीके से, इस विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में 69 कृषि मंत्रियों के साथ-साथ 6 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भी शामिल हुये जिसमें एफएओ, विश्व व्यापार संगठन और पशु स्वास्थ्य के लिये विश्व संगठन (ओआईई) के प्रमुख भी शामिल हैं।
    Subject: "Shaping the Future of Livestock – sustainably, responsibly, efficiently”