जलवायु परिवर्तन की नई चुनौतियां

#Editorial_Business Standard

In news:

अमेरिका के डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन ने संकेत  दिया है कि वह पेरिस में 2015 में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन समझौते में जताई गई प्रतिबद्घताओं से पीछे हट सकता है। यह बात मायने रखती है क्योंकि अमेरिका वैश्विक ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में 14 फीसदी का जिम्मेदार है। अमेरिका का इस समझौते से पीछे हटना अन्य देशों को भी इसके लिए प्रोत्साहित कर सकता है। 

 

भारतीय आईटी सेक्टर का संकट अर्थव्यवस्था के दूसरे क्षेत्रों के लिए भी बड़ी चेतावनी

#Editorial Indian Express

IT Sector in Crisis

मेक इन इंडिया कार्यक्रम ठीक उसी क्षेत्र में लड़खड़ाता हुआ दिख रहा है जिसके बारे में यह अनुमान लगाया जाता था कि वह भविष्य की चुनौतियों का सामना सबसे बेहतर तरीके से कर सकता है. भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र (आईटी सेक्टर) के विकास की इमारत मुख्य रूप से निजी कंपनियों की बुनियाद पर खड़ी है. लेकिन इस वक्त इन कंपनियों के हजारों कर्मचारियों पर छंटनी का खतरा मंडरा रहा है.

Report on IT Jobs:

पाकिस्तान के भीतर भी संप्रभुता का सवाल और OBOR

भारत और OBOR

चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना द बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव को लेकर बीते दिनों बीजिंग में आयोजित सम्मेलन में भारत ने हिस्सा नहीं लिया. चीन पाकिस्तान औद्योगिक गलियारा (सीपेक) भी इस परियोजना का हिस्सा है जिसका भारत संप्रभुता के आधार पर विरोध कर रहा है. यह गलियारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजर रहा है. भारत ने इस पर आपत्ति जताते हुए चीन की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से खुद को अलग रखने का निर्णय लिया है.

पकिस्तान में सवाल