PIB (Press Information Bureau)

UPSC / State PSC की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को PIB की जरुरत क्यों ?

भारत सरकार के विभिन्न अंगों यथा – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका से सम्बंधित गतिविधियों की प्रामाणिक सूचना देने के लिए सरकार द्वारा PIB की स्थापना की गयी.

भारत सरकार की विभिन्न नीतियों, विधिक- कानूनों, उसके क्रिया- कलापों, पडोसी एवं अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों और समझौतों, नयी- नयी पहलों को PIB के माध्यम से जनता तक पहुँचाया जाता है.

सिविल सेवकों की भर्ती के लिए आयोजित होने वाली सिविल सेवा की विभिन्न परीक्षाओं जैसे UPSC और स्टेट PCS द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इन सूचनाओं का महत्त्व अध्याधिक बढ़ जाता है.

ऐसे में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में PIB के महत्त्व को नकारा नहीं जा सकता. #GSHindi आप सभी सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के लिए PIB के रूप में एक नया सेक्शन शुरू करने जा रहा है. यहाँ पर आपको PIB के महत्वपूर्ण आर्टिकल के अपडेटस रेगूलर बेस पर प्राप्त होते रहेंगे. तो PIB के updates पाने के लिए हमसे जुड़े रहिये.


 

नमामि गंगे कार्यक्रम में सहयोग करेगा कॉर्पोरेट जगत

गंगा नदी को निर्मल और अविरल बनाने की महत्वाकांक्षी योजना ‘‘ नमामि गंगे'' को सफल बनाने के लिए कार्पोरेट जगत ने सहयोग देने की इच्छा जाहिर की है। विभिन्न कंपनियों ने कार्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत इसमें सहयोग देने की बात कही है।

तंगलिया बुनकरों को सरकारी सहयोग

  • भारत सरकार करघों की खरीद के लिए तंगलिया बुनकरों को सहायता प्रदान करेगी।
  • इसके अंतर्गत करघों की कुल कीमत की 90 प्रतिशत राशि सरकार सहायता के रूप में देगी।।                    
  •  तंगलिया बुनकरों का एक विशेष संघ बनाया जाएगा, जो उनके हित के लिए काम करेगा।।                                   
  • फैशन डिजाइनरों से अपील की कि वे अपने वस्त्रों में तंगलिया कला का इस्तेमाल करें।                                    

भारत और पानी की समस्या

यदि पौधों को बेहतर ढंग से पानी दिया नहीं जाता है तो बेहतर बीज एवं उर्वरक भी अपनी पूरी क्षमता दिखाने में असफल होते हैं। जल के असंतुलित उपयोग से इस महत्वपूर्ण संसाधन की बर्बादी नहीं होनी चाहिए अतः इसका समूचित उपयोग कर पर्यावरण को अनुकूल बनाना चाहिए।    

विभिन्न क्षेत्रों में पानी का उपयोग भारत में                    

भारत में कृषि में लगभग 86%, उद्योग के लिए 6% व घरेलू उपयोग के लिए 8% जल का उपयोग किया जाता है।

महानदी और इसकी सहायक नदियों पर विचार-विमर्श समिति का गठन

  • जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय ने महानदी और इसकी सहायक नदियों के जल की उपलब्धता एवं उपयोग का आकलन करने के लिए एक विचार-विमर्श समिति गठित की है।
  • महानदी बेसिन के जल के उपयोग के संबंध में आईएसआरडब्ल्यूडी अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत ओडिशा राज्य की शिकायत के संदर्भ में यह समिति गठित की गई है।                 
  • समिति महानदी से संबंधित मौजूदा जल बंटवारा समझौतों पर भी गौर करेगी और इन नदियों के जल की उपलब्धता एवं उपयोग के संबंध में ओडिशा, छत्तीसग

हिंद महासागर रिम संघ (आईओआरए) के सदस्य देशों के बीच एमएसएमई संबंधी सहयोग पर कार्यशाला

एमएसएमई (सूक्ष्म , लघु एवं मझोले उद्यम) संबंधी सहयोग  को बढाने हेतु आईओ -आरए  के सदस्य देशों की कार्यशाला का आयोजन।                    

श्री रामविलास पासवान ने सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों से लम्बित पीडीएस सुधारों को मार्च, 2017 तक पूरा करने का अनुरोध किया*

लक्षित पीडीएस के पूर्ण कम्प्यूटरीकरण योजना का सारांश क्र.स. विवरण स्थिति

 (1.)राशनकार्डों/ लाभार्थियों का डाटा डिजिटीकरण –  सभी 36 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा सभी राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के पारदर्शिता पोर्टलों पर 23 करोड़ राशनकार्डों का डिजिटलीकृत ब्यौरा उपलब्ध।

(2.)आधार से राशनकार्डों का जुड़ाव – 

खाद्य सब्सिडी को बेहतर तरीके से लक्षित करने के लिए 72.32 प्रतिशत (16.62 करोड़) राशनकार्ड आधार से जोड़े गए

"बीजीआर-34" : आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान के आधार पर तैयार मधुमेह की देसी दवा क्लीनिकल ट्रायल में सफल

- केंद्र सरकार के सीएसआइआर) प्रयोगशालाओं में आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान के आधार पर तैयार की गई मधुमेह (डायबिटीज) की देसी दवा ने वैज्ञानिक परीक्षा भी पास कर ली है।
- राष्ट्रीय क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री पर "बीजीआर-34" नाम की इस दवा के सफल परीक्षण के आंकड़े प्रकाशित किए गए हैं। इस दवा को वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआइआर) की प्रयोगशालाओं में विकसित किया गया है।

दत्तक ग्रहण विनियमन देश में दत्तक ग्रहण कार्यक्रम को और अधिक मजबूत बनाएगा

 किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 68 (सी) के तहत अधिदेशित 'केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण' (सीएआरए) द्वारा तैयार किया गया दत्तक ग्रहण विनियमन, 2017 को अधिसूचित कर दिया गया है और ये विनियमन 16 जनवरी, 2017 से प्रभावी होंगे। दत्तक ग्रहण विनियमन, 2017 दत्तक ग्रहण दिशा निर्देश की जगह लेंगे।                                          

वाणिज्य मंत्रालय द्वारा ‘एसईजेड इंडिया’ नामक एप लॉन्च

वाणिज्य मंत्रालय द्वारा ‘एसईजेड इंडिया’ नामक एक मोबाइल एप लॉन्च किया गया है।

उद्देश्य:- वाणिज्य विभाग के एसईजेड प्रभाग ने अपनी व्यापक ई-गवर्नेंस पहल अर्थात एसईजेड ऑनलाइन सिस्टम द्वारा विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) के लिए मोबाइल एप का विकास किया है।

- यह एप एसईजेड इकाईयों और डेवलपरों को सूचनाओँ को आसानी से प्राप्त करने तथा एसईजेड ऑनलाइन सिस्टम पर उनकी लेनदेन को ट्रैक करने में सहायता प्रदान करेगा।