PIB (Press Information Bureau)

 

UPSC / State PSC की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को PIB की जरुरत क्यों ?

भारत सरकार के विभिन्न अंगों यथा – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका से सम्बंधित गतिविधियों की प्रामाणिक सूचना देने के लिए सरकार द्वारा PIB की स्थापना की गयी.

भारत सरकार की विभिन्न नीतियों, विधिक- कानूनों, उसके क्रिया- कलापों, पडोसी एवं अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों और समझौतों, नयी- नयी पहलों को PIB के माध्यम से जनता तक पहुँचाया जाता है.

सिविल सेवकों की भर्ती के लिए आयोजित होने वाली सिविल सेवा की विभिन्न परीक्षाओं जैसे UPSC और स्टेट PCS द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इन सूचनाओं का महत्त्व अध्याधिक बढ़ जाता है.

ऐसे में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में PIB के महत्त्व को नकारा नहीं जा सकता. #GSHindi आप सभी सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के लिए PIB के रूप में एक नया सेक्शन शुरू करने जा रहा है. यहाँ पर आपको PIB के महत्वपूर्ण आर्टिकल के अपडेटस रेगूलर बेस पर प्राप्त होते रहेंगे. तो PIB के updates पाने के लिए हमसे जुड़े रहिये.


 

ओडिशा का पाइका विद्रोह

1857 का स्वाधीनता संग्राम जिसे सामान्य तौर पर भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम माना जाता है उससे भी पहले 1817 में ओडिशा में हुए पाइका बिद्रोह ने पूर्वी भारत में कुछ समय के लिये ब्रिटिश राज की जड़े हिला दी थीं।

 

किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करना

केन्द्र सरकार/ केन्द्र, राज्य और राज्यों की सहकारिता एजेसियों में वसूली अभियानों के जरिये न्यूनतम समर्थन मूल्य को सुनिश्चित कर रही है।

वैश्विक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए ‘मेड इन इंडिया’

  • देश में विकसित नवजात श्रवण स्क्रीनिंग उपकरण - सोहम औपचारिक रूप से शुभारंभ
  • नवजात श्रवण स्क्रीनिंग उपकरण को स्कूल ऑफ इंटरनेशनल बायो डिजाइन (एसआईबी) के स्टार्टअप मैसर्स सोहम इनोवेशन लैब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने विकसित किया

जल संसाधन मंत्रालय नमामि गंगे कार्यक्रम की सफलता के लिए कौशल विकास मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगा

केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय नमामि गंगे कार्यक्रम की सफलता के लिए केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगा।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन

पशुपालन, डेयरी तथा मत्स्यपालन विभाग पशुधन सेक्टर, विशेष रूप से कुकुट, बकरी, भेड़, सूकर, भारवाही पशु इत्यादि जैसी प्रजातियों के धारणीय विकास को राष्ट्रीय पशुधन मिशन कार्यान्वित कर रहा है| एनएलएम गोपशु तथा भैंसों सहित पशुधन सेक्टर के लिए गुणवत्तापूर्ण आहार तथा चारे की उपलब्धता में सुधार करने, जोखिम कम करने तथा विस्तार करने, कौशल विकास तथा प्रशिक्षण के लिए भी सहायता देता है। पशुधन पालक तथा किसान, विशेषरूप से महिलाएं, असंगठित हैं, क