PIB (Press Information Bureau)

 

UPSC / State PSC की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को PIB की जरुरत क्यों ?

भारत सरकार के विभिन्न अंगों यथा – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका से सम्बंधित गतिविधियों की प्रामाणिक सूचना देने के लिए सरकार द्वारा PIB की स्थापना की गयी.

भारत सरकार की विभिन्न नीतियों, विधिक- कानूनों, उसके क्रिया- कलापों, पडोसी एवं अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों और समझौतों, नयी- नयी पहलों को PIB के माध्यम से जनता तक पहुँचाया जाता है.

सिविल सेवकों की भर्ती के लिए आयोजित होने वाली सिविल सेवा की विभिन्न परीक्षाओं जैसे UPSC और स्टेट PCS द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इन सूचनाओं का महत्त्व अध्याधिक बढ़ जाता है.

ऐसे में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में PIB के महत्त्व को नकारा नहीं जा सकता. #GSHindi आप सभी सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के लिए PIB के रूप में एक नया सेक्शन शुरू करने जा रहा है. यहाँ पर आपको PIB के महत्वपूर्ण आर्टिकल के अपडेटस रेगूलर बेस पर प्राप्त होते रहेंगे. तो PIB के updates पाने के लिए हमसे जुड़े रहिये.


 

खेतीबाड़ी के विकास के साथ किसानों का  आर्थिक उन्नयन

माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगनी हो जाए और किसान विकास की मुख्य धारा का हिस्सा बनें। यह तभी संभव है जब केंद्र एवं राज्य सरकारें एक साथ मिलकर काम करें

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए 3 स्तरों पर काम हो रहा है।

फिल्म निर्देशक अभिनेता कासीनधुनी विश्वनाथ को 2016 के दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा

  • जाने-माने फिल्म निर्देशक और फिल्म अभिनेता श्री कासीनधुनी विश्वनाथ को 2016 के लिए 48वें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
  • भारत सरकार द्वारा भारतीय सिनेमा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है। पुरस्कार के अतंर्गत एक स्वर्ण कमल, 10 लाख रूपये का नकद पुरस्कार और एक शॉल प्रदान किया जाता है। राष्ट्रपति 3 मई, 2017 को विज्ञान भवन में यह पुरस्कार देंगे।
  • श्री के.

पृथ्वी मातृ को बचाने के लिए भारत की पहल

संयुक्त राष्ट्र 22 अप्रैल को एक विशेष दिवस के रूप में पृथ्वी मातृ दिवस मनाता है। 1970 में10000 लोगों के साथ प्रारंभ किये गये इस दिवस को आज 192 देशों के एक अरब लोग मनाते  हैं। इसका बुनियादी उद्देश्य पृथ्वी की रक्षा और भविष्य में पीढ़ियों के साथ अपने संसाधनों को साझा करने के लिए मनुष्यों को उनके दायित्व के बारे में जागरूक बनाना है।

राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (आरयूएसए) का अपना खुद का पोर्टल और मोबाइल एप लॉन्च

यह पोर्टल राज्यों की उच्चतर शिक्षा योजनाओं, राज्यों की उच्चतर शिक्षा परिषदों के निर्णयों एवं इन योजनाओं के तहत संसाधनों के विवरणों से संबंधित एक वन स्टॉप योजना है। इसके अतिरिक्त, यह गैलरी आरयूएसए के तहत शुरू की गई परियोजनाओं का एक समृद्ध संग्रह भी है। 

गंगा अधिनियम के प्रारूप पर मालवीय समिति ने प्रस्‍तुत की रिपोर्ट

Ø  केन्‍द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय ने प्रस्‍तावित गंगा अधिनियम का प्रारूप तैयार करने के लिए न्‍यायमूर्ति गिरिधर मालवीय (सेवानिवृत्‍त) की अध्‍यक्षता में गत वर्ष जुलाई में इस समिति का गठन किया था। समिति के अन्‍य सदस्‍य थे– श्री वी के भसीन, पूर्व सचिव विधायी विभाग भारत सरकार, प्रोफेसर ए के गोसाई, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान दिल्‍ली और प्रोफेसर नयन शर्मा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान रूड़की। राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छ गंगा मिशन के निदेशक श्री संदीप समिति के सदस्‍य सचिव थे।

Recommendation

प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीणः आवास से घर तक

  • 20 नवंबर, 2016 को प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (पीएमएवाई – जी) की शुरूआत की थी। नया ग्रामीण आवासीय कार्यक्रम घरों की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करने  की दृष्टि से बनाया गया है।
  • घरों में रसोईघर, शौचालय, रसोई गैस कनेक्शन, बिजली कनेक्शन और जलापूर्ति की सुविधा होगी तथा लाभार्थी अपनी आवश्यकताओं के अनुसार घरों की योजना बना सकेंगे।
  • ग्रामीण राजगीरों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है, ताकि बेहतर निर्माण के लिए आवश्यक कौशल उपलब्ध हो सके।

दीन दयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन

  • उद्देश्य : कौशल विकास और अन्य उपायों के माध्यम से आजीविका के अवसरों में वृद्धि कर शहरी और ग्रामीण गरीबी को कम करना है। मेक इन इंडिया, कार्यक्रम के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सामाजिक तथा आर्थिक बेहतरी के लिए कौशल विकास आवश्यक है। दीनदयाल अंत्योदय योजना को आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय (एच.यू.पी.ए.) के तहत शुरू किया गया था। भारत सरकार ने इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एन.यू.एल.एम.) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एन.आर.एल.एम.) का एकीकरण है

साहिबगंज में गंगा नदी पर मल्टी-मोडल टर्मिनल

  • मल्टी-मोडल टर्मिनल वाराणसी से हल्दिया तक, 1390 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय जलमार्ग (एनडब्ल्यू) -1 के विकास का एक महत्वपूर्ण घटक है।
  • विश्व बैंक की तकनीकी और वित्तीय सहायता के साथ एनडब्ल्यू -1 को भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के जल मार्ग विकास परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है।
  • साहिबगंज टर्मिनल एनडब्ल्यू -1 पर निर्मित हो रहे तीन बहु-मोडल टर्मिनलों में दूसरा टर्मिनल है।
  • इससे पहले मई 2016 में, आईआरडब्ल्यूएआई को वारा

भारत ने ई-वीज़ा शक्ति का विस्तार किया

Ø  देश में एक नई उदारवादी ई-वीज़ा व्यवस्था 1 अप्रैल, 2017 से लागू हुई है। यह दुनिया भर में भारत की यात्रा की योजना बना रहे 161 देशों के नागरिकों के लिए खुशियां लाएगी। इससे ऑनलाइन आवेदन करने की निर्धारित अवधि तथा भारत में रहने की अवधि साथ-साथ ही बढ़ा दी गई है। हालांकि, भारतीय राजनयिक मिशनों द्वारा वीजा प्रदान करने की परंपरागत प्रक्रिया को बंद नहीं किया जाएगा।

आईएनएस शार्दुल दक्षिण हिंद महासागर में संयुक्त विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) निगरानी पर

  • केवल भारत में ही नहीं बल्‍कि हिंद महासागर क्षेत्र में अबाधित आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए सुरक्षित और स्थिर क्षेत्रीय वातावरण सुनिश्चित करने के, भारत के राष्‍ट्रीय उद्देश्‍य को देखते हुए भारतीय नौसेना का जहाज शार्दुल इस क्षेत्र में निगरानी सहायता प्रदान करने के लिए दक्षिण हिंद महासागर क्षेत्र में दो महीने की तैनाती पर है।
  • इस युद्ध पोत ने तैनाती के प्रारंभिक चरण में 8 से 26 मार्च, 2017 तक राष्‍ट्रीय तटरक्षक मॉरीशस के साथ तालमेल से मॉरीशस में संयुक्‍त ईईजेड निगरानी की। सफल संयुक्‍त ईईजेड निग