PIB (Press Information Bureau)

 

UPSC / State PSC की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को PIB की जरुरत क्यों ?

भारत सरकार के विभिन्न अंगों यथा – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका से सम्बंधित गतिविधियों की प्रामाणिक सूचना देने के लिए सरकार द्वारा PIB की स्थापना की गयी.

भारत सरकार की विभिन्न नीतियों, विधिक- कानूनों, उसके क्रिया- कलापों, पडोसी एवं अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों और समझौतों, नयी- नयी पहलों को PIB के माध्यम से जनता तक पहुँचाया जाता है.

सिविल सेवकों की भर्ती के लिए आयोजित होने वाली सिविल सेवा की विभिन्न परीक्षाओं जैसे UPSC और स्टेट PCS द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इन सूचनाओं का महत्त्व अध्याधिक बढ़ जाता है.

ऐसे में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में PIB के महत्त्व को नकारा नहीं जा सकता. #GSHindi आप सभी सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के लिए PIB के रूप में एक नया सेक्शन शुरू करने जा रहा है. यहाँ पर आपको PIB के महत्वपूर्ण आर्टिकल के अपडेटस रेगूलर बेस पर प्राप्त होते रहेंगे. तो PIB के updates पाने के लिए हमसे जुड़े रहिये.


 

स्टार्ट अप की परिभाषा में परिवर्तन

केंद्र सरकार ने 16 जनवरी 2016 को नवाचारो और स्टार्टअप को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए उचित वातावरण के निर्माण हेतु स्टार्ट अप इंडिया की शुरूआत की थी। इसका उद्देश्य देश में आर्थिक वृद्धि को गति प्रदान करना और बड़े स्तर पर रोजगार के अवसरो में वृद्धि करना था।

देश में उद्ममशीलता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने स्टार्टअप की परिभाषा में परिवर्तन किया है। स्टार्टअप की परिभाषा में निम्नलिखित महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं।

विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड को भंग करने की मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) को भंग करने की मंजूरी दी है। इस प्रस्‍ताव में एफआईपीबी को भंग करना और प्रशासनिक मंत्रालयों/विभागों को एफडीआई संबंधी आवेदन की प्रक्रिया के लिए सरकारी अनुमोदन की आवश्‍यकता को खत्‍म करने करना शामिल है।

सेंट्रल रोड फंड ऐक्‍ट, 2000 में संशोधन के जरिये राष्‍ट्रीय जलमार्ग (एनडब्‍ल्‍यू) के विकास एवं रखरखाव के लिए 2.5 प्रतिशत सेंट्रल रोड फंड के आवंटन को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्‍ट्रीय जलमार्ग (एनडब्‍ल्‍यू) के विकास एवं रखरखाव के लिए 2.5 प्रतिशत सेंट्रल रोड फंड के आवंटन के लिए सेंट्रल रोड फंड ऐक्‍ट, 2000 में संशोधन के लिए जहाजरानी मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा संयुक्‍त रूप से तैयार प्रस्‍ताव मंजूरी दे दी है। इस प्रस्‍ताव में राष्‍ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए मुहैया कराई गई हिस्‍सेदारी में कमी की गई है। मंत्रिमंडल ने यह भी निर्देश दिया है कि व्‍यवहार्य राष्‍ट्रीय जलमार्ग परियोजनाओं को लागू करते समय पीपीपी आधार पर हो सकने वाले ऐसे सभी घटकों पर गौर किया जाना चाहिए और सरकारी नि

वस्‍तु और सेवा कर (जीएसटी) से सीमेंट के पैकेट, दवाईयों, स्‍मार्ट फोन और सर्जिकल उपकरणों जैसे चिकित्‍सीय उपकरणों सहित कई वस्‍तुओं पर कर बोझ कम होगा

  • वस्‍तु और सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से सीमेंट के पैकेट, दवाईयों, स्मार्ट फोन और सर्जिकल उपकरणों जैसी विभिन्‍न वस्‍तुओं पर कर दर घटने से उपभोक्‍ताओं को लाभ होगा।
  • सीमेंट के पैकेट पर केंद्रीय उत्‍पाद शुल्‍क 12.5 प्रतिशत और 125 रूपये पीएमटी तथा 14.5 प्रतिशत की दर से मानक वैट लगता है। इन दरों पर कुल वर्तमान कर 29 प्रतिशत से अधिक है। अगर इसमें केंद्रीय बिक्री कर (सीएसटी), चुंगी शुल्‍क, प्रवेश कर आदि शामिल करते हैं तो वर्तमान कुल कर 31 प्रतिशत से अधिक होगा। इसके विपरीत सीमेंट के लिए प्रस्‍तावित जी

अफ्री़की विकास बैंक (एएफडीबी) की वार्षिक बैठक के उद्घाटन में प्रधान मंत्री का भाषाण

भारत के अफ्री़का के साथ सदियों से मजबूत रिश्‍ते रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से, पश्चिमी भारत, विशेष रूप से गुजरात तथा अफ्री़का के पूर्वी तट के समुदाय एक दूसरे की भूमियों में बसे हुए हैं। ऐसा कहा जाता है कि भारत के सिद्धी (Siddhis) लोग पूर्वी अफ्री़का से आए थे। तटवर्ती केन्‍या में बोहरा समुदाय 12वीं सदी में भारत आए थे। वास्‍कोडिगामा के बारे में कहा जाता है कि वह एक गुजराती नाविक की सहायता से मालिन्‍दी से कालिकट पहुंचे थे। गुजरात के लोगों (dhows) ने दोनों दिशाओं में व्‍यापार किया। समाजों के बीच प्राचीन संपर्कों से भी हमारी संस

महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा विकसित लापता बच्‍चों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया

महिला और बाल विकास मंत्रालय ने माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय के निर्देश के अनुरूप  लापता बच्‍चों का पता लगाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया विकसित की है।

Background:

मातृत्व लाभ कार्यक्रम को पूरे देश में लागू किए जाने को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रीमंडल ने मातृत्व लाभ कार्यक्रम को अखिल भारतीय स्तर पर लागू करने के लिए पूर्वव्यापी प्रभाव से अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। यह कार्यक्रम दिनांक 1 जनवरी 2017 से देश के सभी जिलों में लागू कर दिया गया है।  प्रधानमंत्री ने 31 दिसंबर 2016 को  राष्ट्र को संबोधित अपने भाषण में मातृत्व लाभ कार्यक्रम को अखिल भारतीय स्तर पर लागू करने की घोषणा की थी।

आवासीय सुविधाओं से निष्कासन की कार्यवाही को सक्षम बनाने के लिए सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत लोगों की बेदखली) अधिनियम 1971 में संशोधन को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत लोगों की बेदखली) अधिनियम 1971 (पीपीई एक्ट, 1971) की धारा 2 और धारा 3 में संशोधन को अपनी मंजूरी दे दी है। अधिनियम की धारा 2 में एक नए खंड में 'आवासीय सुविधा अधिवास' की परिभाषा को शामिल किया गया है जबकि 'आवासीय सुविधा अधिवास' से निष्कासन के लिए धारा 3 की उपधारा 3ए के नीचे नई उपधारा 3बी का प्रावधान शामिल किया गया है।

भारत से कराधान क्षरण एवं लाभ स्थानांतरण को रोकने वाली कर संधि को लागू करने के लिए बहुपक्षीय कन्वेंशन पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कराधान क्षरण एवं लाभ स्थानांतरण को रोकने वाली कर संधि को लागू करने के लिए बहुपक्षीय कन्वेंशन पर हस्ताक्षर करने को अपनी मंजूरी दे दी है। यह कन्वेंशन ओईसीडी/जी20 बीईपीएस परियोजना का हि‍स्‍सा  है। इसका लक्ष्य कर नियोजन रणनीतियों के माध्यम से ऐसे कराधान क्षरण एवं लाभ स्थानांतरण से निपटना है, जो कर नियमों में अंतर और असंतुलन का लाभ उठाते हुए कृत्रिम रूप से लाभ को ऐसे कम कर या कर रहित देशों में स्थानांतरित कर देते हैं, जहां आर्थिक गतिविधियां नहीं होती या न के बराबर होती हैं। इसका परिणाम यह होता है कि उन्हें या तो बहुत कम या फि‍र कोई कार्पोरेट कर न