PIB (Press Information Bureau)

 

UPSC / State PSC की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को PIB की जरुरत क्यों ?

भारत सरकार के विभिन्न अंगों यथा – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका से सम्बंधित गतिविधियों की प्रामाणिक सूचना देने के लिए सरकार द्वारा PIB की स्थापना की गयी.

भारत सरकार की विभिन्न नीतियों, विधिक- कानूनों, उसके क्रिया- कलापों, पडोसी एवं अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों और समझौतों, नयी- नयी पहलों को PIB के माध्यम से जनता तक पहुँचाया जाता है.

सिविल सेवकों की भर्ती के लिए आयोजित होने वाली सिविल सेवा की विभिन्न परीक्षाओं जैसे UPSC और स्टेट PCS द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इन सूचनाओं का महत्त्व अध्याधिक बढ़ जाता है.

ऐसे में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में PIB के महत्त्व को नकारा नहीं जा सकता. #GSHindi आप सभी सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के लिए PIB के रूप में एक नया सेक्शन शुरू करने जा रहा है. यहाँ पर आपको PIB के महत्वपूर्ण आर्टिकल के अपडेटस रेगूलर बेस पर प्राप्त होते रहेंगे. तो PIB के updates पाने के लिए हमसे जुड़े रहिये.


 

जैव प्रौद्योगिकी नवाचार संगठन (बीआईओ)

  • बीआईओ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन जैव प्रौद्योगिकी उद्योग का सबसे बड़ा वैश्विक कार्यक्रम है और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़े नामों को आकर्षित करता है।
  • बीआईओ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी जैव प्रौद्योगिकी नवाचार संगठन द्वारा की जाती है।

स्टार्ट अप इंडिया हब का शुभारम्भ

  • ऑनलाइन स्टार्ट अप इंडिया हब का शुभारम्भ , जहां भारत में उद्यमिता परिवेश के सभी भागीदार एक मंच पर आकर परस्पर खोज करेंगे, सम्पर्क में रहेंगे और एक दूसरे से राय-मशविरा करेंगे।
  • स्टार्ट अप इंडिया दरअ

जमीनों के मरुस्‍थलीकरण का मुकाबला करने के विश्‍व दिवस की पृष्‍ठभूमिका

Ø 17 जून को जमीनों के रेतीलेपन का मुकाबला करने के दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस प्रस्‍ताव को संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ ने 17 जून, 1994 को अपनाया था और दिसम्‍बर, 1996 में इसका अनुमोदन किया गया था। 14 अक्‍टूबर,1994 को भारत ने यूएनसीसीडी पर हस्‍ताक्षर किये थे। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय इसका नोडल मंत्रालय

ऊर्जा संरक्षण इमारत नियमावली

Ø   ईसीबीसी को ऊर्जा मंत्रालय और ऊर्जा क्षमता ब्यूरो (बीईई) ने तैयार किया है।

Ø  ईसीबीसी का नवीन संस्करण वर्तमान के साथ-साथ भविष्योन्मुखी इमारत प्रौद्योगिकी विकास पर केन्द्रित है। इसके अतिरिक्त यह इमारत ऊर्जा उपभोग को कम करने और न्यून कार्बन उत्सर्जन को प्रोत्साहित करता है। ईसीबीसी 2017

योग से लोगों को जोड़ने के लिए “सेलेब्रेटिंग योगा” नाम से एक मोबाईल ऐप

Ø  यह ऐप विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विकसित किया गया है। इस मोबाईल ऐप को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 2017 के अवसर पर डीएसटी द्वारा विकसित किया गया है। इस ऐप का उद्देश्य स्वस्थ्य जीवन के लिए लोगों के मध्य योग को लोकप्रिय बनाने तथा योग में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है। 

Ø  स्वस्थ्य नागरिक उत्पादन बढ़ाते हैं तथा इस प्रकार देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं। योग, प्रकृति के साथ जुड़कर एक स्वस्थ समाज को बनाने और विकास की आकांक्षाओं को पूरा करने का एक साधन है।
 

तीन वर्षों में 51 एकलव्य मॉडल आवासीय (ईएमआर) विद्यालय क्रियाशील शुरू

Ø  जनजातीय कार्य मंत्रालय ने स्‍वीकत एकलव्य मॉडल आवासीय (ईएमआर) विद्यालयों को क्रियाशील बनाने के लिए पिछले तीन वर्षों के दौरान सक्रियता के साथ अनेक कदम उठाए हैं। इसके परिणामस्‍वरूप पिछले तीन वर्षों के दौरान 51 नये ईएमआर विद्यालय  क्रियाशील हो चुके हैं।

Ø  अब तक कुल 161 ईएमआर विद्यालय क्रियाशील हो चुके हैं, जबकि वर्ष 2013-14 में 110 ईएमआर स्‍कूल ही क्रियाशील थे। 26 राज्‍यों में स्थित 161 ईएमआर स्‍कूलों में 52 हजार से भी ज्‍यादा आदिवासी विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

साथ कार्यक्रम

  • नीति आयोग ने एक विशिष्‍ट और नवीन कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके अंतर्गत आयोग महत्‍वपूर्ण सामाजिक क्षेत्रों में रूपांतरकारी बदलावों को उत्‍प्रेरित करने में मदद करेगा।
  • एसएटीएच/साथ (सस्‍टेनेबल एक्‍शन फॉर ट्रासफोर्मिंग ह्युमन कैपिटल) यानी मानव पूंजी को रूपांतरित करने के लिए स्‍थायी कार्रवाई, के अंतर्गत, नीति आयोग और इसके ज्ञान संबंधी भागीदार प्रत्‍येक क्षेत्र के लिए तीन राज्‍यों को कार्यनीतिक, तकनीकी और कार्यान्‍वयन संबंधी जानकारी हासिल करने में मदद करेंगे। इस बारे में नीति आयोग की एक समिति ने 14 राज्‍यों के प्रतिवेदनों का पुनरीक्षण किया ताकि प्रत्‍

विद्युत, कोयला, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और खान मंत्रालयों की तीन साल की उपलब्धियां एवं पहल

 ‘सभी को सातों दिन चौबीस घंटे (24x7) किफायती एवं स्‍वच्‍छ बिजली’ मुहैया कराने के लक्ष्‍य को हासिल करना और राष्‍ट्रीय विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का इष्‍टतम उपयोग सुनिश्चित करना ‘उज्‍ज्‍वल भारत’ के लिहाज से अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण हैं| मं‍त्रालयों ने उज्‍ज्‍वल भारत के लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए 6 बुनियादी सिद्धांतों पर काम किया है। इन बुनियादी सिद्धांतों में ये शामिल हैं- 

Ø  सुलभ(सुगम्‍य बिजली)

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद(सीएसआईआर) और इथियोपिया के धातु उद्योग विकास संस्थान (मिडी) ने समझौते पर किए हस्ताक्षर

Background:

हाल ही में गुजरात में आयोजित अफ्रीकी विकास बैंक के वार्षिक सम्मेलन में पीएम ने अफ्रीकी देशों और भारत के बीच कृषि, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, आधारभूत संरचनाओं के मुद्दे पर मिलजुल कर काम करने पर बल दिया।

Ø  अफ्रीकी विकास बैंक के वार्षिक सम्मेलन के दौरान सीएसआईआर और इथियोपिया के मिडी के बीच एक समझौता किया गया।