अभिवृति – मूल्य – मान्यतायें - परम्परायें

प्रश्न -(UPSC 2016)

¨जीवन, कार्य, अन्य व्यक्तिओं एवम् समाज के प्रति हमारी अभिवृतियां आमतौर पर अनजाने में परिवार एवम् उस सामाजिक परिवेश द्वारा रूपित हो जाती हैं जिसमें हम बड़े होते हैं|

¨अनजाने में प्राप्त इनमें से कुछ अभिवृतियां एवम मूल्य अक्सर आधुनिक लोकतंत्र एवम् समतावादी समाज के नागरिकों के लिए अवांछनीय होते हैं|

¨आज के शिक्षित भारतीओं में विधमान ऐसे अवांछनीय मूल्यों की विवेचना कीजिये?

¨ऐसी अवांछनीय अभिवृतियों को कैसे बदला जा सकता है तथा लोक सेवाओं के लिए आवश्यक समझे जाने वाले सामजिक मूल्यों को आकांक्षी तथा कार्यरत लोक सेवकों में किस प्रकार संवर्धित किया जा सकता है?

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https://www.youtube.com/watch?v=xxnauFy3XZo&feature=youtu.be

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