13 May Prelims

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1- राज्यपाल के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन कौन से कथन सही हैं 

1 - राज्य की कार्यकारी शक्तियों का प्रमुख होता है

2 - संविधान में राज्यपाल के सम्बन्ध में मंत्रियो की सलाह की बाध्यता का स्पष्ट प्रावधान नहीं है

3 - संविधान में स्पष्ट है की यदि राज्यपाल के विवेकाधिकार पर कोई प्रश्न उठे तो राज्यपाल का निर्णय अंतिम और वैद्य होगा

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए

  1. - सभी
  2.  1 एवं 2
  3.  2 एवं 3
  4. 1 एवं 3  

 

2 - लोकसभा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के रूप में उनकी शपथ कौन दिलाता है

  1.  प्रोटेम स्पीकर
  2.  लोकसभा का पूर्व अध्यक्ष
  3. राष्ट्रपति
  4.  इनमे से कोई नहीं

 

3- महान्यायवादी के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन कौन से कथन सही हैं 

1 - न्यायालय के समक्ष केंद्र का प्रतिनिधित्व करता है परन्तु उसे निजी तौर पर कानून सम्बन्धी पेशा करने का अधिकार है बशर्ते कि उसके किसी वाद में केंद्र या राज्य एक पक्ष न हो

2 - महान्यायवादी को वेतन भुगतान नहीं किया जाता, वह राष्ट्रपति द्वारा अवधारित पारिश्रमिक प्राप्त करता है

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. उपर्युक्त  सभी
  4. उपर्युक्त में कोई नहीं

 

 

4 – निम्नलिखित में से कौन कौन से कथन सही हैं 

 1 - विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया से तात्पर्य है की न्यायालय को केवल विधायिका की सक्षमता के दृष्टिकोण से ही किसी विधि की जाँच नहीं करनी चाहिए बल्कि  विधि के आशय के व्यापक दृष्टिकोण से करनी चाहिए

2 - विधि की यथोचित प्रक्रिया से तात्पर्य उन प्रयोगों व व्यवहारों से है जो विधि द्वारा प्रतिपादित है

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. उपर्युक्त  सभी
  4. उपर्युक्त में कोई नहीं

 

5- निम्नलिखित में से कौन कौन से कथन सही हैं 

 1 - विधि के समक्ष समता एक निषेधकारी संकल्पना है और इसे ब्रिटिश संविधान से लिया गया है

2  - विधि के समान संरक्षण भी  एक निषेधकारी संकल्पना है और इसे अमेरिकी संविधान से लिया गया है

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. उपर्युक्त  सभी
  4. उपर्युक्त में कोई नहीं

Explanation:

  1. A
  2. D सांसद के रूप में शपथ लेते है न की अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष  के रूप में
  3. C
  4. D विधि की यथोचित प्रक्रिया से तात्पर्य है की न्यायालय को केवल विधायिका की सक्षमता के दृष्टिकोण से ही किसी विधि की जाँच नहीं करनी चाहिए बल्कि  विधि के आशय के व्यापक दृष्टिकोण से करनी चाहिए

विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया से तात्पर्य उन प्रयोगों व व्यवहारों से है जो विधि द्वारा प्रतिपादित है

  1. A दूसरा statement positive है 

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