12 दिनों में MPPSC की तैयारी कैसे करें / Crack MPPSC 2018 in 12 days

=>मध्यप्रदेश राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2018 की विषय-वस्तु

यंहा हम आपको 12 दिन की रणनीति प्रदान कर रहे जो हर रोज update होगी | आप website daily देखे वंहा आपको यह नजर आयेगा |

Day Source (कहाँ से पढ़ें/ रिविजन करें) Topic

प्रथम

अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 तथा सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम-1955 तथा मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम-1993 :- महावीर प्रकाशन की पुस्तक

अनसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 तथा सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम-1955 पर विशेष रूप से फोकस करने की जरूरत है। साथ ही मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम-1993 भी पाठ्यक्रम में सम्मिलित है अतः इस अधिनियम से जुड़े प्रश्नों को अच्छे से तैयार करें। (पूंछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या :- 6-8)

द्वितीय परीक्षा मंथन कंप्यूटर :- मध्यप्रदेश के सामान्य अध्ययन पाठ्यक्रम में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी भी सम्मिलित की गई है। अतः इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित विभिन्न शब्दों का अर्थ तथा कम्प्यूटर के विभिन्न भागों के कार्यों, हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर की जानकारी के अलावा इन्टरनेट की जानकारी भी बेहद जरूरी है। (पूंछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या :- 5-6)
तृतीय

मध्यप्रदेश का सामान्य अध्ययन :- १. हिंदी ग्रन्थ आकादमी की पुस्तक 

  २. पुणेकर प्रकाशन की पुस्तक

मध्यप्रदेश का सामान्य ज्ञान :  चूँकि सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में मध्यप्रदेश से संबंधित 25- 30 प्रश्न पूछे जाते हैं। अतः मध्यप्रदेश के सामान्य ज्ञान की भी विशेष तैयारी जरूरी है।

- मध्यप्रदेश से सम्बंधित निम्न क्षेत्रों से प्रश्न पूछे जाते हैं :-

मध्यप्रदेश के सामान्य तथ्य 

भौगोलिक जानकारी, पर्यटन क्षेत्र

आर्थिक गतिविधियों से सम्बंधित जानकारी

चतुर्थ

मध्यप्रदेश का सामान्य अध्ययन :- १. हिंदी ग्रन्थ आकादमी की पुस्तक 

  २. पुणेकर प्रकाशन की पुस्तक.

मध्यप्रदेश का सामान्य ज्ञान : जनसांख्यिकी , अनुसूचित जनजातियाँ 

मध्यप्रदेश का इतिहास और स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान

पांचवा एवं छठा घटनाचक्र, (gshindi.com) / प्रतियोगिता दर्पण वार्षिकी कर्रेंट अफेयर्स :- राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाओं की तैयारी में प्रतियोगियों को चाहिए कि वे केवल राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की राजनीतिक घटनाओं को ही इस खंड की तैयारी में शामिल न करें अपितु चर्चा में रहने वाले विभिन्न विषयों पर भी ध्यान दें। इसके लिए पूरे वर्ष का कर्रेंट अफेयर्स तैयार करना लाभदायक होगा.  (पूंछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या : 20- 25)
सातवाँ इतिहास की किताब : स्पेक्ट्रम या आपके नोट्स इतिहास खंड : भारतीय इतिहास तथा संस्कृति से संबंधित कई प्रश्न पूछे जाते हैं। इसकी तैयारी हेतु इतिहास को तीन भागों यथा प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत तथा आधुनिक भारत में बाँटा जा सकता है। आधुनिक इतिहास सबसे महत्वपूर्ण तथा सर्वाधिक अंकदायी भाग है, अतः इस पर विशेष ध्यान केंद्रित करना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटनाओं का अध्ययन भी आवश्यक है।  
आठवां दिवस NCERT

पर्यावरण तथा इकोलॉजी : इस खंड में पर्यावरण एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। जो बेसिक नेचर के होते हैं, जिनमे पर्यावरणीय एक्ट्स शामिल हैं. तथा कर्रेंट अफेयर्स से अधिकतर प्रश्न आते हैं.

- सामान्य विज्ञान : सामान्य विज्ञान खंड में अधिकतर प्रश्न विज्ञान के आधारभूत सिद्धांतों पर आधारित होते हैं. इनमे भौतिकी, रसायनशास्त्र, जीव विज्ञान से प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमे से अधिकांश प्रश्न जीवविज्ञान से होते हैं।

नौवां कहाँ से पढ़ें या रिविजन करें :- लक्ष्मीकांत से संविधान और राजनीति विज्ञान :- यह खंड सबसे सरल मान सकते हैं इसमें भी अधिकतर प्रश्न संसद और संविधान के निर्माण से जुड़े पूंछे जाते हैं. राजव्यवस्था के अंतर्गत, राज्य के नीति-निदेशक तत्व, मूल कर्तव्य, कार्यपालिका, आर्थिक प्रक्रिया जैसे बजट (विभिन्न प्रकार के विधेयक जैसे वित्त विधेयक धनविधेयक आदि), न्यायपालिका विशेषतः सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के अधिकार (उनके ऐतिहासिक विकास सहित),  व राज्यों के बीच संबंध, प्रशासनिक अधिकरण, चुनाव व चुनाव सुधार, आपातकालीन प्रावधान, संविधान संशोधन, पंचायतीराज व्यवस्था इत्यादि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। 
 दसवां दिवस gshindi.com

इकोनॉमिक्स :- इस खंड से दो प्रकार के प्रश्न पूंछे जाते हैं :-

आधारभूत अवधारणायें :- अर्थशास्त्र और आर्थिक गतिविधियों के मूलभूत सिद्धांतों से 

कर्रेंट अफेयर्स :- देश की वर्तमान आर्थिक गतिविधियों से सम्बंधित प्रश्न.

ग्यारहवां दिवस NCERT XI & XII भूगोल :- इसमें भूकंप के बुनियादी लक्षण, दुनिया के जलवायु क्षेत्र, बंदरगाह, ज्वार-भाटा, नदियाँ, बहुउद्देशीय परियोजनाएँ, सिंचाई, फसलें आदि मुख्य होते हैं।
बारहवां दिवस लूसेंट विविध जानकारी

 

प्रारम्भिक परिक्षा की रूपरेखा

 मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा ली जाने वाली मध्यप्रदेश राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2018 में दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र होंगे।

  • पहला प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन का
  • दूसरा प्रश्न पत्र जनरल एप्टीट्यूट टेस्ट

सामान्य अध्ययन तथा जनरल एप्टीट्यूट टेस्ट के प्रश्नपत्र में 100-100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएँगे तथा प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। 

जनरल एप्टीट्यूट टेस्ट का प्रश्नपत्र क्वालीफाइंग नेचर का होता है। अर्थात इस प्रश्नपत्र के मार्क्स मेरिट में नहीं जुड़ेंगे।

 =>राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए रणनीति

इस परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी प्रतियोगी सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र के लिए चिंतित तो रहते हैं लेकिन सुनियोजित रूप से वे उसकी तैयारी नहीं करते हैं। निःसंदेह सामान्य अध्ययन की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

पिछले वर्षों के सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र के पैटर्न पर नज़र डालें तो पाएंगे कि :-

  •  इतिहास खंड : भारतीय इतिहास तथा संस्कृति से संबंधित कई प्रश्न पूछे जाते हैं। इसकी तैयारी हेतु इतिहास को तीन भागों यथा प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत तथा आधुनिक भारत में बाँटा जा सकता है। आधुनिक इतिहास सबसे महत्वपूर्ण तथा सर्वाधिक अंकदायी भाग है, अतः इस पर विशेष ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
  • स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटनाओं का अध्ययन भी आवश्यक है। 
  • पर्यावरण तथा इकोलॉजी : इस खंड में पर्यावरण एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। जो बेसिक नेचर के होते हैं, जिनमे पर्यावरणीय एक्ट्स शामिल हैं. तथा कर्रेंट अफेयर्स से अधिकतर प्रश्न आते हैं.
  • सामान्य विज्ञान : सामान्य विज्ञान खंड में अधिकतर प्रश्न विज्ञान के आधारभूत सिद्धांतों पर आधारित होते हैं. इनमे भौतिकी, रसायनशास्त्र, जीव विज्ञान से प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमे से अधिकांश प्रश्न जीवविज्ञान से होते हैं। 
  • संविधान और राजनीति विज्ञान :- यह खंड सबसे सरल मान सकते हैं इसमें भी अधिकतर प्रश्न संसद और संविधान के निर्माण से जुड़े पूंछे जाते हैं. राजव्यवस्था के अंतर्गत, राज्य के नीति-निदेशक तत्व, मूल कर्तव्य, कार्यपालिका, आर्थिक प्रक्रिया जैसे बजट (विभिन्न प्रकार के विधेयक जैसे वित्त विधेयक धनविधेयक आदि), न्यायपालिका विशेषतः सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के अधिकार (उनके ऐतिहासिक विकास सहित),  व राज्यों के बीच संबंध, प्रशासनिक अधिकरण, चुनाव व चुनाव सुधार, आपातकालीन प्रावधान, संविधान संशोधन, पंचायतीराज व्यवस्था इत्यादि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। 
  • इकोनॉमिक्स :- इस खंड से दो प्रकार के प्रश्न पूंछे जाते हैं :-
    • आधारभूत अवधारणायें :- अर्थशास्त्र और आर्थिक गतिविधियों के मूलभूत सिद्धांतों से 
    • कर्रेंट अफेयर्स :- देश की वर्तमान आर्थिक गतिविधियों से सम्बंधित प्रश्न.
  • भूगोल खंड :- इसमें भूकंप के बुनियादी लक्षण, दुनिया के जलवायु क्षेत्र, बंदरगाह, ज्वार-भाटा, नदियाँ, बहुउद्देशीय परियोजनाएँ, सिंचाई, फसलें आदि मुख्य होते हैं
  • कर्रेंट अफेयर्स :- राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाओं की तैयारी में प्रतियोगियों को चाहिए कि वे केवल राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की राजनीतिक घटनाओं को ही इस खंड की तैयारी में शामिल न करें अपितु चर्चा में रहने वाले विभिन्न विषयों पर भी ध्यान दें। इसके लिए पूरे वर्ष का कर्रेंट अफेयर्स तैयार करना लाभदायक होगा.  (पूंछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या : 20- 25)
  • कंप्यूटर :- मध्यप्रदेश के सामान्य अध्ययन पाठ्यक्रम में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी भी सम्मिलित की गई है। अतः इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित विभिन्न शब्दों का अर्थ तथा कम्प्यूटर के विभिन्न भागों के कार्यों, हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर की जानकारी के अलावा इन्टरनेट की जानकारी भी बेहद जरूरी है।  (पूंछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या :- 5-6)
  • अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 तथा सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम-1955 पर विशेष रूप से फोकस करने की जरूरत है। साथ ही मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम-1993 भी पाठ्यक्रम में सम्मिलित है अतः इस अधिनियम से जुड़े प्रश्नों को अच्छे से तैयार करें। (पूंछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या :- 6-8)
  • विविध जानकारी :- देश - दुनिया के फैक्ट्स 

 

मध्यप्रदेश का सामान्य ज्ञान :  चूँकि सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में मध्यप्रदेश से संबंधित 25- 30 प्रश्न पूछे जाते हैं। अतः मध्यप्रदेश के सामान्य ज्ञान की भी विशेष तैयारी जरूरी है।

- मध्यप्रदेश से सम्बंधित निम्न क्षेत्रों से प्रश्न पूछे जाते हैं :-

  • मध्यप्रदेश के सामान्य तथ्य 
  • भौगोलिक जानकारी, पर्यटन क्षेत्र
  • आर्थिक गतिविधियों से सम्बंधित जानकारी
  • जनसांख्यिकी , अनुसूचित जनजातियाँ 
  • मध्यप्रदेश का इतिहास और स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान

 

=>द्वितीय प्रश्न पत्र के लिए रणनीति :-

  • अभिरुचि प्रश्नपत्र के पाठ्यक्रम के विभिन्न भागों में बोधगम्यता, संचार कौशल सहित अन्तर्वैयक्तिक कौशल, तार्किक तर्क एवं विश्लेषण योग्यता, निर्णय लेना एवं समस्या का समाधान करना, सामान्य मानसिक योग्यता, आधारभूत संख्यांकन तथा हिन्दीभाषा बोधगम्यता कौशल सम्मिलित हैं। 
  • बोधगम्यता का क्षेत्र उम्मीदवार की भाषा को समझने की क्षमता का परीक्षण करता है। इसमें गद्य अवतरण पर आधारित प्रश्नों के द्वारा यह परखा जाता है कि उम्मीदवार तथ्य खोजने, सूचनाओं का विश्लेषण करने,कथ्य की व्याख्या करने, दी गई सूचनाओं से निष्कर्ष निकालने तथा सूचनाओं के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष अर्थ को समझने में कितना दक्ष है। 

कैसे करें इसकी तैयारी :-=>

  • उम्मीदवार को सर्वप्रथम अवतरण को पढ़कर उसके निहितार्थ को समझने की कोशिश करनी चाहिए। 
  • एक बार गद्यांश पढ़कर मूल भाव को समझने में कठिनाई हो तो उसे एक से अधिक बार पढ़ें। 
  • जब तक निहितार्थ समझ में न आ जाए, दिए गए गद्यांश को बारंबार पढ़ें। निहितार्थ समझ लेने पर प्रश्नों का उत्तर देना बहुत आसान हो जाता है।
  • संचार कौशल सहित अंतर्वैयक्तिक कौशल काउद्देश्य सामाजिक अंतःक्रिया के कारकों को समझने और उनका प्रबंधन करने की उम्मीदवार की योग्यता परखना है। 
  • प्रशासन के संदर्भ में, आंतरिक गुणों के रूप में व्यक्ति की उन आंतरिक क्षमताओं, व्यवहार, संवाद के गुण आदि को देखा-परखा जाता है, जिनका उपयोग वे प्रशासन संगठन में कार्यों की सफलता के लिए करते हैं। इस प्रकार के प्रश्नों का उत्तर काफी सोच समझकर दें। 
  • तार्किक तर्क एवं विश्लेषात्मक योग्यता संबंधी प्रश्न दिए गए विवरणों की कमांड, औपचारिक निगमनात्मक योग्यता, नियमों द्वारा व्यवहार को सीमित और आदेशित करने के ढंग से तथा समस्याएँ हल करने के लिए डाटा के अनेक अंशों का उपयोग करने कीयोग्यता परखते हैं, अतः उम्मीदवारों में निम्नलिखित कौशलों का होना आवश्यक है। 1. सूचना को समझना। 2. सूचना का आरेखन। 3. सूचना को क्रम से लगाना (सीक्वेंसिंग)। यदि आप इन बातों को ध्यान रखते हुए प्रश्न पत्र के इस खंड को हल करेंगे तो निश्चित ही प्रश्नों के सही उत्तर दे पाएँगे।

=>निर्णय लेना एवं समस्या समाधान 

  • निर्णय लेना एवं समस्या का समाधान करना प्रशासनिक व्यवहार का एक अहम बिन्दु है। निर्णय लेना एक ऐसी प्रक्रिया है,जिसके अन्तर्गत कोई व्यक्ति विभिन्न रणनीतियों या विकल्पों में से किसी एक विकल्प का चुनाव करता है। 
  • प्रश्नपत्र में निर्णय लेने और समस्या-समाधान से संबंधित प्रश्न पूछे जाएँगे जिनका उद्देश्य किसी जटिल स्थिति के प्रति उम्मीदवार की प्रतिक्रिया और उस स्थिति से उत्पन्न होने वाली समस्या का उपयुक्त समाधान ढूँढ़ने का उसका विवेकपूर्ण दृष्टिकोण परखना है। 
  • इस भाग में दी गई सूचनाओं एवं परिस्थितियों के आधार पर उम्मीदवार की निर्णय क्षमता को जाँचा एवं परखा जाता है। प्रश्न साधारणतः कुछ परिस्थितियों से संबंधित होंगे, जिनके आधार पर आपको कोई कार्यवाही करनी होगी तथा बताना होगा कि उक्त कार्यवाही क्यों करनी चाहिए।
  • वास्तविक जीवन, कानून एवं व्यवस्था, परिस्थितियाँ अथवा प्रशासनिक कथन और नीति एवं नैतिकता के आधारपर निर्णय लेने संबंधी प्रश्न इस क्षेत्र के अन्य महत्त्वपूर्ण भाग हैं।
  • वे सभी प्रतियोगी जो आगामी मध्यप्रदेश राज्य सेवा परीक्षा के माध्यम से राज्य सेवा के प्रतिष्ठित पद पर चयनित होने का सपना संजो रहे हैं उन्हें चाहिए कि वे परिश्रम और आत्मविश्वास के संकल्प के साथ राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी करें। यदि पूरे मनोयोग से तैयारी करेंगे तो सफलता अवश्य ही मिलेगी।

मध्यप्रदेश राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी हेतु आवश्यक पुस्तकों के नाम :- CLICK HERE

 

 

Download this article as PDF by sharing it

Thanks for sharing, PDF file ready to download now

Sorry, in order to download PDF, you need to share it

Share Download
Tags