कटाव नियंत्रण सहित बाढ़ प्रबंधन का विषय, राज्यों के क्षेत्राधिकार में आता है। बाढ़ प्रबंधन एवं कटाव रोधी योजनाएं राज्य सरकारों द्वारा अपनी प्राथमिकता के अनुसार अपने संसाधनों द्वारा नियोजित, अन्वेषित एवं कार्यान्वित की जाती हैं। केंद्र सरकार राज्यों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रोत्साहक वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
मंत्रालय ने 11 वीं योजना में “बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम (एफएमपी)” नामक एक राज्य आधारित योजना शुरू की थी, जो 12 वीं योजना में भी जारी रही।
12 वीं योजना में जल संसाधन मंत्रालय ने “नदी प्रबंधन कार्यकलाप एवं सीमा क्षेत्र संबंधी निर्माण कार्य (आरएमबीए)” नामक एक केंद्रीय योजना कार्यान्वित की थी जिसमें निम्नलिखित घटक हैः-
- पड़ोसी देशों के साथ साझा सीमा वाली नदियों पर जल विज्ञानीय प्रेक्षण और बाढ़ पूर्वानुमान।
- पड़ोसी देशों में जल संसाधन परियोजनाओं की जांच।
- साझा सीमा वाली नदियों पर जल संसाधन परियोजनाओं के लिए निर्माण पूर्व कार्य-पंचेश्वर विकास प्राधिकरण (पीडीए)।
- राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को बाढ़ प्रबंधन/समुद्र कटाव रोधन निर्माण कार्यों के लिए सहायता अनुदानः-
(क) राज्यों द्वारा कोसी एवं गंडक परियोजनाओं (नेपाल में) के बाढ़ सुरक्षा निर्माण कार्यों, बंगलादेश और पाकिस्तान के साथ सीमा क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा/कटाव रोधन निर्माण कार्यों का रख-रखाव।
(ख) संघ राज्य क्षेत्रों में बाढ़ प्रबंधन/कटाव रोधन निर्माण कार्य/समुद्र कटाव रोधन निर्माण कार्य।
- गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग के कार्य।
