उज्‍ज्‍वला योजना के तहत लक्ष्‍य में बढ़ोतरी को मंजूरी

  • आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने 4800 करोड़ रुपये के अतिरिक्‍त आवंटन के साथ प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना (पीएमयूवाई) के लक्ष्‍य को 5 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ करने को मंजूरी दे दी है।
  • प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना (पीएमयूवाई) को महिलाओं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं की ओर से व्‍यापक समर्थन मिलने और अब तक एलपीजी कनेक्‍शन से वंचित घरों को इसके दायरे में लाने के उद्देश्‍य को ध्‍यान में रखते हुए ही यह निर्णय लिया गया है। प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना (पीएमयूवाई) का संशोधित लक्ष्‍य वर्ष 2020 तक प्राप्‍त कर लिया जाएगा।

Also Focus on removing Hurdles in Implimentation

 लक्ष्‍य में बढ़ोतरी करते वक्‍त सरकार ने प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना (पीएमयूवाई) के क्रियान्‍वयन में आने वाली व्‍यावहारिक कठिनाई को भी दूर कर दिया है। इसके तहत मुख्‍यत: सामाजिक आर्थिक जातिगत सर्वेक्षण (एसईसीसी) की सूची में शामिल न हो सके वास्‍तविक गरीब परिवारों को इसके दायरे में लाने पर ध्‍यान केंद्रित किया गया है। कैबिनेट ने आज एसईसीसी के तहत चिन्हित परिवारों के अलावा समस्‍त एससी/एसटी परिवारों, पीएमएवाई (ग्रामीण) एवं अंत्‍योदय अन्‍न योजना के लाभार्थियों, वनवासियों, अति पिछड़ा वर्गों (एमबीसी), चाय बागानों एवं पूर्व चाय बागानों से जुड़ी जनजातियों, द्वीपों एवं नदियों के समीप रहने वाले लोगों को भी इसके दायरे में लाने के लिए इस योजना का विस्‍तार करने को मंजूरी दे दी।

  • सरकार न केवल योजनाओं की घोषणा करती है, बल्कि वह इनके समयबद्ध क्रियान्‍वयन के लिए भी प्रतिबद्ध है। पीएमयूवाई के तहत वित्‍त वर्ष 2017-18 के आखिर तक 3 करोड़ कनेक्‍शन जारी करने का मूल लक्ष्‍य रखा गया था, लेकिन इस योजना के कारगर क्रियान्‍वयन एवं निगरानी के परिणामस्‍वरूप सभी राज्‍यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अब तक 3.35 करोड़ से भी ज्‍यादा कनेक्‍शन जारी किए गए हैं जिससे मुख्‍यत: एससी/एसटी समुदाय लाभान्वित हुए हैं।
  • कुल मिलाकर 4.65 करोड़ से ज्‍यादा आवेदन प्राप्‍त हुए हैं। इस योजना का सुगम कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने 4800 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन के साथ इस योजना के तहत लक्ष्य को 5 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की संख्या के बढ़कर 5 करोड़ के आंकड़े को छू लेने और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं की ओर से मिले व्यापक समर्थन को ध्यान में रखते हुए ही यह निर्णय लिया गया है।

पृष्ठभूमि

भारत सरकार देश भर में उन सभी परिवारों को एलपीजी के जरिये स्वच्छ रसोई ईंधन मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है जो अब तक इसके दायरे में नहीं आ पाये हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत मई 2016 में हुई थी जिसके जरिये लाभार्थियों को नकद सहायता दी जाती है, ताकि वे बगैर किसी जमानत राशि (डिपॉजिट) के नया कनेक्शन प्राप्त कर सकें। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत आरम्भ में वित्त वर्ष 2016-17 से शुरू 3 वर्षों की अवधि के दौरान 8,000 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ 5 करोड़ कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। यह सभी तक ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करने संबंधी सरकार के समग्र फोकस का एक हिस्सा है। उन गांवों में बिजली पहुंचाई जा रही है जो अब तक इस सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीण विद्युतीकरण विजन को आगे ले जाने के लिए सौभाग्य योजना शुरू की गई है, ताकि अब तक बिजली सुविधा से वंचित घरों को बिजली कनेक्शन दिया जा सके और 31 दिसम्बर, 2018 तक सभी घरों को इसके दायरे में लाने की संभावना है। प्रधानमंत्री की मिशन नवाचार योजना के तहत सरकार और निजी एजेंसियों द्वारा देश भर में 28 करोड़ से भी ज्यादा एलईडी बल्ब वितरित किये जा चुके हैं

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