ऐसे निपटें नकारात्मक प्रतिक्रिया से

हम सभी दफ्तर या कार्यस्थल पर बेहतरीन नतीजे देने की कोशिश करते हैं लेकिन कई बार चीजें सही नहीं होती हैं और तब काम को लेकर नकारात्मक टिप्पणी सुनने को मिलती है। किसी भी मीटिंग के दौरान यह बहुत ही बुरा अनुभव है जबकि आपके काम में कमियां ढूंढी जाती हैं। इस समय व्यक्ति अपने बचाव में गलत बर्ताव भी कर जाता है। जब भी कभी इस तरह की प्रतिक्रिया से आपका सामना हो तो क्या करें, इसी के कुछ सुझाव।
ध्यान से पूरी बात सुनें

भले ही आप नकारात्मक प्रतिक्रिया का विरोध करना चाहते हों लेकिन पहले सामने वाले की पूरी बात सुनना जरूरी है। अपने बॉस के सामने अपना पक्ष रखने से पहले उनकी पूरी बात सुनें। जब आप उनकी पूरी बात सुन लेते हैं तो उससे आप गुस्से को एक एग्जिट दे देते हैं और चीजें थोड़ी शांत हो जाती है। अचानक बीच में अपनी बात शुरू कर देने से आप चीजों को उलझा देते हैं।

जरूरी सवाल पूछें
अगर आपको कुछ बिंदुओं पर संदेह हो तो उनके बारे में शांति से सवाल पूछें। यह सुनिश्चित करें कि कुछ भी पूछते हुए आपकी बातचीत का लहजा बहुत ही शांत और सहज हो। आपके प्रश्न पूछने के पीछे सुधार लाने की इच्छा झलकना चाहिए न कि खुद को सही ठहराने का अड़ियल रवैया। अगर आप जरूरी सवाल पूछेंगे तो उनके उत्तर हमेशा मिलकर ही रहेंगे।

बॉडी लैंग्वेज का रखें ख्याल
जब भी आपके काम पर नकारात्मक टिप्पणी की जा रही हो तो आपकी बॉडी लैंग्वेज सकारात्मक ही होना चाहिए। किसी भी टिप्पणी से उपजा तनाव आप पर हावी नहीं होना चाहिए। जितनी उदारता और खुले मन से आप आलोचना का स्वागत करेंगे उतना ही उसका नकारात्मक असर कम होगा।

सीखने की प्रक्रिया
जब भी आपके कामकाज को लेकर कोई टिप्पणी की जा रही हो तो ध्यान रहे कि आप गलतियां जानकर ही आप काम को बेहतर बनाने के तरीके सीखेंगे। अपनी गलतियों के कारण आत्मविश्वास खोने क ी बजाय उसे बनाना सीखें। काम की आलोचना किसी भी व्यक्ति को सीखने के लिए बहुत कुछ देती है।

फीडबैक के लिए धन्यवाद
किसी भी नकारात्मक प्रतिक्रिया पर ऐसे व्यवहार न करें कि आपको यह सुनना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा है। बल्कि जिस व्यक्ति ने आपकी आलोचना की है उसे धन्यवाद जरूर दें कि उसने कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं की तरफ आपका ध्यान खींचा है और आप भविष्य में उनमें सुधार करने की पूरी कोशिश करेंगे। इस तरह आप अनावश्यक विवाद को खत्म कर देते हैं और एकदूसरे के साथ दोस्ताना रिश्ता कायम करते हैं।

बचाव नहीं सफाई दें
अपनी गलतियों या आलोचना पर बचाव प्रस्तुत न करें लेकिन जो भ्रांतियां या गलतफहमियां हैं उन्हें साफ जरूर करें। जब भी आपके बॉस आपसे प्रदर्शन गिरने की वजह पूछें तो उन्हें बताएं कि आपके प्रदर्शन में गिरावट का कारण क्या है। खुद को बचाने की कोशिश करने के बजाय स्पष्ट कहें कि कमी कहां है
 

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