मजदूरों का एक दिन :मजदूर दिवस

 एक मई को दुनिया के ज्यादातर देशों ने मेहनतकशों के नाम समर्पित कर रखा है. इसे मई दिवस, मे डे, मजदूर दिवस तमाम नामों से जाना जाता है. भारत में पहली बार एक मई 1923 को मई दिवस मनाया गया था. तब हिंदुस्तान किसान पार्टी ने मद्रास में इसे मनाया था.

- आज दनिया के 80 से ज्यादा देश मई दिवस के दिन राष्ट्रीय छुट्टी रखते हैं. कुछ देशों में इसे अलग-अलग तारीखों को भी मनाया जाता है.

=>मजदूर दिवस का अतीत :-

धार्मिक स्थलों पर हादसों को कैसे रोका जाए

धार्मिक स्थलों पर दुर्घटनाओं की वजह- बढ़ती भीड़, कानून की अवहेलना और कुप्रबंधन है। धार्मिक स्थलों में अतिशबाजी पर प्रतिबंध के साथ ही सुरक्षा, जांच व उपचार की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।

सड़क दुर्घटना व सड़क सुरक्षा

  • सड़क दुर्घटनाओं में हताहत होने वालों की बढ़ती संख्या हमारे सामने बेहद गंभीर रूप में खड़ी है
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2009 में सड़क सुरक्षा पर अपनी पहली वैश्विक स्थिति रिपोर्ट में सड़क दुर्घटनाओं की दुनियाभर में “सबसे बड़े कातिल” के रूप में पहचान की। रिपोर्ट में कहा गया है कि हर साल दुनियाभर में सड़क हादसों में 1.2 मिलियन लोगों की मृत्यु हो जाती है और 50 मिलियन लोग इससे प्रभावित होत

कोटा में कोचिंग छात्र ने की आत्महत्या

 डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना देख रहे कोटा के अनेक कोचिंग के स्टूडेंट्स के सपने टूटने के डर से आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं।

क्या कहते है आँकड़े

  • पिछले पांच सालों में वहां 77 बच्चे आत्महत्या के शिकार हो चुके हैं.
  • इस साल भी अब तक तकरीबन 20 बच्चे खुदकुशी कर चुके हैं.
  • कोटा पुलिस से के अनुसार 2011 में छह बच्चों ने, 2012 में 11, 2013 में 26 तथा 2014 में 14 बच्चे खुदकुशी कर ली.

क्या कारण है सुसाइड का:

लोकसभा व विधानसभाओ के एक साथ चुनाव का आयोजन

स्वतंत्रता के बाद देश में लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होने शुरु हुए थे। यह क्रम में 1967 तक निर्बाध रूप से चलता रहा। इसके बाद कुछ राज्यों में विधानसभा भंग होने के कारण एक साथ चुनाव होने का सिलसिला थम गया और अब यह स्थिति है कि देश में हर चार-छह माह के अंतराल पर कहीं न कहीं चुनाव होते रहते हैं। कभी विधानसभाओं के और कभी लोकसभा या फिर विधानसभाओं की समय से पहले रिक्त हुई सीटों के। 

इसके मायने

लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट(एलईएमए) पर सहमति

रिश्ते सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अमरीका के साथ लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट करने पर सहमत हो गया है। 

क्या है इसके मायने

पानी से घिरा प्यासा देश

भारत मे पानी की विडम्बना

देश में पानी की कमी नहीं है। एक तरफ हिमालय से निकलने वाली नदियां हैं, तो दूसरी तरफ समुद्र से घिरा देश है। फिर भी आधे से अधिक देश प्यासा है।

पानी का संकट

शिक्षा की गुणवत्ता का सवाल (Question mark on Quality of Education)

स्कूल-कॉलेजों में न सिर्फ शिक्षा का व्यवसायीकरण हो रहा है, बल्कि निजी ट्यूशन का धंधा आज धीर-धीरे काफी जोर पकड़ चुका है। समय के साथ यह एक अनिवार्य व्यवस्था का रूप लेती जा रही

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