GS PAPER IV
अभिवृत्ति : सारांश (कंटेन्टद्), संरचना, वृत्ति, विचार तथा आचरण के परिपेरक्ष्य में इसका प्रभाव एवं सम्बन्धी नैतिक और राजनीतिक अभिरुचि, सामाजिक प्रभाव और धरणा।
आप अभिवृति से क्या समझते है? प्रशासन में अवांछनीय अभिवृति में कैसे बदलाव लाया जा सकता है ? उदाहरण के द्वारा अपने तर्कों को… Read More
GS PAPER IV
कारपोरेट शासन व्यवस्था।
हाल ही में टाटा संस के झगड़े ने कॉर्पोरेट प्रशासन के स्वतंत्र निदेशकों का एक महत्वपूर्ण पहलू उजागर होके आया है । क्या आपको लगता है ये निर्देशक वास्तव में स्वतंत्र हैं? उन्हें अपने कार्यान्वयन में क्या नैतिकता और नैतिक मूल्यों को बनाए रखना चाहिए?
Recent Tata… Read More
GS PAPER IV
अंतरात्मा, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंगद्) में नैतिक मुद्दे, कारपोरेट शासन व्यवस्था।
एनडीटीवी पर सरकार का प्रतिबंध क्या नैतिकता की कसौटी पर खरा उतरता है ? समझाइए |
Is the government ban on NDTV stand… Read More
GS PAPER IV
अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंगद्) में नैतिक मुद्दे
Human life is gift of God while Nation is manmade construct, for this reason it Nation could not be the master of human. Critically examine the statement.
मनुष्य जीवन ईश्वर की देन है लेकिन राष्ट्र तो मनुष्य का… Read More
GS PAER IV
नीतिशास्त्रा तथा मानवीय सहसम्बन्ध
For any great reason, is it justifiable to sacrifice human life? Weather it is for Nation or for any other purpose, does sacrifice should be accepted? In other words, should we compromise on death?
क्या किसी भी महान उद्देश्य के लिए मानव जीवन की बलि दी… Read More
GS PAPER IV
लोक प्रशासनों में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रा
अनुक्रियाशीलता की कमी और अच्छे विश्वास में निर्णय न लेने के अभाव में ; पारदर्शिता और जवाबदेही सतही और यांत्रिक बन जाते है। सुशासन के संदर्भ में समझाइए |
Transparency and accountability becomes superficial and mechanical in… Read More
