ETHICS CASE STUDY PAPER IV UPSC PAPER 2017

UPSC Paper IV की सीरीज में GSHINDI लेके आया है CASE STUDIES का विस्तृत explanation 

UPSC में case study का महत्वपूर्ण स्थान है | तथा PAPER IV का 50 % इसी से है और विद्यार्थी इसमें असहज भी महसुस करते है |

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https://youtu.be/CzQRcwxA2bc

ETHICS PAPER APPROACH

नैतिकता का पेपर UPSC MAINS के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण है | GSHINDI ने UPSC 2016 के प्रश्नों की व्याख्या कर इस पेपर से आपको रूबरू करवाने की कोश्हिश की थी | इसी कड़ी में यह विडियो आपको इस पेपर के बारे में समग्र तरीके से जानाने और समझने के बारे में व्याख्या करता है | इसमें PAPER IV की प्रकृति और इसके स्वरूप की चर्चा की गई है और इसे कैसे handle करना चाहिए |

 

इसी कड़ी में next विडियो CASE STUDIES पर होगा |

you can watch video by clicking@

https://youtu.be/E78SUmQIACo

आयूष मंत्रालय ने आदमकद शुभंकरों के जरिए योग को लोकप्रिय बनाने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया

 

Ø  भारत सरकार के अयूष मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद (सीसीआरवाईएन) ने आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) को देखते हुए शुभंकरों और फ्लैश मोब्स के जरिए योग की लोकप्रियता बढ़ाने, विशेषकर उसे युवाओं में लोकप्रिय बनाने के लिए एक जागरूकता अभियान शुरू किया है। 

Ø  आकर्षक शुभंकर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करते हैं। सार्वजनिक स्थलों, विशेषकर मॉल्स, इवेंट्स और मनोरंजनात्मक पर्यटक स्थलों पर लगाए गए शुभंकर परिवारों के साथ जोड़े गए हैं, जो अतिरिक्त मनोरंजन और परस्पर क्रियाशीलता के जरिए जागरूकता पैदा करते हैं। 

पंचायती राज से विकास लक्ष्य को हासिल करने के लिए

पंचायती राज व्यवस्था स्थानीय स्वशासन का एक विशिष्ट स्वरूप है। हमारे यहां पंच-परमेश्वर की अवधारणा रही है और हमारी संस्कृति में इसकी जड़ें काफी गहरी हैं। औपनिवेशिक शासन ने हालांकि इस पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाला। लेकिन स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद संविधान (73वां संशोधन) अधिनियम 1992 के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से सामाजिक-आर्थिक विकास की जमीन तैयार हुई। 24 अप्रैल को यह ऐतिहासिक संविधान संशोधन लागू हुआ था, उसी के उपलक्ष्य में यह दिन राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि सहभागी स्थानीय स्वशासन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूती दी जा सके

अभिवृति – मूल्य – मान्यतायें - परम्परायें

प्रश्न -(UPSC 2016)

¨जीवन, कार्य, अन्य व्यक्तिओं एवम् समाज के प्रति हमारी अभिवृतियां आमतौर पर अनजाने में परिवार एवम् उस सामाजिक परिवेश द्वारा रूपित हो जाती हैं जिसमें हम बड़े होते हैं|

¨अनजाने में प्राप्त इनमें से कुछ अभिवृतियां एवम मूल्य अक्सर आधुनिक लोकतंत्र एवम् समतावादी समाज के नागरिकों के लिए अवांछनीय होते हैं|

¨आज के शिक्षित भारतीओं में विधमान ऐसे अवांछनीय मूल्यों की विवेचना कीजिये?