इलेक्ट्रानिक भुगतान क्षेत्र के लिये नियामक बनाने पर विचार

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देश में डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दौर में सरकार इस क्षेत्र के लिये एक अलग नियामक बनाने पर विचार कर रही है। नियामक देश में इलेक्ट्रानिक भुगतान को बेहतर बनाने के साथ साथ इसके लेनदेन शुल्कों का भी नियमन करेगा। 

नीतियों में स्पष्टता जरूरी तभी बनेंगे निवेश की धुरी

# Business Standard Editorial

वर्ष 2012 के बाद से भारत में भी कारोबारी चक्र में मंदी देखने को मिली है। भारत में मंदी कम निवेश और कम कारोबारी मुनाफे के मिलेजुले रूप में नजर आती है। एक अतिरिक्त विशेषता जिसने अर्थव्यवस्था पर इस बार नकारात्मक असर डाला है वह है बैलेंस शीट का संकट। मोटेतौर पर देखा जाए तो कारोबारी बैलेंस शीट वर्ष 2016 में दबाव में रही। इन फर्म की बात की जाए तो ये ब्याज चुकाने लायक परिचालन मुनाफा भी नहीं कमा पा रही थीं। 

राजनीतिक चंदा सुधार

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पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए प्रधानमन्त्री ने राजनीतिक चंदे को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया और कहा कि उनकी पार्टी अपने कोष का खुलासा करने में सक्रियता दिखाएगी

International experience on funding to parties

देशभर की जिला अदालतों में लंबित हैं 2.81 करोड़ मुकदमे

क्यों खबरों में

सुप्रीम कोर्ट ने ‘इंडियन ज्यूडिशियरी एनुअल रिपोर्ट 2015-16’ और ‘सब-ऑर्डिनेट कोर्ट्स ऑफ इंडिया : ए रिपोर्ट ऑन एक्सेस टू जस्टिस 2016’ शीर्षक से दो रिपोर्ट जारी की हैं। इसमें अदालतों में लंबित मुकदमों की भयावह तस्वीर सामने आई है।

NGO पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने इस पर उचित ही नाराजगी जताई कि आखिर गैर सरकारी संगठनों एवं समितियों के कोष और उनके उपयोग की निगरानी के लिए कोई नियामक व्यवस्था क्यों नहीं है?

मार्च तक सभी एनजीओ का करें ऑडिट : सुप्रीम कोर्ट

किस लिए यह मत

देशभर के करीब तीस लाख गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के हिसाब-किताब का लेखा-जोखा न होने और एनजीओ को नियमित करने का कोई तंत्र न होने पर

और क्या कहा न्यायालय ने

Ø  कोर्ट ने 31 मार्च तक सभी एनजीओ का ऑडिट कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

Ø   कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वह एनजीओ को नियमित करने, उन्हें मान्यता देने और उनकी फंडिंग के बारे में दिशानिर्देश तय करे।

मनरेगा में आधार अनिवार्य

  • अप्रैल से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कार्य में आधार अनिवार्य होगा।
  • मनरेगा के तहत पंजीकृत लोगों को प्रमाण के तौर पर आधार नंबर दिखाना होगा।
  • अगर यह नहीं है तो 31 मार्च 2017 तक उन्हें आधार के लिए नामांकन कराने का प्रमाण देना होगा। आधार कार्ड मिलने तक राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आइडी, फोटोयुक्त किसान पासबुक, मनरेगा के तहत जारी जॉब कार्ड और राजपत्रित अधिकारी या तहसीलदार द्व