द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग : भ्रष्टाचार भाग 4

"एथिक्स" के प्रश्न पत्र की तैयारी की शुरुआत ARC- II (प्रशासनिक सुधार आयोग) की रिपोर्ट 4 - शासन में नैतिकता" से ही होती है।
यदि कोई प्रतिभागी ARC की रिपोर्ट को पढ़े बिना ही एथिक्स की so called मोटी- मोटी बुक्स पढ़ ले तो उसकी तैयारी अधूरी ही कही जाएगी क्योंकि बेसिक कांसेप्ट और सोच (एटीट्यूड) का निर्माण ARC की रिपोर्ट पढ़ के ही होता है।
चूँकि ARC-II की 4th रिपोर्ट अपने आप में ही मोटी है, ऐसे में GSHindi ने इसे आसान शब्दों में ढाल कुछ videos बनाकर अपने youtube चैनल पर शेयर किये हैं।  

Topic: भ्रष्टाचार सरकारी राजकोष का दुरूपयोग,प्रशासनिक अदक्षता PART IV

द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग : भ्रष्टाचार भाग 3

"एथिक्स" के प्रश्न पत्र की तैयारी की शुरुआत ARC- II (प्रशासनिक सुधार आयोग) की रिपोर्ट 4 - शासन में नैतिकता" से ही होती है।
यदि कोई प्रतिभागी ARC की रिपोर्ट को पढ़े बिना ही एथिक्स की so called मोटी- मोटी बुक्स पढ़ ले तो उसकी तैयारी अधूरी ही कही जाएगी क्योंकि बेसिक कांसेप्ट और सोच (एटीट्यूड) का निर्माण ARC की रिपोर्ट पढ़ के ही होता है।
चूँकि ARC-II की 4th रिपोर्ट अपने आप में ही मोटी है, ऐसे में GSHindi ने इसे आसान शब्दों में ढाल कुछ videos बनाकर अपने youtube चैनल पर शेयर किये हैं।  

Topic: भ्रष्टाचार सरकारी राजकोष का दुरूपयोग,प्रशासनिक अदक्षता PART III

द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग : भ्रष्टाचार भाग 2

"एथिक्स" के प्रश्न पत्र की तैयारी की शुरुआत ARC- II (प्रशासनिक सुधार आयोग) की रिपोर्ट 4 - शासन में नैतिकता" से ही होती है।
यदि कोई प्रतिभागी ARC की रिपोर्ट को पढ़े बिना ही एथिक्स की so called मोटी- मोटी बुक्स पढ़ ले तो उसकी तैयारी अधूरी ही कही जाएगी क्योंकि बेसिक कांसेप्ट और सोच (एटीट्यूड) का निर्माण ARC की रिपोर्ट पढ़ के ही होता है।
चूँकि ARC-II की 4th रिपोर्ट अपने आप में ही मोटी है, ऐसे में GSHindi ने इसे आसान शब्दों में ढाल कुछ videos बनाकर अपने youtube चैनल पर शेयर किये हैं।  

Topic: भ्रष्टाचार सरकारी राजकोष का दुरूपयोग,प्रशासनिक अदक्षता PART II

द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग : भ्रष्टाचार भाग 1

"एथिक्स" के प्रश्न पत्र की तैयारी की शुरुआत ARC- II (प्रशासनिक सुधार आयोग) की रिपोर्ट 4 - शासन में नैतिकता" से ही होती है।
यदि कोई प्रतिभागी ARC की रिपोर्ट को पढ़े बिना ही एथिक्स की so called मोटी- मोटी बुक्स पढ़ ले तो उसकी तैयारी अधूरी ही कही जाएगी क्योंकि बेसिक कांसेप्ट और सोच (एटीट्यूड) का निर्माण ARC की रिपोर्ट पढ़ के ही होता है।
चूँकि ARC-II की 4th रिपोर्ट अपने आप में ही मोटी है, ऐसे में GSHindi ने इसे आसान शब्दों में ढाल कुछ videos बनाकर अपने youtube चैनल पर शेयर किये हैं।  

Topic: भ्रष्टाचार सरकारी राजकोष का दुरूपयोग,प्रशासनिक अदक्षता PART I

विचाराधीन कैदियों की संख्या: रिहाई प्रक्रिया तेज करना जरूरी

देश की जेलों में बंद क्षमता से अधिक कैदियों की संख्या केन्द्र और राज्य सरकारों के समक्ष बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है। इनमें विचाराधीन कैदियों की संख्या बहुत अधिक है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केन्द्र सरकार विभिन्न अपराधों के आरोपों में लंबे समय से जेल में बंद उन विचाराधीन कैदियों को रिहा करना चाहती है जो निर्धारित सज़ा की आधे से अधिक अवधि जेल में गुजार चुके हैं।

एक नजर आंकड़ो पर

भारत में रहते हैं सबसे अधिक रिश्वतखोरः 'ट्रांसपेरेन्सी इंटरनैशनल

- एशिया प्रशांत क्षेत्र में रिश्वत के मामले में भारत शीर्ष पर है। हाल ही में जारी एक सर्वे में कहा गया है कि यहां सार्वजनिक सेवाओं के लिए लोगों को किसी न किसी रूप में रिश्वत देनी पड़ती है।

-अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक अधिकार समूह 'ट्रांसपेरेन्सी इंटरनैशनल' के सर्वे में शामिल 69 फीसदी भारतीयों ने माना कि उन्हें घूस देनी पड़ी है, जबकि वियतनाम के 65 फीसदी, पाकिस्तान के 40 फीसदी और चीन के 26 फीसदी लोगों ने रिश्वत देने की बात कबूली।

10 में से 7 भारतीयों को देनी पड़ती है घूस, पुलिस विभाग सबसे ज्यादा भ्रष्ट : ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल"

★ दुनिया भर में भ्रष्टाचार पर नजर रखने वाले ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा कराए गए एक सर्वे के मुताबिक 10 में से करीब 7 भारतीयों को सार्वजनिक सेवाएं लेने के लिए किसी न किसी रूप में घूस देनी पड़ती है.

★ रिश्वतखोरी के मामले में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शीर्ष पर है.

★ अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक अधिकार समूह 'ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल' द्वारा कराए गए इस सर्वे के अनुसार, भारत में 69 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें घूस देनी पड़ी.

नौकरशाहों को देनी होगी परफॉर्मेंस की ऑनलाइन रिपोर्ट

केंद्र के कार्मिक विभाग की योजना के अंतर्गत आइएएस, आइपीएस समेत अखिल भारतीय सेवा के तहत आने वाले अधिकारियों को ऑनलाइन परफॉर्मेंस रिपोर्ट दाखिल करना होगा।

दिल्ली : 2016 में प्रत्येक दिन दुष्कर्म के छह और छेड़छाड़ के 12 मामले दर्ज

In news:

दिल्ली में अपराध से जुड़े आंकड़े अभी भी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं. 2016 में अपराध के कुल 2,09,519 मामले दर्ज किए गए. इनमें 73.29 फीसदी मामलों का समाधान नहीं हुआ है. 2015 में यह आंकड़ा 72.78 फीसदी था. ये बातें सोमवार को दिल्ली पुलिस द्वारा जारी की गई वार्षिक रिपोर्ट में सामने आई हैं.