★ भारत छोटा उद्यम शुरू करने वाला तीसरी बड़ी ताकत है। छोटे उद्यम शुरू करने के मामले में भारत दुनिया का सबसे युवा देश है जहां ऐसे 72 प्रतिशत लोगों की उम्र 35 साल से कम है।
'स्टार्ट अप इंडिया' नाम से शुरू राज्यों के सम्मेलन में केंद्र सर्कार ने कहा "स्टार्ट-अप भारत में अगली बड़ी आर्थिक ताकत है।… Read More
भारत सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) प्राप्त करने के मामले में पीछे है और इस सूचकांक में वह 149 देशों में 110वें स्थान पर है जबकि स्वीडन को शीर्ष स्थान हासिल हुआ।
★सूचकांक से स्पष्ट है कि सभी देशों को इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के मामले में प्रमुख चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बेनामी लेनदेन (प्रतिषेध) संशोधन विधेयक, 2015 को लोकसभा में पेश करने को मंजूरी दे दी।
संशोधन क्यों:
इस विधेयक के प्रावधानों के क्रियान्वयन के दौरान कई तरह की व्यावहारिक कठिनाइयां आती हैं। लेकिन प्रस्तावित संशोधन के अधिनियम के रूप में तब्दील होने के बाद इस तरह की समस्याएं… Read More
केंद्रीय कैबिनेट ने कंपनी अधिनियम 2013 के तहत सागरमाला डेवलपमेंट कंपनी (एसडीसी) के संस्थापन को मंजूरी दी है।
SDC के बारे में विस्तार से :
एसडीसी जहाजरानी मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में होगी।
यह विशेष उद्देशीय कंपनी (एसपीवी) परियोजना को इक्विटी सहायता और सागरमाला कार्यक्रम के तहत अवशिष्ट… Read More
★काले धन पर बने विशेष जांच दल ने अपनी पांचवी रिपोर्ट माननीय उच्चतम न्यायालय को सौंप दी है। विशेष जांच दल ने पांचवी रिपोर्ट में निम्नलिखित सिफारिशें की हैं।
1. नकद लेनदेन: विशेष जांच दल ने यह महसूस किया कि बड़े पैमाने पर बिना बही खाते का धन जमा किया गया है और नकद रूप में इसका इस्तेमाल किया जा… Read More
- कालेधन पर बनी विशेष जांच दल (एसआईटी) ने देश में 3 लाख रुपए से अधिक के लेन-देन और 15 लाख रुपए से अधिक नकद रखने को अपराध घोषित करने की अनुशंसा की है.
- सुप्रीम कोर्ट को सौंपी अपनी पांचवी रिपोर्ट में एसआईटी ने नकद लेन-देन को देश में कालेधन का सबसे बड़ा वाहक बताया है.
- जस्टिस एमबी शाह की अध्यक्षता… Read More
★भ्रष्टाचार हमेशा विकास की राह में बड़ी बाधा साबित होती है और इसके पनपने का सबसे बड़ा कारण होता है पारदर्शिता का अभाव. आम भारतीय इसके भुक्तभोगी रहे हैं और गाहे-ब-गाहे इसके विरुद्ध आवाज भी उठाते रहते हैं. इस निराशाजनक परिदृश्य में अब एक संतोषजनक खबर यह आयी है कि भारतीय कंपनियां सांगठनिक रूप से… Read More
शिक्षा के मोर्चे पर एक अच्छी खबर है. भारत में 2001 से 2011 के बीच पांच से 19 वर्ष के आयु वर्ग में विद्यार्थियों की संख्या 30 फीसदी बढ़ी है.
★ इस मामले में परंपरागत रूप से पिछड़े रहे समुदायों के लिए यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा है जिसे भविष्य के लिए अच्छा संकेत कहा जा सकता है.
★ द टाइम्स ऑफ… Read More
