भारत वन स्‍थिति रिपोर्ट 2017 (India state of forest report 2017)

India state of forest report 2017 Summery
     वन क्षेत्र के मामले में भारत दुनिया के शीर्ष 10 देशों में है। 
    ऐसा तब है जबकि बाकी 9 देशों में जनसंख्‍या घनत्‍व 150 व्‍यक्‍ति/वर्ग किलोमीटर है और भारत में यह 382 व्‍यक्‍ति/वर्ग किलोमीटर है। 
    भारत के भू-भाग का 24.4 प्रतिशत हिस्‍सा वनों और पेड़ों से घिरा है, हालांकि यह विश्‍व के कुल भूभाग का केवल 2.4 प्रतिशत हिस्‍सा है ओर इनपर 17 प्रतिशत मनुष्‍यों की आबादी और मवेशियों की 18 प्रतिशत संख्‍या की जरूरतों को पूरा करने का दवाब है।

माइक्रोप्लास्टिक से समुद्र के विशालकाय जीवों को खतरा : अध्ययन

प्लास्टिक के सूक्ष्म कण (माइक्रोप्लास्टिक) बड़े समुद्री जीवों के लिए घातक बनते जा रहे हैं। समुद्र को साफ रखने में अहम भूमिका निभाने वाले समुद्री जीव व्हेल, शार्क और मान्टा रे आदि इसकी चपेट में आ रहे हैं। वैज्ञानिकों ने खासतौर पर सबसे ज्यादा प्रदूषित बंगाल की खाड़ी, भूमध्य सागर और मैक्सिको की खाड़ी को लेकर यह चेतावनी दी है।

बदल सकती है जीवों की जैविक प्रक्रिया

नमामि गंगे परियोजना में क्या हैं अड़चनें: A new technique by IARI

A new technique ha been developed by IARI for cleaning of GANGA which is enviournment friendly and do not harm ecology of area.
#Business_Standard
Ganga & Cleanliness
    देश की सबसे पवित्र नदी गंगा को फिर से स्वच्छ एवं निर्मल बनाने के लिए शुरू की गई नमामि गंगे परियोजना की सुस्त रफ्तार की एक मुख्य वजह यह है कि इसमें लगातार गंदे पानी की आवक हो रही है। 

भारत के लिए मिथनोल अर्थव्यवस्थाः ऊर्जा सुरक्षा, मेक इन इंडिया तथा शून्य कार्बन प्रभाव


भारत में मेथनोल अर्थव्यवस्था पर नोट इस प्रकार हैः
    भारत को वर्तमान में प्रतिवर्ष 2900 करोड़ लीटर पेट्रोल और 9000 करोड़ लीटर डीजल की आवश्‍यकता है, भारत विश्‍व में छठा बड़ा उपभोक्‍ता है यह खपत वर्ष 2030 तक दोगुनी हो जाएगी और भारत तीसरा बड़ा उपभोक्‍ता बन जाएगा। कच्चे तेल के लिए हमारा आयात बिल लगभग 6 लाख करोड़ रुपये है।

वर्ष 2022 से पहले पूरा होगा रिन्यूएबल ऊर्जा का उत्पादन लक्ष्य

- वर्ष 2022 तक रिन्यूएबल ऊर्जा स्त्रोतों से 1.75 लाख मेगावाट बिजली बनाने का सरकार का लक्ष्य समय से पहले पूरा कर लिया जाएगा।

- इस वर्ष के अंत तक पवन, सौर और ऊर्जा के अन्य अपारंपरिक स्त्रोतों से 90 हजार मेगावाट बिजली बनाने का काम पूरा हो जाएगा।

- नवंबर, 2017 तक रिन्यूएबल एनर्जी स्त्रोतों से 62,000 मेगावाट क्षमता की बिजली बनाने के संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।

-अभी सरकार की तरफ से सौर ऊर्जा के लिए 14,000 मेगावाट की और निविदाएं जारी की गई हैं। जबकि कुछ और निविदाएं अगले वित्त वर्ष के दौरान जारी की जाएंगी। कई राज्यों में सोलर पार्क बनाने का काम तेज किया जाएगा।