भारत का रक्षा बजट दुनिया के टॉप 5 बजट में शामिल: रिपोर्ट

- इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फोर स्ट्रेजिक स्टडीज (आईआईएसएस) की मिलिट्री बैलेंस 2018 रिपोर्ट के मुताबिक भारत 2017 में 52.5 अरब डॉलर के खर्च के साथ रक्षा बजट के मामले में ब्रिटेन को पीछे छोड़कर पांचवे स्थान पर पहुंच गया.

- वर्ष 2016 में 51.1 अरब डॉलर का रक्षा बजट था.

- इसके उलट, ब्रिटेन का रक्षा बजट 2016 के 52.5 अरब डॉलर से घटकर पिछले साल 50.7 अरब डॉलर रह गया.

- भारत और ब्रिटेन के बीच सैन्य संतुलन में महत्वपूर्ण बदलाव को दिखाता है. वैश्विक संदर्भ में भारत, ब्रिटेन की तुलना में अपने क्षेत्रीय संसाधनों को विकसित करने के लिए ज्यादा आवंटन कर रहा है.’

वैज्ञानिकों द्वारा प्रयोगशाला में अंडाणु विकसित

मां न बन पाने वाली महिलाओं के लिए यह राहत भरी ख़बर है. इसके मुताबिक़ वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में अंडाणु विकसित करने में कामयाबी हासिल की है. फिलहाल इनका परीक्षण चल रहा है.

Agni 1 Ballistic Missile: 700 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण सफल

अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल : कुछ विशेष तथ्य 

- भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का ओडिशा तट के पास एक परीक्षण रेंज से सफल परीक्षण किया। इस मिसाइल की मारक क्षमता 700 किलोमीटर से अधिक है।

- सतह से सतह पर मार करने में सक्षम और देश में विकसित इस मिसाइल का परीक्षण संचालनात्मक तैयारी को मजबूत करने के लिए सेना की ‘स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड’ (एसएफसी) की समय-समय पर की जाने वाली प्रशिक्षण गतिविधि के तहत किया गया है।

चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 के बारे में खास बातें

-चंद्रयान-2 का कुल भार 3,290 किलोग्राम है।

-यान एक से दो महीने में चांद तक पहुंचेगा।

-चंद्रमा की कक्षा तक पहुंचने के बाद, लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के पास लैंडिंग करेगा।

-लैंडर के अंदर लगे 6-पहिए वाले रोवर अलग हो जाएंगे और चंद्रमा की सतह पर आगे बढ़ेंगे।

-रोवर में इतनी क्षमता है कि वह चांद पर 14 दिन रुक सकता है और 150-200 किमी. तक चल सकता है।

-रोवर चांद की सतह का परीक्षण करेगा और वहां से 15 मिनट में तस्वीरें धरती पर भेजेगा।

जापान ने दुनिया का सबसे छोटा सैटेलाइट रॉकेट किया लांच

- जापान ने दुनिया के सबसे छोटे सैटेलाइट रॉकेट सफलतापूर्वक लांच किया है।

- रॉकेट, एसएस -520 श्रृंखला, जो आकार में 10 मीटर लंबा और 50 सेंटीमीटर चौड़ा है। उपयोगिता को लेकर इसका ईजाद किया गया है। जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के मुताबिक, कागोशिमा प्रीफेक्चर में उचिनोरा स्पेस सेंटर से ये रॉकेट अपनी पेलोड को अपनी कक्षा पर प्रक्षेपित करने के उद्देश्य से लांच किया गया।

- एसएस -520 श्रृंखला के नंबर 5 वाहन में एक माइक्रोसैटेलाइट था जो कि लगभग 3 किलोग्राम वजन था।

भारत, विश्व स्तर पर एंटीबायोटिक खपत और एंटीबायोटिक प्रतिरोध के उच्चतम दरों में सबसे ऊपर

भारत में एंटीबायोटिक प्रतिरोध एवं उच्च खपत  

- भारत में 64 फीसद एंटीबायोटिक दवाइयां बिना मंजूरी के धड़ल्ले से बिक रही हैं। एक अध्ययन के मुताबिक, मल्टीनेशनल कंपनियां अनियमित रूप से एंटीबायोटिक दवाओं का उत्पादन करती हैं और उनको धड़ल्ले से बेचती आ रही हैं। जिस कारण देश में रोग प्रतिरोध की समस्या बिगड़ती हैं और विश्व स्तर पर दवा के प्रतिरोध से लड़ने के प्रयासों को रोका जा रहा है।

स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी ‘करंज’ को पानी में उतारा गया

करंज की खासियतें 
    यह रडार की पकड़ में नहीं आती. 
    यह कम आवाज से वह दुश्मन को चकमा देने में सक्षम है.
    इस पनडुब्बी से पानी के साथ दुश्मन की जमीन पर भी हमला किया जा सकता है. 67.5 मीटर लंबी, 12.3 मीटर ऊंची और 1565 टन वजनी इस पनडुब्बी में ऑक्सीजन का निर्माण भी संभव है.

क्लोथो प्रोटीन

वैज्ञानिकों ने लोगों की आयु को लंबी करने वाली प्रोटीन की थ्री-डी संरचना का खुलासा किया है, जो मधुमेह, मोटापे और कुछ प्रकार के कैंसर के इलाज में मददगार साबित हो सकता है. इस अध्ययन का प्रकाशन नेचर (पत्रिका) में किया गया है.
क्लोथो प्रोटीन:
    जीवन काल को लंबा करने वाली प्रोटीन को क्लोथो नाम दिया गया है. एक ग्रीक देवी के नाम पर इस प्रोटीन का नाम रखा गया है.
    ये प्रोटीन कुछ खास ऊतकों की सतह पर होते हैं. ये प्रोटीन हॉर्मोनों के एक परिवार को जोड़ते हैं जिन्हें फाइब्रोब्लास्ट ग्रोथ फैक्टर्स (एफजीएफ) कहा जाता है.

क्या है एक साथ हो रहा सुपरमून, ब्लूमून और चंद्रग्रहण?

Blue Moon Suopermoon


सुपरमून वह खगोलीय घटना है जिसके दौरान चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब होता है और 14 फ़ीसदी अधिक चमकीला भी. इसे पेरिगी मून भी कहते हैं. धरती से नजदीक वाली स्थिति को पेरिगी (3,56,500 किलोमीटर) और दूर वाली स्थिति को अपोगी (4,06,700 किलोमीटर) कहते हैं.


BLUEMOON यह महीने के दूसरे फुल मून यानी पूर्ण चंद्र का मौक़ा भी है. जब फुलमून महीने में दो बार होता है तो दूसरे वाले फुलमून को ब्लूमून कहते हैं.