त्रासदी से कम नहीं बढ़ती आबादी

#Rajastan_Patrika

देश की तेजी से बढ़ती जनसंख्या, सरकार व जागरूक लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। सीमित संसाधनों के चलते सरकारों के लिए अपने नागरिकों को जीवन की मूलभूत सुविधाएं मुहैय्या कराना भी दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। कैसे नियंत्रण पाया जा सकता है जनसंख्या वृद्धि पर?
 

Current Problems of India lies in Population

भारत आज कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है जिनमें प्रमुख है ऊर्जा, पानी, गरीबी, कुपोषण, सुशासन, भ्रष्टाचार, सामाजिक और धार्मिक संघर्ष। जीवन की इतनी जटिल समस्याओं के बीच देश की बढ़ती जनसंख्या जैसी समस्या पर चिंतन करने की किसे फुरसत है। इनसभी समस्याओं का सम्बंध किसी न किसी स्तर पर तेजी से बढ़ती जनसंख्या से जुड़ा हुआ है। हमारे देश के वृहद् जानसांख्यिकी भार से पार पाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता है। साथ ही यह भी देखना होगा कि बढ़ती जनसंख्या को भी नियंत्रित करने के गंभीर प्रयास किए जाएं।

What to be done?

  • हमें प्राथमिक स्वास्थ्य और प्रजनन सम्बंधी नीतियों में सुधार कर अनचाहे गर्भ के मामलों में कमी लानी होगी।

Population growth in India

  • किसी भी देश के लिए बढ़े हुए जनसंख्या घनत्व और निम्न जीवन स्तर के साथ लगातार बढ़ती जनसंख्या, त्रासदी का काम ही करती रही है। हमारे देश की आबादी में हर दशक में सोलह करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ते जा रहे हैं।
  • गौरतलब है कि भारत की जनसंख्या 1992 में 95.6 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2015 में 1.28 अरब हो गई। बीस साल के कम समय में ही देश की जनसंख्या में 32.6 करोड़ की वृद्धि हुई।
  • यह वृद्धि संयुक्त राज्य अमरीका की कुल जनसंख्या के बराबर है। वर्तमान में इसमें एक से सवा करोड़ व्यक्ति प्रति वर्ष की दर से बढ़ोतरी हो रही है। देश में जनसंख्या वृद्धि की यही रफ्तार रही तो सरकार को वर्ष 2030 तक बीस करोड़ लोगों के जीवनयापन की अतिरिक्त व्यवस्था करनी होगी।

Future population prospect

  • अनुमान है कि तब तक देश की जनसंख्या एक अरब चालीस करोड़ तक पहुंच जाएगी। हाल ही संयुक्त राष्ट्र ने विश्व में अनियंत्रित तरीके से बढ़ती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए ‘द वल्र्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स : द 2017 रिवीजन’ शीर्षक से एक रिपेार्ट प्रकाशित की है।
  • रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में विश्व में सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश चीन है। इसमें वर्तमान में 1.4 अरब लोग निवास करते हैं।
  • भारत की जनसंख्या वर्तमान में 1.3 अरब है।

हमारे देश में तेजी से बढ़ती जनसंख्या का एक महत्वपूर्ण कारण अनचाहा गर्भ भी माना जा सकता है। आंकड़ों के अनुसार देश में प्रति दस में से चार मामले ऐसे पाए गए हैं जो या तो अनियोजित थे अथवा महिला द्वारा अनचाहे थे। इनमें से दो तिहाई से भी अधिक ने न चाहते हुए भी अपने बच्चों को जन्म दिया और अनचाहे ही देश की जनसंख्या वृद्धि में योगदान दिया। एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015 में 1.28 अरब जनसंख्या में से करीब 48 करोड़ लोग अनचाहे गर्भ का परिणाम थे और इनमें से अधिकतर निचले तबके से थे।

समाज पर अनचाहे गर्भ के दुष्परिणाम देखने को मिले हैं। यह सीखने की क्षमता के साथ ही सामाजिक-आर्थिक विकास की गति को अवरुद्ध करता है। कारण साफ है अनचाहे गर्भ से जन्म लेने वाले बच्चों का पालन-पोषण गरीब परिवेश में होता है। पोषित खुराक न मिलने के कारण ये बच्चे मानसिक और शारीरिक दृष्टि से कमजोर रह जाते हैं। वर्ष 2015 के अर्थशास्त्र के नोबल पुरस्कार विजेता प्रो. एंगस डिटॉन ने भारत में गरीबी व कुपोषण के संबंध पर अध्ययन में बताया कि भारत में किस तरह कुपोषण के कारण मनुष्य का विकास प्रभावित होता है।

उनके अनुसार मनुष्य की लम्बाई और मस्तिष्क का विकास बाल्यकाल के पोषण पर निर्भर करता है। यह बहुत ही निराशाजनक है कि भारत अनचाहे गर्भ, अनियंत्रित विकास और मानवीय यंत्रणा के मामलों में चरम बिन्दु पर पहुंच चुका है। जनसंख्या की इस वृद्धि दर को नियंत्रित करना होगा। यह शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा प्रदान करने जैसे मुद्दों पर सरकार की क्षमताओं पर प्रश्न खड़े करती है। देश के अधिकतर नागरिक आज भी मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं। संख्या और संसाधनों के मध्य यह दूरी लगातार बढ़ती जा रही है।

Download this article as PDF by sharing it

Thanks for sharing, PDF file ready to download now

Sorry, in order to download PDF, you need to share it

Share Download