ब्रिक्स से चीन के हित सधते हैं पर, क्या भारत के बारे में भी यह कहा जा सकता है?

IndianExpress (द इंडियन एक्सप्रेस का संपादकीय)

सन्दर्भ :- भारत के नीति नियंताओं को गंभीरता से यह सोचने की जरूरत है कि वे ब्रिक्स से क्या हासिल करना चाहते हैं.

★आठवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जब अलग-अलग देशों के नेता गोवा में मिल रहे हैं तो भारत के विदेश नीति नियंताओं को गंभीरता से यह सोचने की जरूरत है कि वे सबसे अजब इस वैश्विक गठबंधन से क्या हासिल करना चाहते हैं. 

Bacground:

चीन के राष्ट्रपति का बांग्लादेश दौरा : भारत के दो अरब के मुकाबले चीन बांग्लादेश को 24 अरब डॉलर का कर्ज देगा

पिछले 30 वर्षों में बांग्लादेश जाने वाले शी जिनपिंग पहले चीनी राष्ट्रपति हैं

★चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बांग्लादेश को 24 अरब डॉलर से अधिक कर्ज देने की मंजूरी देने वाले हैं. यह किसी दूसरे देश द्वारा अब तक बांग्लादेश को दी जाने वाली सबसे बड़ी रकम होगी. 
★बांग्लादेश के उप वित्त मंत्री एमए मन्नान के मुताबिक इसका इस्तेमाल ऊर्जा संयंत्र, बंदरगाह और रेलवे जैसी आधारभूत चीजों के निर्माण में किया जाएगा.

रूसी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा: दोनों देशों के मध्य हुए ये अहम समझौ

 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे। यहां भारतीय  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके साथ अहम मुलाकात की। दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर निम्न समझौते किये गए :-

1-200 कामोव हेलीकॉप्टर पर समझौता

2-एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम एस 400 पर समझौता

3-आंध्र प्रदेश, हरियाणा में स्मार्ट सिटी

4-भारत-रूस में गैस पाइपलाइन  समझौता

भारत के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का हस्ताक्षर समारोह मोरक्को में होगा

  • अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का कॉप-2022 कार्यक्रम मोरक्को में अगले महीने होगा। उसी मेंsolar_alliance गठबंधन का भी हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया जाएगा। इस बारे में सभी सदस्य देशों को जानकारी दे दी गई है।
  • पिछले वर्ष पेरिस में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन अस्तित्व में आया था। इसके गठन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रास्वां ओलांद ने विशेष भूमिका निभाई थी।
  • गुरुग्राम-फरीदाबाद

चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी का बहाव रोकना क्या भारत के लिए कूटनीतिक संदेश है?

सन्दर्भ :- सिंधु नदी जल समझौते पर भारत के सख्त रुख के बाद आशंका जाहिर की गई थी कि चीन ब्रह्मपुत्र नदी के बहाव को बाधित करने की कोशिश कर सकता है

◆ पाकिस्तान के ‘सदाबहार’ मित्र चीन ने अपनी सबसे महंगी पनबिजली परियोजना - लाल्हो के निर्माण के लिए तिब्बत स्थित ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदी शियाबुकू में पानी का बहाव रोक दिया है. इस फैसले से भारत में ब्रह्मपुत्र का बहाव प्रभावित होने की आशंका है.

सार्क में अहम है भारत की भूमिका

भारत के बहिष्कार और कुछ और देशों के साथ आ जाने के बाद पाकिस्तान में होने वाला सार्क सम्मेलन रद्द हो गया है। अफगानिस्तान, बांग्लादेश व भूटान के सहयोग के साथ श्रीलंका तो यह तक कह चुका है कि भारत के बिना सम्मेलन का औचित्य ही नहीं है। जानिए www.gshindi.com की तरफ से आखिर इस संगठन में क्यों अहम है भारत की भूमिका।

जानिए क्या होती है सर्जिकल स्ट्राइक, भारतीय सेना ने कब कब किये सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन

Why in news:

हाल  ही में  भारतीय सेना ने एलओसी में सर्जिकल स्ट्राइक कर कई आतंकियों को ढेर कर दिया। इसके साथ ही उनके समूहों को भारी नुकसान भी पहुंचाया। इस कार्रवाई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना ने अंजाम दिया है। आइये जानते हैं क्या होती है सर्जिकल स्ट्राइक...

=>>सर्जिकल स्ट्राइक :-
◆किसी भी सीमित क्षेत्र में सेना जब दुश्मनों या आतंकियों को नुकसान पहुंचाने के लिए सैन्य कार्रवाई करती है, तो उसे सर्जिकल स्ट्राइक कहते हैं।

भारत- नाइजीरिया संबंध ; भारतीय उपराष्ट्रपति की नाइजीरिया यात्रा

भारतीय उपराष्ट्रपति की नाइजीरिया यात्रा के दौरान नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मदू बुहारी ने भारत से उद्योग, व्यापार, विज्ञान-तकनीक, ऊर्जा, न्यूक्लियर एनर्जी के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर बल दिया है। 
- नाइजीरिया ने अपने देश को अन्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में भी भारत का सहयोग मांगा है।

सार्क को लेकर कभी भी गंभीर नहीं हुआ पाकिस्तान

1- पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में सार्क शिखर बैठक की तैयारी के सिलसिले में सदस्य देशों की बिजली नियामक एजेंसियों की बैठक थी। बैठक में तय होना था कि सदस्य देशों के बीच बिजली का कारोबार किस तरह से हो। अधिकांश देश इस बारे में नियम बना चुके हैं। भारत और बांग्लादेश में तो बिजली कारोबार शुरू भी हो गया है। लेकिन पाकिस्तान की तरफ से कोई तैयारी नहीं हुई है।

क्या है सिंधु जल समझौता? और सिंधु जल समझौते के प्रावधान।

सिंधु नदी का इलाका करीब 11.2 लाख किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है. ये इलाका पाकिस्तान (47 प्रतिशत), भारत (39 प्रतिशत), चीन (8 प्रतिशत) और अफ़गानिस्तान (6 प्रतिशत) में है.
एक आंकड़े के मुताबिक करीब 30 करोड़ लोग सिंधु नदी के आसपास के इलाकों में रहते हैं.

=>>सिंधु जल समझौते की प्रमुख बातें :-
1. समझौते के अंतर्गत सिंधु नदी की सहायक नदियों को पूर्वी और पश्चिमी नदियों में विभाजित किया गया. सतलज, ब्यास और रावी नदियों को पूर्वी नदी बताया गया जबकि झेलम, चेनाब और सिंधु को पश्चिमी नदी बताया गया.