जनसांख्यिकी : जापान और भारत के मध्य तुलनात्मक आंकड़े

भारत दुनिया का सबसे युवा देशों में से है, जबकि जापान सबसे बूढ़ा देश है. जापान की कुल आबादी करीब 12 करोड़ 70 लाख है, और इसमें से 65 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या 3 करोड़ 41 लाख है, जो कुल जनसंख्या का करीब 27 प्रतिशत है. ऐसा अनुमान है कि 2050 तक जापान की करीब 36 प्रतिशत आबादी बूढ़ी होगी. और वर्ष 2060 आते आते जापान की 40 प्रतिशत आबादी बूढ़ी होगी. जापान में 2010 से लेकर 2015 तक के बीच 5 वर्षों में जनसंख्या में करीब 10 लाख की कमी आई है. 

डी हाइफनेशन (de-hyphenation) कूटनीति : मोदी सरकार ने बदली पॉलिसी, फिलिस्तीन नहीं, सिर्फ इजरायल जाएंगे पीएम

पीएम नरेंद्र मोदी की जुलाई में इजरायल जाने की तैयारी है। यह किसी भारतीय पीएम का वहां पहला दौरा होगा। हालांकि, इस दौरान वह फिलिस्तीन नहीं जाएंगे। कूटनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम भारत की पूर्व में अपनाई गई नीति से ठीक उलट है। इससे पहले, यह परंपरा रही है कि भारतीय राजनेता एक साथ दोनों पश्चिम एशियाई मुल्कों का दौरा करते रहे हैं।

सिंधु जल समझौते की पूरी कहानी, एक बार फिर भारत-पाक बातचीत के लिए बैठक करेंगे

 विश्‍व बैंक की मध्‍यस्‍था के साथ भारत और पाकिस्‍तान के बीच सिंधु नदी के पानी को लेकर 19 सितंबर 1960 को एक समझौता हुआ है. उस समय तत्‍कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति अयुब खान ने इस समझौते पर हस्‍ताक्षर किये थे.

=>क्‍या है सिंधु जल समझौता

- सिंधु जल समझौते के तहत भारत और पाकिस्‍तान के बीच जिन बातों पर सहमति बनीं उनमें तीन पूर्वी नदियों - ब्यास, रावी और सतलुज का नियंत्रण भारत के पास होगा और तीन पश्चिमी नदियों - सिंधु, चिनाब और झेलम का नियंत्रण पाकिस्तान को दिये जाने पर बात बनी.

मालदीव, सऊदी अरब को बेचेंगा अपना द्वीप : भारत की चिंता बढ़ी

- मालदीव के एक फैसले ने भारत की मुश्किलें बढ़ा दी है। मालदीव ने 26 अटॉल में से एक फाफू (टापू)  को सऊदी अरब को बेचने का फैसला किया है। सरकार के फैसले का विरोध करते हुए वहां के विपक्षी दलों का कहना है कि इससे वहाबी विचारधारा को और मजबूत होने का मौका मिलेगा, जिससे मालदीव में आतंकवाद का प्रचार-प्रसार हो सकता है। वर्ष 2015 में मालदीव सरकार ने एक फैसला किया जिसके तहत विदेशी नागरिक जमीन खरीद सकते हैं।

- सऊदी अरब के बादशाह सलमान बिन अब्दुलअजीज बहुत जल्द मालदीव का दौरा करने वाले हैं, जिसमें औपचारिक तौर से फाफू अटॉल के बेचने की प्रक्रिया संपन्न होगी।

भारत-रवांडा संबंध : तीन समझौतों पर हस्ताक्षर

- भारत और रवांडा ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों में किगाली में उद्यमिता विकास केंद्र की स्थापना और मुंबई की सीधी उड़ान की शुरूआत शामिल हैं।

- दोनों पक्षों ने उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और रवांडा के प्रधानमंत्री नासतासे मुरेकेजी की मोजूदगी में भारत-रवांडा कारोबार मंच में तीन सहमति पत्रों पर दस्तखत किए। अंसारी रवांडा और युगांडा की पांच दिन की अपनी यात्रा के क्रम में यहां हैं।

भारत के लिए चिंता का विषय : लगातार बढ़ता हुआ चीन के साथ व्यापार घाटा

  • भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार में चीन की बढ़त कम होने का नाम नहीं ले रही है। बीते दो साल में तमाम प्रयासों के बावजूद चीन के साथ व्यापार घाटे को कम करने में सरकार को सफलता नहीं मिल रही है।
  •  साल 2016 में द्विपक्षीय व्यापार चीन के पक्ष में रहा और भारत के लिए व्यापार घाटा 46.56 अरब डॉलर रहा।

भारत के लिए चिंता का विषय

भारत बना अमेरिकी प्रतिभूतियों में 12वां सबसे बड़ा निवेशक

भारत अमेरिकी सरकार की प्रतिभूतियों में निवेश करने वाला 12वां सबसे बड़ा निवेशक बनकर उभरा है। बीते साल के आखिर में अमेरिका की इन सरकारी प्रतिभूतियों में भारत का निवेश 118.2 अरब डॉलर था।

अमेरिका ने भारत को दिया प्रमुख रक्षा भागीदार का दर्जा; एक्सपोर्ट कानून में किया बदलाव

  • अमेरिका ने भारत के प्रमुख रक्षा भागीदार के दर्जे को मान्यता देते हुये अपने निर्यात नियंत्रण कानून में जरूरी बदलाव किये हैं।
  • इसके साथ अमेरिका से उसके वाणिज्य मंत्रालय के नियंत्रण वाले सैन्य सामानों का आयात करने वाली कंपनियों को एक तरह से मंजूरी दे दी गई है। इनमें व्यापक जनसंहार वाले हथियार शामिल नहीं हैं।

**क्या होंगे इससे भारत को लाभ

हिंद महासागर में चीनी पनडुब्बियों पर नजर रखने में अमेरिका करेगा भारत की मदद

- हिंद महासागर में चीन की पनडुब्बियों को खोजने में अमेरिका भारत की मदद करेगा। इसको लेकर दोनों देश एक साथ काम करेंगे।

- यह पहला मौका है जब दोनों देश इस काम को एक साथ अंजाम देंगे। पनडुब्बियों को खोजने में भारत की क्षमता बढ़ाने के मकसद से वाशिंगटन ने बाेईंग P-8I सौदे को मंजूरी दे दी है। यह एक मल्‍टी मिशन मेेरिटाइम एयरक्राफ्ट है।

- इस लिहाज से इसका इस्‍तेमाल कई जगहों पर किया जा सकता है। इस विमान में लगी अत्‍याधुनिक तकनीक के बल पर ही इस विमान को सबमैरीन हंटर भी कहा जाता है।

=>समुद्री सुरक्षा मजबूत करना है मकसद