घाटे में चल रहे सरकारी उपक्रमों को अब गरीबों के घर बनाकर उबारने का प्रयास

घाटे में चल रहे सरकारी उपक्रमों को अब गरीबों के घर (housing of poor) बनाकर उबारने का प्रयास किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) ने शहरी विकास मंत्रलय को भेजा है। मंत्रलय से हरी झंडी मिलते ही काम प्रारंभ हो जाएगा। 
    केंद्र सरकार के 73 सरकारी उपक्रम (पीएसयू) ऐसे हैं जो घाटे में चल रहे हैं। इन्हीं में से नौ उपक्रमों को नया जीवन देने के लिए एनबीसीसी ने बीड़ा उठाया है। 
    एनबीसीसी की योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए घर तैयार करने की है।

गरीबी और अन्य समस्याओं की समाप्ति

  • सितंबर, 2015 में भारत सहित 193 देश सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के प्रतिबद्ध हुए हैं। जैसा कि संयुक्त राष्ट्र के संकल्प, सतत विकास के लिए 2030 के एजेंडा दुनिया के रूपांतरण में निहित है।

बढ़ते कचरे की चुनौती से निपटना

लगभग सभी शहरों में कूड़े के ढ़ेर स्वास्थ्य के लिये गंभीर खतरा बन गए हैं, इनमें वे शहर भी शामिल हैं जो कचरे के निपटान के प्रभावी तरीके विकसित नहीं कर पाये हैं।

आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के बच्चों के लिए आर्थिक सहायता

सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के सशक्तीकरण के लिए वर्ष 2014-15 से निम्नलिखित दो योजनाएं संचालित की जा रही हैं –