DNA बनेगा भविष्य का डाटा बैंक

- वैज्ञानिकों ने डीएनए में कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम, एक लघु फिल्म के साथ कुछ अन्य डेटा संरक्षित किया है। यह प्रगति आने वाले समय में बहुत अधिक कॉम्पैक्ट, बायलॉजिकल स्टोरेज उपकरणों के विकास का वाहक बन सकती है। इन उपकरणों के अगले हजारों वर्ष तक चलने की संभावना है।

- अनुसंधानकर्ताओं के नए अध्ययन में यह बात निकलकर सामने आयी है कि एक मोबाइल पर स्ट्रीमिंग वीडियो के लिए डिजाइन किये गये एल्गोरिदम से डीएनए के पूर्ण स्टोरेज क्षमता का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने दिखलाया है कि ये प्रौद्योगिकी बहुत अधिक विश्वसनीय है।

भारत में मिला दुनिया का सबसे पुराना पौधे जैसा जीवाश्म

- वैज्ञानिकों ने मध्य भारत में लाल शैवाल का 1.6 अरब वर्ष पुराना जीवाश्म खोज निकाला है जो संभवत: धरती पर मौजूद पौधे के रूप में जीवन का सर्वाधिक पुराना सबूत है.

- स्वीडन के म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री के शोधकर्ताओं ने इसे मध्य प्रदेश के चित्रकूट में खोजा है.

- इस खोज से पता चलता है कि आधुनिक बहुकोशिकीय जीवन पूर्व की सोच से बहुत पहले ही पनप चुका था.

- धरती पर जीवन के जो सबसे पहले साक्ष्य मिले हैं, वे कम से कम 3.5 अरब वर्ष पुराने हैं. लेकिन ये एकल कोशिका वाले जीवों के हैं.

भारत की अग्नि-5 का असर: चीन अब PAK के साथ बनाएगा बैलेस्टिक मिसाइलें

=>"भारत की अग्नि-5 का असर: चीन अब PAK के साथ बनाएगा बैलेस्टिक मिसाइलें"

-  भारत से मुकाबले के लिए चीन ने पाकिस्तान के साथ बैलेस्टिक मिसाइल बनाने का फैसला किया है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ इन दिनों चीन की ऑफिशियल विजिट पर हैं।

◆ पाकिस्तान के साथ मिसाइलें बनाने के चीन के फैसले को भारत की अग्नि-5 से जोड़कर देखा जा रहा है।

Background:- भारत की न्यूक्लियर मिसाइल अग्नि-5 20 मिनट के अंदर पांच हजार किलोमीटर तक जा सकती है। इसकी रेंज में पूरा चीन आता है।

=>क्या है चीन का प्लान...

स्वदेशी सुपर पॉवर ड्रोन ‘भीम’

Ø  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के छात्रों ने देश का स्वदेशी सुपरपावर ड्रोन बनाया है. उन्होंने इसका नाम महाभारत के वीर योद्धा के नाम पर ‘भीम’ रखा है.

Ø  आईआईटी छात्रों द्वारा विकसित यह मानवरहित उपकरण एक मीटर लंबा है जो अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था में मदद देने के अलावा कई अनोखी खूबियों से लैस है. शोध छात्रों का दावा है कि अपने जबरदस्त बैटरी बैक-अप की वजह से यह सात घंटे तक उड़ान भर सकता है और एक किमी के दायरे में वाई-फाई जोन बना सकता है.

लापता चंद्रयान-प्रथम को नासा ने खोज निकालने का दावा किया

  • भारत की ओर से पहले चंद्र अभियान पर भेजे गए अंतरिक्षयान ‘चंद्रयान-1’ को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने ढूंढ लेने का दावा किया है.
  • नासा ने बताया है कि यह यान अभी पृथ्वी से 3.8 लाख किलोमीटर दूर है और चंद्रमा की सतह से करीब 200 किलोमीटर की ऊंचाई से उसकी परिक्रमा कर रहा है.
  • इसके साथ ही नासा ने अपने लापता यान ‘एलआरओ’ को भी खोज निकालने की घोषणा की है.
  • भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने चंद्रयान को अक्टूबर 2008 में लॉन्च किया था.

’स्वाति' (वेपन लोकेटिंग रडार) ने रुकवाया भारत-पाकिस्तान सीमा पर हेवी फायरिंग

  • भारत-पाकिस्तान की नियंत्रण रेखा पर पिछले 2 महीने से भारी तोपों से की जाने वाली फायरिंग बंद है। इसकी वजह क्या है? स्वाति, जी हां! स्वाति नाम के वेपन लोकेटिंग रडार पिछले 2 महीने से LoC पर ट्रायल के तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। सीमा पार से तोपों और दूसरे भारी हथियारों से फायरिंग रुकने के पीछे स्वाति एक अहम कारण है।

कैसे रोकता है यह फायरिंग

भारत ने किया स्वदेशी इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण, कम ऊंचाई वाली मिसाइल को मार गिराने में सक्षम

Ø  भारत ने कम ऊंचाई वाली मिसाइल को मार गिराने में सक्षम स्वदेशी इंटरसेप्टर सिस्टम का सफल परीक्षण किया है।  इस मिसाइल का एक महीने में दूसरी बार सफल टेस्ट किया गया

Ø   वहीं इसे बहु स्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली को विकसीत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

Ø  उड़ीसा के चांदीपुर रेंज से इस स्वदेशी मिसाइल को कम ऊंचाई पर परीक्षण किया गया। यह परीक्षण इंटरसेप्ट मिसाइल के कई मानकों को मान्यता देने के संबंध में किया गया था।

पीएसएलवी से जीएसएलवी

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को  एक ही प्रक्षेपण यान से 104 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने में सफलता मिली। इसरो का पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (पीएसएलवी) इससे पहले 38 उड़ान भर चुका है।

इंटरसेप्टर मिसाइल तकनीक : भारत ने किया सफल परीक्षण

भारत ने ओडिशा के बालासोर तट से अपनी इंटरसेप्टर मिसाइल का सफलतापूर्वक प्रायोगिक परीक्षण किया और द्विस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि हासिल की.