भारत ने बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का किया सफल परीक्षण

अंतरमहाद्विपीय बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-5 

 भारत ने स्वदेशी ज्ञान कौशल से निर्मित अंतरमहाद्विपीय बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफलता पूर्वक परीक्षण किया है। इस मिसाइल का यह पांचवां सफल परीक्षण था।

- तीन चरणों में ठोस प्राणोदक से चलने वाले अग्नि-5 को एकीकृत परीक्षण क्षेत्र के परिसर किया गया।

अग्नि-5, अग्नि श्रेणी की मिसाइल है, जिसको DRDO द्वारा विकसित किया गया है.

- 17.5 मीटर लंबी, 2 मीटर चौड़ी, 50 टन वजन की यह मिसाइल डेढ़ टन तक परमाणु हथियार ढोने में भी सक्षम है।

इसरो की नई उड़ान


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पीएसएलवी-सी40 के जरिए कार्टोसैट-2 श्रृंखला  उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया। इसके साथ ही इसरो ने अपने उपग्रहों को प्रक्षेपित करने का शतक पूरा कर लिया। शुक्रवार को छोटे-बड़े कुल 31 उपग्रह प्रक्षेपित किए गए। यह उच्च कौशल का काम था। सूक्ष्म एवं अति-सूक्ष्म उपग्रहों में से आधे इसरो ने अमेरिका के लिए छोड़े। बाकी ऐसे उपग्रह भारत, फिनलैंड, कनाडा, फ्रांस, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन के हैं। इस कामयाबी से देश का नाम और रोशन हुआ है।

पीएसएलवी ने सफलतापूर्वक एक साथ 31 सैटेलाइट लांच किया

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के ध्रुवीय सेटेलाइट लांच व्हीकल ने अपने 42वें उड़ान में सफलतापूर्वक 710 किलोग्राम का कार्टोसैट-2 श्रृंखला का दूर-संवेदी उपग्रह 30 सहयात्री उपग्रहों के साथ श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक लांच किया। इसे पीएसएलवी-सी 40 नाम दिया गया है।  

अंतरिक्ष में कचरा

Space waste is mounting problem and at any point of time some space satelle could burst on earth.
#Nabharat_Times
In news:
एक बार फिर अंतरिक्ष से एक कृत्रिम पिंड के धरती पर गिरने की चर्चा है। खबर है कि चीनी स्पेस स्टेशन थियांगोंग-1 मार्च में किसी समय पृथ्वी से टकरा सकता है। चीनी अंतरिक्ष एजेंसी इस बात की आधिकारिक घोषणा 2016 में ही कर चुकी है कि इस स्पेस स्टेशन से उसका संपर्क और नियंत्रण खत्म हो चुका है। उसके बाद से इसे खोजने की कोशिश चल रही थी। अब पता चला है कि यह मार्च में किसी वक्त पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर सकता है।
Counter view

अटल इनोवेशन मिशन

- अब हर जिले में वैज्ञानिक तैयार होंगे। खासकर गांव के नौनिहालों की प्रतिभा को निखारने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा अभिनव पहल की गई है।

=>अटल इनोवेशन मिशन का उद्देश्य :-

- नीति आयोग इस योजना के जरिए भारत को अभिनव प्रयोग वाला अभिनव देश के रूप में उभारना चाहता है। इसके लिए साल 2022 तक छात्रों की ऐसी फौज खड़ी करने की योजना है, जो देश में अविष्कार की फेहरिस्त तैयार कर सके।

के शिवन होंगे इसरो के अगले अध्यक्ष

के. शिवन्

- रॉकेट मैन के नाम से प्रसिद्ध के. शिवन् को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का अगला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह डॉ. एएस किरण कुमार का स्थान लेंगे। 

वर्तमान में शिवन् विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र (त्रिवेन्द्रम) के निदेशक हैं। मंत्रिमंडल की नियुक्ति मामलों की समिति ने उनकी अंतरिक्ष विभाग के सचिव व अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी दी है।

- उनका कार्यकाल अगले तीन वर्षों के लिए होगा। किरण कुमार इस पद से 14 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 

नए-नए आयाम तय करता भारतीय विज्ञान

This article discuss achievement of Indian science 
#Nai_Duniya
Indian Science and achievement
इस वर्ष भारतीय विज्ञान एक नए शिखर पर पहुंचा। हमारे वैज्ञानिकों और रिसर्चरों ने विभिन्न् क्षेत्रों में ऐसी कई उपलब्धियां हासिल की जो सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में सराही गईं। ये ऐसी उपलब्धियां हैं जिन पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से हो सकेगा रोगों का सटीक इलाज

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

- चिकित्सक अब हृदय संबंधी रोगों से लेकर कैंसर का सटीक इलाज कर पाएंगे। यह सब संभव हो सकेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से।

- डॉक्टर फिलहाल हृदय संबंधी रोगों का पता लगाने के लिए दिल के धड़कनों(हार्टबीट) की जांच करते हैं। इसमें पांच में से एक मामले में अनुभवी डॉक्टर भी बीमारी का पता लगाने में चूक जाते हैं। कई बार मरीज को स्वस्थ बता घर भेज दिया जाता है या फिर अनावश्यक रूप से सर्जरी की सलाह दे दी जाती है।

चीन ने बनाया दुनिया का पहला सोलर हाईवे, बिजली पैदा करेगा और कारें भी होंगी चार्ज

चीन ने दुनिया का पहला सोलर हाईवे बनाया है। एक किलोमीटर लंबा ये हाईवे बिजली बनाएगा, सर्दियों के मौसम में जमी बर्फ को पिघलाएगा। इसके अलावा आने वाले वक्त में ये हाईवे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को चार्ज भी करेगा। ईस्टर्न चाइना में शेनडॉन्ग प्रॉविंस की राजधानी जिनान में बने इस हाईवे का टेस्ट सेक्शन ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है।