कंप्यूटर के इंसान के दिल से भी ‘लॉग इन’

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा सिक्योरिटी सिस्टम बनाया है जिससे हृदय के जरिये कंप्यूटर को लॉग इन किया जा सकेगा. यह सिस्टम यूजर के दिल के साइज़ यानी आकार को उसकी विशेष पहचान के रूप में इस्तेमाल करेगा. वैज्ञानिकों के मुताबिक उनका यह सिस्टम पासवर्ड और अन्य बायोमेट्रिक प्रणालियों से कहीं ज्यादा सुरक्षित है और इसका इस्तेमाल करने वाले किसी एक व्यक्ति के कंप्यूटर को दुनिया में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं खोल पायेगा.

कल्याणकारी हो कृत्रिम बुद्धिमत्ता 


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वाणिज्य मंत्रालय ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर टास्क फोर्स गठित किया है। टास्क फोर्स सरकार को सलाह देगी कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का भारतीय अर्थव्यवस्था में समावेश कैसे किया जाए।

जैव अणुओं को फिल्म की तरह दिखाने वालों को रसायन का नोबेल


    बायोमॉलिक्यूल अर्थात जैव अणुओं की गतिविधियों को कैद करने में सक्षम क्रायो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी विकसित करने वाले तीन वैज्ञानिकों को इस साल के रसायन का नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा।
     नोबेल समिति ने पुरस्कार के लिए जैक्स डबोशे (स्विट्जरलैंड), जोएचिम फ्रैंक (अमेरिका) और रिचर्ड हेंडरसन (ब्रिटेन) के नामों की घोषणा की। 
    तीनों वैज्ञानिकों के प्रयासों से प्रोटीन और अन्य मॉलिक्यूल को जमी हुई(फ्रोजेन)अवस्था में लाकर चित्र लिया गया ताकि उनके प्राकृतिक आकार को बरकरार रखा जा सके। 

भौतिकी का नोबेल पुरस्कार : 2017


    गुरुत्वीय तरंगों की खोज करने वाले वैज्ञानिकों को इस साल भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला है
    राइनर वाइस, बैरी बैरिश और किप थोर्ने को
    इन तीनों अमेरिकी वैज्ञानिकों ने गुरुत्वीय तरंगों (Gravitational waves) के अस्तित्व का पता लगाया और अल्बर्ट आइंस्टाइन के सदियों पुराने सिद्धांत को सच साबित किया. ये तीनों वैज्ञानिक लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशनल वेव ऑब्जर्वेशन यानी लीगो रिसर्च प्रोजेक्ट से जुड़े थे जिसने आंस्टाइन के ग्रैविटेशनल रिलेटिविटी के सिद्धांत को सच साबित करने में सफलता पाई.