राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और चीफ ऑफ स्टाफ समिति का स्थायी चेयरमैन: सैन्य बलों में होगा एक और शीर्ष पद

- भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में होने वाली सालाना संयुक्त कमांडर्स कांफ्रेंस में सशस्त्र बलों के लिए जनरल का एक नया पद सृजित जायेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और रक्षा मंत्रालय की ओर से चीफ ऑफ स्टाफ समिति के स्थायी चेयरमैन का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

- यह पद सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुख के बराबर होगा।  रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो यह कदम देश में उच्च रक्षा प्रबंधन में सुधार की दिशा में अहम कदम साबित होगा।

गूगल इंटरनेट साथी सच में भारत को बना रहा है डिजिटल

- विश्व आर्थिक मंच की की ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2016 के अनुसार, आइसलैंड, फिनलैंड, नॉर्वे और स्वीडन में लैंगिक समानता बराबर हैं।

- भारत में ऐसा नहीं है और इस सूची में वह 87 वें स्थान पर है। केन्या, बांग्लादेश और ब्राजील जैसे देशों ने भारत को पीछे छोड़ दिया है।

- मगर, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट आबादी वाला देश है, जहां डिजिटल लैंगिक अंतर कम हो रहा है।

"बीजीआर-34" : आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान के आधार पर तैयार मधुमेह की देसी दवा क्लीनिकल ट्रायल में सफल

- केंद्र सरकार के सीएसआइआर) प्रयोगशालाओं में आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान के आधार पर तैयार की गई मधुमेह (डायबिटीज) की देसी दवा ने वैज्ञानिक परीक्षा भी पास कर ली है।
- राष्ट्रीय क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री पर "बीजीआर-34" नाम की इस दवा के सफल परीक्षण के आंकड़े प्रकाशित किए गए हैं। इस दवा को वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआइआर) की प्रयोगशालाओं में विकसित किया गया है।

हाइपरलूप तकनीक भारत में ; चेन्‍नई से बेंगलुरू के बीच शुरू होगी

Ø  चेन्‍नई से बेंगलुरू की सड़क मार्ग से दूरी 345 किलोमीटर है। अगर आप बस से इस मार्ग पर सफर करेंगे तो आपको कम से कम 6 घंटे 30 का मिनट का समय लगेगा। वहीं ट्रेन से यह समय 6 घंटे है। अगर आप हवाई जहाज से यह सफर करेंगे तो 50 मिनट का समय लगेगा

Ø  लेकिन एक नई परिवहन प्रणाली से यह समय घटकर केवल 30 मिनट रह जाएगा।

Ø  अमेरिकी आंत्रप्रन्‍योर तथा आविष्‍कारक एलन मस्‍क ने हाइपरलूप नाम की परिवहन प्रणाली का ईजाद किया है। इसकी स्‍पीड 1200 किलोमीटर प्रतिघंटा है तथा यह कॉन्‍क्रीट के पिलर्स पर बनाई गई ट्यूब्‍स के अंदर चलने वाला खास वाहन है।

"इंडियन नेवी में शामिल हुआ सबमरीन 'खांदेरी', कई गुना बढ़ी भारत की ताकत"

इंडियन नेवी की ताकत को और बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस'खांदेरी सबमरीन'को नेवी में शामिल कर लिया गया है। 
★नेवी में शामिल करने के बाद इसके कई ट्रायल लिए जाएंगे फिर नौसेना के वार जोन में इसे जगह दी जाएगी।

=> शिवाजी के किले से मिला नाम...

★इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड(एमडीएल)ने फ्रांस के मैसर्स डीसीएनसी के साथ मिलकर किया है।
★पनडुब्बी'खांदेरी'का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के द्वीप किले खांदेरी के नाम पर रखा गया है। 
★किले ने 17 वीं सदी में समुद्र में मराठों के वर्चस्व को सुनिश्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

आइएनएस खांदेरी/ खंडेरी

  • स्कॉर्पीन क्लास की दूसरी पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी
  • स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बियां डीजल और बिजली से चलती हैं।
  • मुख्य तौर पर इसका इस्तेमाल जंग में हमले के लिए होता है।
  • आईएनएस खंडेरी में दुश्मनों की नजर से बचने के लिए स्टील्थ फीचर है।
  •  यह दुश्मन पर प्रीसेशन गाइडेड मिसाइल के जरिए सटीक और घातक हमला कर सकता है।
  • हमले करने के लिए इसमें पारंपरिक टारपीडो के अलावा ट्यूब लॉन्च एंटी शिप मिसाइल्स हैं, जिसे पानी के अंदर या सतह से दागा जा सकता है।
  • भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो परंपरागत पनडुब्बियों का

रेल एकॉस्टिक सेंसिंग बेस्ड सेफ्टी तकनीक

Background:

हाल में कानपुर के समीप हुए दो रेल हादसों से सबक लेते हुए रेल प्रबंधन अपनी परिचालन व्यवस्था को सुरक्षित करने के तहत भारतीय रेल एकॉस्टिक सेंसिंग बेस्ड सेफ्टी तकनीक अपनाने जा रही है।

क्या है यह :

अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का प्रायोगिक परीक्षण सफल : मारक क्षमता 4000 किलोमीटर

भारत ने ओडिशा में परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया.

Ø  रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ)  ने मोबाइल लॉन्चर की मदद से, अग्नि-4 को डॉ अब्दुल कलाम द्वीप स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के परिसर संख्या चार से दागा गया. डॉ अब्दुल कलाम द्वीप को पूर्व में व्हीलर द्वीप के तौर पर जाना जाता था.

Ø   देश में निर्मित अग्नि-4 का यह छठा प्रायोगिक परीक्षण था जिसने सभी मानकों को पूरा किया. पिछला परीक्षण नौ नवंबर 2015 को भारतीय सेना की विशेष तौर पर गठित सामरिक बल कमान (एसएफसी) ने किया था जो सफल रहा.

 

ओमेगा-3 फैटी एसिड

Why in news:

शोधकर्ताओं के अनुसार, गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान 2.4 ग्राम लांग-चेन ओमेगा-थ्री की खुराक लेनी वाली महिलाओं के बच्चे में अस्थमा का खतरा 31 फीसद कम पाया गया। लांग-चेन ओमेगा-थ्री फैटी एसिड ठंडे पानी की मछलियों में पाया जाता है। यह मानव प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के लिए काफी महम जाना जाता है।