कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय से संबंधित बजट 2018-19 के मुख्‍य बिन्‍दु Agriculture Budget

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय का बजटीय आवंटन वर्ष 2017-18 में 51,576 करोड़ था, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर 58,080 करोड़ कर दिया गया है।
सरकार जहां विभिन्‍न फसलों की उत्‍पादकता तथा उत्‍पादन बढ़ाने के लिए प्रयासरत है वहीं किसानों को उनकी फसल का सही मूल्‍य मिल सके, इसके लिए भी कटिबद्ध है। इस दिशा में निम्‍नांकित घोषणाएं की गई हैं-:

गोबर-धन योजना

गोबर-धन (गैलवनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्स धन) योजना

- ग्रामीणों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए गोबर-धन योजना के शुभारंभ की घोषणा बजट 2018 में की गई.

- खुले में शौच से गांवों को मुक्त करने तथा ग्रामीणों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए गोबर-धन (गैलवनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्स धन) योजना के शुभारंभ की घोषणा की।

- इस योजना के अंतर्गत पशुओं के गोबर और खेतों के ठोस अपशिष्ट पदार्थों को कम्पोस्ट, बायो-गैस और बायो-सीएनजी में परिवर्तित किया जाएगा।

विश्व आहार एवं कृषि सभा

    जर्मनी के बर्लिन में चल रही दसवीं विश्व आहार एवं कृषि सभा 
    पशुओं के भविष्य को दिशा देना - जिम्मेदारी भरे, कुशल और स्थायी तरीके से, इस विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में 69 कृषि मंत्रियों के साथ-साथ 6 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भी शामिल हुये जिसमें एफएओ, विश्व व्यापार संगठन और पशु स्वास्थ्य के लिये विश्व संगठन (ओआईई) के प्रमुख भी शामिल हैं।
    Subject: "Shaping the Future of Livestock – sustainably, responsibly, efficiently” 
 

कृषि को व्यावहारिक और लाभकारी बनाने के लिए रणनीतियाँ

यद्यपि कृषि अधिकतर भारतीयों की मुख्य आजीविका है, परंतु किसानों को यह व्यवसाय आकर्षक नहीं लगता क्योंकि इसमें आय तथा उत्पादकता कम है। तीव्र, समावेशी और सतत विकास की रणनीतियों को किसानों की समस्याओं को हल करना होगा
किसानों की उत्पादकता और उनके लाभार्जन के लिए 12 पहल-

भारत में 30 करोड़ बोवाईन है जो विश्व की बोवाईन आबादी का 18 प्रतिशत हैं

    भारत में 30 करोड़ बोवाईन है, जो विश्व की बोवाईन आबादी का 18 प्रतिशत हैं। पारंपरिक तथा वैज्ञानिक ज्ञान के माध्यम से सैकड़ो वषों की मेहनत के बाद देश के देशी बोवाईन आनुवंशिक संसाधन विकसित हुए हैं और आज हमारे पास गोपशुओं की 42 नस्लों के साथ-साथ याक और मिथुन के अलावा भैंसों की 13 नस्लें हैं

किसानों को भूमि संबंधी आंकड़ों के आधार पर सब्सिडी देने से पूर्व भूमि संबंधी आंकड़ों को सटीक बनाए जाने की आवश्यकता है| इस कथन के परिपेक्ष्य में भारत में भूमि सुधारों पर टिप्पणी कीजिए|

GS PAPER III

Farmers related Issue

 

किसानों को भूमि संबंधी आंकड़ों के आधार पर सब्सिडी देने से पूर्व भूमि संबंधी आंकड़ों को सटीक बनाए जाने की आवश्यकता है| इस कथन के परिपेक्ष्य में भारत में भूमि सुधारों पर टिप्पणी कीजिए|

India needs to overhaul land titles before they can be used to identify farmers for the delivery of subsidies. In light of the statement critically comment on land reform in India.