इंटरनेट के डाटा पर जल्द पाना होगा काबू नहीं तो बढ़ जाएगी चिंता

In todays era data is asset and government need to bring adaquate safeguard to check misuse of these.


#Dainik_Jagran
प्रधानमंत्री ने हाल में स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम के उद्घघाटन भाषण में एक अहम बात कही। उन्होंने कहा कि आज डाटा बहुत बड़ी संपदा है। कहा जा रहा है कि जो डाटा पर अपना काबू रखेगा, वही दुनिया में अपनी ताकत कायम रखेगा। 


Why it is essential to look into this matter?

लगभग सभी मोबाइल बैंकिंग एप एक खतरनाक वायरस के निशाने पर आए

‘क्विकहील’ कंपनी के अनुसार भारत सहित दुनिया की करीब 232 बैंकों के मोबाइल एप्स को एक खतरनाक मैलवेयर ने अपनी चपेट में लिया है. क्विकहील ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘हाल ही में एक नया मैलवेयर सामने आया है जिसका नाम ‘एंड्रॉइड डॉट बैंकर डॉट ए9480’ है. यह ख़ास तौर पर बैंकिंग एप को निशाना बन रहा है.


What is Malware

सेना का पर्याप्त आधुनिकीकरण नहीं करने को लेकर केंद्र सरकार को फटकार

 

सेना का पर्याप्त आधुनिकीकरण नहीं करने को लेकर एक संसदीय समिति ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है. मेजर जनरल बीसी खंडूरी (रिटायर्ड) की अध्यक्षता में सुरक्षा को लेकर संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट दी.

पहली स्वदेशी स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी INS कलवरी नौसेना में शामिल

INS Kalvari 17 वर्ष से अधिक समय के बाद भारतीय नौसेना में शामिल होने वाली पहली पारंपरिक पनडुब्बी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारतीय नौसेना को देश की स्कॉर्पीन श्रेणी की पहली स्वदेशी पनडुब्बी INS कलवरी समर्पित की। प्रधानमंत्री ने इसे भारत की रक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण नया युग कहा।

मोदी ने औपचारिक रूप से पनडुब्बी के ऊपर लगी आईएनएस कलवरी की कमीशनिंग पट्टी का अनावरण किया और विभिन्न नौसैना अधिकारियों से हाथ मिलाया।

जानें क्या है NSCN


नागालैंड के कई अलगाववादी गुट सालों से भारत से अलग होने की मांग करते आये हैं. इन सभी गुटों ने मिलकर 31 जनवरी 1980 को नेशनल सोशलिस्ट कौंसिल ऑफ नागालैंड नाम का एक संगठन बनाया है, बाद में इस गुट में फूट पड़ गई और 30 अप्रैल 1988 को एनएससीएन खापलांग ने अपना अलग गुट बना लिया.
    खापलांग का गुट नागालैंड का सबसे खतरनाक अलगाववादी गुट माना जाता है. ये गुट सालों से भारत से अलग होने की मांग पर अड़ा हुआ है. पिछले दिनों भारत सरकार ने नागालैंड में सक्रिय तमाम दूसरे अलगाववादी गुटों से बातचीत शुरू की और उन्हें शांति समझौता में शामिल किया.

रक्का का अपना आखिरी गढ़ खोने के बाद भी आईएस का खत्म होना मुश्किल क्यों

Although ISIS area has shrinked but its reemergence can not be neglected and instability in Syria and west can provide conducive ground for its reemergence.

#Satyagriha

इस्लामिक स्टेट (आईएस) की राजधानी कहे जाने वाले रक्का शहर पर अमेरिका समर्थित कुर्द और अरब लड़ाकों का कब्जा होना इस आतंकी संगठन के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका है. आईएस के नियंत्रण में एक समय ब्रिटेन के बराबर भूभाग आ चुका था. फिलहाल यह संगठन इराक और सीरिया के कुछ छोटे-मोटे इलाकों तक सिमटकर रह गया है.