कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 2017 में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम

केंद्रीय कृषि एंव किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा पिछले 30 महीनों में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम निम्नलिखित हैं :-

 1. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना:

2.स्वायल हैल्थ कार्ड:

3.  परंपरागत कृषि विकास योजना: जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 

जलवायु परिवर्तन से कृषि पर असर

किसानों की आय को दोगुना करने और खाद्य सुरक्षा की राह में जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ा रोड़ा बनकर खड़ा हो गया है, जिसका असर साल दर साल दिखाई देने लगा है। खेती के विभिन्न आयामों को पुख्ता बनाने की दिशा में जलवायु परिवर्तन के चलते बढ़ते तापमान से सबसे अधिक खतरा है|

कैसे जड़ी बूटियाँ हो सकती है छोटे किसानो के समावेशी विकास में सहायक

देश में औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती छोटे किसानों के लिए क्रांतिकारी कदम हो सकती है। इससे उन किसानों की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है जो खासकर असिंचित और खराब गुणवत्ता वाली जमीन पर खेती करते हैं। इनमें से अधिकांश पौधों का इस्तेमाल परंपरागत और निर्धारित औषधि, प्रसाधन सामग्री और इत्र बनाने में होता है।

परिवर्तनशील जलवायु के तहत एक चुनौती के रूप में उभर रहे जैविक दबाव

जैविक दवाब का अर्थ है ऐसे रोग, कीट- नाशीजीव और खरपतवार जो की जीवों (पौधे पशु और मनुष्य) के सामान्य विकास को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करते है।

खाद्य प्रबंधन की बदइंतजामी और व्यर्थ जाते फल और सब्जिया

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) की एक अध्ययन रिपोर्ट के अनुfood wasteसार खाद्य प्रबंधन की बदइंतजामी के चलते खेत से खलिहान और यहां से उपभोक्ताओं तक पहुंचने के पहले ही लगभग एक लाख करोड़ रुपये मूल्य के फल, सब्जियां और अन्य खाद्य वस्तुएं हर साल सड़कर नष्ट हो जाती हैं

Detail

राष्ट्रीय बोवाइन उत्पादकता मिशन

  • देश मे पहली बार राष्ट्रीय बोवाइन उत्पादकता मिशन के अंतर्गत ई पशुधन हाट पोर्टल स्थापित किया गया है। यह पोर्टल देशी नस्लों के लिए प्रजनकों और किसानों को जोड़ने मे एक महतवापूर्ण भूमिका निभाएगा।
  • इस पोर्टल के द्वारा किसानो को देशी नस्लों की नस्ल वार सूचना प्राप्त होगी।
  •  इससे किसान एवं प्रजनक देशी नस्ल की गाय एवं भैंसो को खरीद एवं बेच सकेंगे।
  • देश मे उपलब्ध जर्मप्लाज्म की सारी सूचना पोर्टल पर अपलोड कर दी गयी है। जिससे किसान इसका तुरंत लाभ उठा सके।
  • इस तरह का पोर्टल विकसित डेयरी देशों मे भी उपलब्ध नहीं है। इ

कृषि उत्पादों की उचित मार्केटिंग के लिए सरकार के उपाय

अब यह जरूरी हो गया है कि बाजार, किसान की पहुच के अन्दर हो और उनके और उपभोक्ताओं के बीच कोई बिचौलिया नहीं हो, उपज का मूल्य पारदर्शी तरीके से तय हो और किसान को उनकी उपज का अविलंब भुगतान हो। केन्द्र सरकार इसके लिए देश भर में एक ऐसा ढांचा खड़ा कर रही है जिसमें बाजार सीधे खेत से जुड़ जाएंगे और उपभोक्ता सीधे किसान के खेत से उपज खरीद सकेंगे। 

किसानों के हितों के साथ-साथ अर्थव्‍यवस्‍था में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए विभिन्‍न निर्णय

सरकार ने चालू रबी सीजन में किसानों के हितों के साथ-साथ अर्थव्‍यवस्‍था में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए कुछ विशेष निर्णय लिये हैं। ये निर्णय परिचालनगत उपायों के रूप में हैं, जिनका उल्‍लेख नीचे किया गया है :

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी का असर

लगातार दो वर्षों के सूखे के बाद इस साल बेहतर मॉनसून की मेहरबानी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आखिरकार सुधार होता दिख रहा था। आशा जताई गई कि खरीफ उत्पादन में भारी बढ़ोतरी से ग्रामीण उपभोग में इजाफा समग्र आर्थिक वृद्घि को तेजी देता। मगर प्रधानमंत्री ने नोटबंदी का जो फैसला किया, वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बुरी तरह शिकंजे में कस रहा है।

क्यों हुआ असर

वर्ष 2015-16 के अनुमान के अनुसार लगभग रु॰1 लाख करोड़ का मत्स्य उत्पादन देश मे