जानें, क्या होती है GM फसल और कैसे होती है तैयार

जेनेटिकली मोडिफाइड (जीएम) फसलों के मामले में भारत लंबे समय से ऊहापोह की स्थिति में है। लेकिन, अब पर्यावरण मंत्रालय की एक कमिटी ने सरसों की जीएम फसल को मंजूरी दी है और इसे सरकार से भी हरी झंडी मिल सकती है।

जीएम फसल क्या होती है और कैसे विकसित किया जाता है ..

परंपरागत तरीकों से सूखे की समस्या को मात देते लोग

#Editorial_Hindustan Times

Drought in Country

अभी देश से मानसून बहुत दूर है और भारत का बड़ा हिस्सा सूखे, पानी की कमी व पलायन से जूझ रहा है। बुंदेलखंड के तो सैकड़ों गांव वीरान होने शुरू भी हो गए हैं।

Ø  एक सरकारी आंकड़े के मुताबिक, देश के लगभग सभी हिस्सों में बड़े जल संचयन स्थलों (जलाशयों) में पिछले साल की तुलना में कम पानी बचा है।

खेतीबाड़ी के विकास के साथ किसानों का  आर्थिक उन्नयन

माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगनी हो जाए और किसान विकास की मुख्य धारा का हिस्सा बनें। यह तभी संभव है जब केंद्र एवं राज्य सरकारें एक साथ मिलकर काम करें

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए 3 स्तरों पर काम हो रहा है।

रिकार्ड फसल उत्पादन होना तय : भारतीय किसान खाद्य और अच्छी प्रेरणा उपलब्ध कराते हैं:

भारत 2016-17 में खाद्यानों का रिकार्ड उत्पादन दर्ज कराएगा। दाल कृषि उत्पादन क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का एक उच्च बिन्दु होगा और इसके लिए प्रेरणादायक साबित होगा कि किस प्रकार नीतिगत युक्तियां और किसानों तक पहुंच उन्हें भयंकर कमी की स्थिति से निकालकर लगभग आत्मनिर्भरता की स्थिति तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।

किसान की समृद्धि की राह

# Editorial_Tribune

सरकार पिछले दो वर्षों से किसान की आय को दोगुणा करने के वादे कर रही है। परन्तु किसान की हालत में तनिक भी सुधार नहीं दिखता है। सरकार का फार्मूला है कि किसान को सड़क एवं पानी उपलब्ध कराया जाए जिससे उत्पादन में वृद्धि हो। साथ-साथ फसल बीमा तथा सस्ता ऋण उपलब्ध कराकर किसान की उत्पादन लागत को कम किया जाए जिससे उसकी आय में वृद्धि हो। 

Not just input but output prices also matter

खाद्यान्न की बंपर पैदावार, 50 लाख टन ज्यादा दाल

देश की खाद्य सुरक्षा के लिए यह राहत की बात है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जबर्दस्त सुधार की संभावना है।

किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए बड़े सुधारों की योजना

सन्दर्भ: अशोक दलवई समिति के सुझाव

  • केंद्र सरकार 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के अपने लक्ष्य को पूरा करने को लेकर आगे बढ़ रही है।
  • केंद्र सरकार की ओर से बनायी गयी एक समिति कृषि क्षेत्र में बड़े सुधारों पर विचार कर रही है।

=>समिति का कार्यक्षेत्र:-

इंडियन सीड कांग्रेस, 2017 और कृषि मंत्री के भाषण से कुछ अंश

किसानों के समग्र और दीर्घकालिक विकास के लिए केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय किसान नीति तैयार कर ली है जिसका उद्देश्य :

Ø  कृषि विकास क्षमता को गति देना

Ø   गांवों में आधारभूत सुविधाएं विकसित करना

Ø  मूल्य वर्धन(वैल्यू एडिशन) को बढ़ावा देना

Ø   कृषि-व्यवसाय के विकास में तेजी लाना

Ø   ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन करना, किसानों

किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए बड़े सुधारों की योजना

केंद्र सरकार 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के अपने लक्ष्य को पूरा करने को लेकर आगे बढ़ रही है। केंद्र सरकार की ओर से बनायी गयी एक कमिटी कृषि क्षेत्र में बड़े सुधारों पर विचार कर रही है। इनमें मुनाफा केंद्रित रुख (प्रॉफिट सेंट्रिक अप्रोच) अपनाते हुए उत्पादकता बढ़ाना और कृषि लागत कम करना शामिल है

आय को बढाने की चुनौतिया