मुश्किल में मणिपुर : नाकेबंदी से बदहाल जिंदगी

- मणिपुर दोहरी मार झेल रहा है, नाकेबंदी और नोटबंदी।

- सरकारों की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा देखिये कि इस संवदेनशील राज्य में नाकेबंदी को दो माह होने को हैं। मगर न तो राज्य सरकार और न ही केंद्र सरकार इस विकट स्थिति का समाधान तलाशती नजर आ रही है।

आदेशों की अवमानना से परेशान न्यायपालिका

#Business Standard Editorial 

  • न्यायपालिका राज्य का वह अंग है जिसके पास अपने आदेशों के अनुपालन के लिए कोई एजेंसी नहीं होती है।
  •  उसे अपने आदेशों को लागू कराने के लिए कार्यपालिका या विधायिका की मदद लेनी पड़ती है।

इतिहास के पन्नो से

निर्भया के चार साल और स्टाफ की कमी से झुझती पुलिस

निर्भया की मौत को चार साल पूरे हो चुके हैं| इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया| और विडम्बना की बात यह है कि इसी 15 दिसंबर को दिल्ली से फिर एक बलात्कार की खबर आई जिसने एक बार यह साबित किया कि पुलिस पूरी क्षमता के साथ गश्त (पेट्रोलिंग) नहीं कर रही है|

पुलिस की शिकायत :

भगदड़ में होती मौते उजागर करती शासन की कमजोरी

खबरों में :

केरल के सबरीमाला मंदिर में हुई भगदड़ में करीब चालीस लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है।

बार बार होती यह घटनाए :

कैसे जड़ी बूटियाँ हो सकती है छोटे किसानो के समावेशी विकास में सहायक

देश में औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती छोटे किसानों के लिए क्रांतिकारी कदम हो सकती है। इससे उन किसानों की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है जो खासकर असिंचित और खराब गुणवत्ता वाली जमीन पर खेती करते हैं। इनमें से अधिकांश पौधों का इस्तेमाल परंपरागत और निर्धारित औषधि, प्रसाधन सामग्री और इत्र बनाने में होता है।

बच्चो के विद्यालयों में पहुँचाने के लिए परिवहन की समस्या

बीते कुछ साल के दौरान आम आदमी शिक्षा के प्रति जागरूक हुआ है, स्कूलों में बच्चों का पंजीकरण बढ़ा है। साथ ही स्कूल में ब्लैक बोर्ड, शौचालय, बिजली, पुस्तकालय जैसे मसलों से लोगों के सरोकार बढ़े हैं।

A serious issue which need to be given attention:

जो सबसे गंभीर मसला है कि बच्चे स्कूल तक सुरक्षित कैसे पहुंचें, इस पर न तो सरकारी और न ही सामाजिक स्तर पर कोई विचार हो रहा है। आए दिन देश भर से स्कूल आ-जा रहे बच्चों की जान जोखिम में पड़ने के दर्दनाक वाकये सुनाई देते हैं।

मणिपुर में जारी नाकेबंदी

मणिपुर में जारी नाकेबंदी को बावन दिन हो गए हैं। राज्य में इस नाकेबंदी ने चौतरफा संकट पैदा किया है। 

Why this blockade:

मणिपुर में यूनाइटेड नगा काउंसिल की ओर से नये जिले बनाने के विरोध में  यह आर्थिक नाकाबंदी चालु की गई है | मणिपुर में नए जिलों के गठन की मांग बहुत पुरानी है. लेकिन तमाम सरकारें अशांति के अंदेशे से पांव पीछे खींचती रही हैं|

राजनीतिक दलों के दो हज़ार रुपये से अधिक के गुप्त चंदे पर भी रोक लगनी चाहिए : चुनाव आयोग

चुनाव आयोग ने चुनावों में कालेधन पर रोक लगाने के मकसद से सरकार से कानूनों में संशोधन का आग्रह किया है ताकि राजनीतिक दलों को दो हज़ार रुपये और उसके ऊपर दिए जाने वाले गुप्त दान पर रोक लगाई जा सके.

 

नोटबंदी नहीं, चुनाव सुधार और राजनीतिक कमाई पर लगाम से रुकेगा कालाधन

नोटबंदी से कालेधन पर लगाम लगेगी, इस उम्मीद पर बीते 41 दिनों से जारी कवायद पर सवाल उठ रहा है. देश में कालेधन का अंबार है तो इसका स्रोत्र सरकारी महकमा, सरकार कर्मचारी और देश के छोटे-बड़े कारोबारी हैं.

- इन सब को जोड़ने वाली कड़ी खुद देश के राजनेता और उनके राजनीतिक दल हैं. लिहाजा कालेधन पर लगाम लगाने के लिए है जरूरी है कि पहले राजनीतिक दलों की कमाई को नजरअंदाज करने वाले कानूनी प्रावधानों को रोकना होगा.