नकदी-मुक्त अर्थव्यवस्था अव्यवस्था भी बन सकती है

भारत जैसे विशाल देश में, जहां एक-तिहाई जनता अब भी निरक्षर है और 90 प्रतिशत से अधिक लेनदेन नक़द-नारायण से होता है, नोटबंदी के बाद की   क्रांति क्या बिना किसी भ्रांति के उस तेज़ी से हो सकती है, जिसकी सरकार अपेक्षा कर रही है?

पश्चिम से सबक

बाजार भरोसे खेती से आय दोगुनी नहीं होगी

#Editorial_Bhaskar

जहां किसान की आय दोगुनी करने पर होने वाले सेमिनार व सम्मेलनों की संख्या पिछले कुछ माह में दोगुनी हो गई है, वहीं किसान उत्तरोत्तर नुकसान के दुश्चक्र में फंसता चला जा रहा है। दो साल पहले आए लगातार दो सूखे, नोटबंदी से घटी आय, अनुमान के मुताबिक आमदनी में खासतौर पर सब्जी उगाने वाले किसानों की आय में 50 से 70 फीसदी कमी आई है।

किसानो की आय बढाने की दलीले

ये दलीलें अपरिहार्य रूप से जिन सिद्धांतों के आसपास घूमती हैं-

न्यायपालिका के आंतरिक संकट से विवाद का खतरा

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In news:

कोलकाता हाईकोर्ट के जज न्यायमूर्ति सीएस कर्णन को सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय पीठ ने अवमानना का नोटिस देकर लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण संस्था में अनुशासन कायम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है

नर्मदा घाटी में सरदार सरोवर बांध परियोजना की चपेट में आए तमाम गांवों और वहां रहने वाले लोगों के विस्थापन और उनके मुआवजे का सवाल

#Editorial_jansatta

Why in news:

नर्मदा घाटी में सरदार सरोवर बांध परियोजना की चपेट में आए तमाम गांवों और वहां रहने वाले लोगों के विस्थापन और उनके मुआवजे का सवाल करीब तीन दशक पुराना है। लेकिन सरकारों के अपनी जिम्मेदारी से भागने के चलते यह मामला उलझा रहा है।

जल्लीकट्टू के बचाव में कंहा तक उचित है देसी नस्लों के संरक्षण की दलील

#Business_Standard_Editorials

चेन्नई के मरीना बीच पर बैलों से जुड़े पारंपरिक खेल जल्लीकट्टू पर लगे प्रतिबंध को हटाने को लेकर विरोध प्रदर्शन चला। अब यह शांत हो चुका है|

क्या प्रतीकात्मक रीतियों के साथ हमें बने रहना चाहिए

भारी मात्रा में फैले तेल की वजह से समुद्री जीवों पर संकट

खबरों में

तमिलनाडु के एन्नोर के पास कामराजार समुद्र तट के निकट पिछले दिनों दो मालवाहक जहाजों की टक्कर के बाद तेल रिसाव| एक जलपोत में पेट्रोलियम तेल भरा था और दूसरा एलपीजी गैस उतार कर वापसी के रास्ते में था।

प्रभाव 

कोचिंग के व्यवसायीकरण को रेगुलेट करने की जरूरत

In News

स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर देश में भारी संख्या में खुले कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के लिए नियम कानून बनाने की मांग की थी। कोचिंग सेंटरों का मसला उठाने वाली यह जनहित याचिका 2013 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित थी। याचिका में कहा गया था। कि इन कोचिंग इंस्टीट्यूटस से शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन होता है। आरोप लगाया गया था कि ये कोचिंग इंस्टीट्यूट्स इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं में सफलता दिलाने के भ्रामक विज्ञापन देकर छात्रों को गुमराह करते हैं।