बेहतर स्वास्थ्य की नीति

  • नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में मरीजों के हित को केंद्रीय स्थान दिया गया है। इसमें  अस्पतालों की जवाबदेही तय करने और मरीजों की शिकायतों पर गौर करने के लिए पंचाट के गठन की बात भी कही गयी है। स्पष्टत: इन बातों से देश के लोगों में नई उम्मीदें जगेंगी।

- उल्लेखनीय है कि नई नीति का उद्देश्य सभी नागरिकों को सुनिश्चित स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना बताया गया है। भारत में स्वतंत्रता के बाद से सरकारी नीतियों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा को अपेक्षित महत्व नहीं मिला। नतीजतन, इन दोनों मोर्चों पर देश पिछड़ी अवस्था में है।

एशिया की सबसे लंबी टनल "चिनैनी-नाशरी" राष्ट्र के लिए समर्पित

  • एशिया की सबसे लंबी चिनैनी-नाशरी टनल उपयोग के लिए तैयार है। यह 2 अप्रैल को  देश को समर्पित होगी.
  • करीब नौ किलोमीटर लंबाई बाले इस टनल का निर्माण कार्य करीब साढ़े चार साल पहले शुरू हुआ था।
  • इस पर तीन हजार दो सौ करोड़ रुपये खर्च आए हैं। अपनी तरह का यह पहला टनल है और इसके निर्माण में विश्व की अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल हुआ है।
  • कुल 19 किलोमीटर टनल का निर्माण किया गया है। नौ किलोमीटर मुख्य टनल के साथ-साथ नौ किलोमीटर ही एस्केप टनल और एक किलोमीटर क्रास पैसेज शामिल है।
  •  इस टनल के खुलने से चिनैनी से नाशरी तक का रास्ता 31 किलोमीटर कम हो जाएगा।

<

मेंटल हेल्थकयर बिल पारित : अब आत्महत्या अपराध नहीं बीमारी है

अत्यंत तनाव में आत्महत्या करने के प्रयास को अपराध की श्रेणी से बाहर करने वाले और मानसिक रोगों के उपचार को ‘संस्थागत’ के बजाय ‘मरीज और समुदाय’ केंद्रित बनाने के प्रावधान वाले विधेयक को संसद ने मंजूरी दे दी। लोकसभा ने मानसिक स्वास्थ्य देख-रेख विधेयक, 2016 को मंजूरी दे दी जिसे राज्यसभा 8 अगस्त 2016 को पहले ही स्वीकृति दे चुकी है।

क्या कहता है मेंटल हेल्थ केयर बिल

जल रिपोर्ट : जल संसाधन प्रबंधन भारत के लिए बड़ी चुनौती

विश्व जल दिवस पर जारी वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले छह करोड़ 30 लाख लोगों को स्वच्छ पानी नहीं मिल पाता है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में यह संख्या सबसे ज्यादा है.

  • विश्व भर के पानी के बारे में जारी एक रिपोर्ट ‘वाइल्ड वाटर’ में कहा गया है कि यह आबादी लगभग ब्रिटेन की आबादी के बराबर की है.

कारण

मानव विकास सूचकांक (HDI) : भारत 188 देशों की सूची में 131वें स्थान पर

HDI Report 

- भारत मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) में दुनिया के 188 देशों की सूची में 131वें स्थान पर है। संयुक्त राष्ट्र की HDI रिपोर्ट में यह कहा गया है।

- एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश भारत इस मामले में पाकिस्तान, भूटान और नेपाल जैसे दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों की श्रेणी में शामिल है।

- रिपोर्ट के अनुसार 63 प्रतिशत भारतीय 2014-15 में अपने जीवन-स्तर को लेकर ‘संतुष्ट’ बताये गये हैं। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम सालाना आधार पर रिपोर्ट जारी करता है।

भारत मध्यम मानव विकास’ श्रेणी में

बनेगा नया पिछड़ा आयोग, संसद के पास होगा आरक्षण देने का अधिकार

  • केंद्र सरकार ने पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण की बढ़ती मांग को देखते हुए नया आयोग बनाने का फैसला किया है। नया आयोग वर्तमान में मौजूद राष्‍ट्रीय पिछड़ा आयोग की जगह लेगा। इसे संवैधानिक दर्जा भी दिया जाएगा वर्तमान में मौजूद ओबीसी आयोग का संवैधानिक दर्जा नहीं है।
  • नए आयोग का नाम नेशनल कमीशन फॉर सोशल एंड एजुकेशनली बैकवर्ड क्‍लासेज (एनएसईबीसी) रखा जाएगा। इस आयोग की सिफारिश के बाद संसद पिछड़ा वर्ग में नई जातियों के नाम जोड़े जाने या हटाए जाने पर फैसला करेगी। इस आयोग के गठन के लिए संविधान संशोधन प्रस्‍ताव पेश किया जाएगा।

अयोध्या राम मंदिर विवादः जानिए इस विवाद का इतिहास, कब -क्या और कैसे

अयोध्या में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर जारी विवाद पर कोई फैसला नहीं हुआ है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। इसे लेकर अदालत ने कहा है कि दोनो ही पक्ष कोर्ट के बाहर इस मुद्दे का आपसी सहमति से हल निकालें और ऐसा नहीं होता है तो वो इसमें मध्यस्थता करेगी। इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे का कुछ ऐसा है इतिहास

- 1528 में बाबर ने सीकरी के राजा को हराने के बाद इस मस्जिद का निर्माण करवाया था।

किसान की समृद्धि की राह

# Editorial_Tribune

सरकार पिछले दो वर्षों से किसान की आय को दोगुणा करने के वादे कर रही है। परन्तु किसान की हालत में तनिक भी सुधार नहीं दिखता है। सरकार का फार्मूला है कि किसान को सड़क एवं पानी उपलब्ध कराया जाए जिससे उत्पादन में वृद्धि हो। साथ-साथ फसल बीमा तथा सस्ता ऋण उपलब्ध कराकर किसान की उत्पादन लागत को कम किया जाए जिससे उसकी आय में वृद्धि हो। 

Not just input but output prices also matter

प्रदूषण ने लील ली 48 हजार से अधिक जिंदगी

हाल ही में एन्वायरमेंटल साइंस एंड पॉल्यूशन रिसर्च जरनल में आइआइटी मुंबई की एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव तो पड़ ही रहा है, मृत्यु दर में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। यह रिपोर्ट बताती है कि:

देशभर में सरकारी अस्पतालों में 10 फीसदी दवाइयों की गुणवत्ता खराब

खबर के मुताबिक दवाइयों की गुणवत्ता जांचने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय कराए गए सर्वे में देशभर में सरकारी अस्पतालों में 10 फीसदी दवाइयां घटिया किस्म की होती हैं.