Does trickle down theory successful?
अस्सी के दशक में जब आर्थिक ‘ट्रिकल डाउन’ थ्योरी आयी थी और नब्बे के दशक में जब हमारी अर्थव्यवस्था इस सिद्धांत पर चलने लगी, तब तमाम लोगों, संस्थाओं, विचारकों, अर्थशास्त्रियों व समाज के लिए काम करनेवालों ने इसका विरोध किया. उस समय इस विरोध को दरकिनार कर दिया गया… Read More
रेल बजट और आम बजट भारतीय जनमानस के लिए ये वो शब्द हैं जिनका जिक्र हर साल फरवरी माह में आता है और पहले रेल बजट उसके बाद आम बजट पेश करने की परंपरा रही है, लेकिन 92 सालों से लगातार चली आ रही रेलवे बजट की परंपरा अब खत्म हो सकती है।
- रिपोर्टों के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने पांच सदस्यों की समिति बनायी… Read More
लोकसभा ने कारखाना संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों की ओवरटाइम की अवधि को 50 से बढ़ाकर 100 घंटे करने का प्रावधान किया गया है और यह स्वैच्छिक होगा।
- सरकार ने आज कुछ दलों की आपत्तियों के बावजूद लोकसभा में विधेयक पेश किया। कांग्रेस और माकपा ने विधेयक को… Read More
रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, मौजूदा रेपो रेट 6.5 फीसदी है
CRR में कोई बदलाव नहीं, मौजूदा दर 4 फीसदी है.
महंगाई पर फौरी असर निर्भर करेगा कि मानसून की वजह से खाद्य पदार्थों की कीमत घटती है या नहीं.
सातवे वेतन आय़ोग की सिफारिशों पर अमल से घर किराए में बढ़ोतरी के आसार.
2016-17 के दौरान 7.6 फीसदी… Read More
जीएसटी यानी वस्तु एवं सेवा कर (Goods & Services Tax) एक ऐसी दवा का नाम है जो भारत की Tax वाली बीमारी का इलाज एक बार में कर देगी। जानिए क्या है जीएसटी बिल | ये संविधान में 122वां संशोधन है। इसे भारत में Tax सुधारों को लेकर आज़ादी के बाद से अब तक का सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन माना जा रहा… Read More
★ हमें एक और बात पर गौर करना चाहिए कि ट्रैफिक जाम में सिर्फ समय की ही बर्बादी नहीं होती है, बल्कि ट्रैफिक जाम के फ्रस्टरेशन से लोगों को गुस्सा आता है, जिसके बाद रोडरेज की घटनाएं बढ़ती हैं। ट्रैफिक जाम से लोगों का मूड और सेहत दोनों खराब होते हैं। बहुत सारे लोग ये नहीं जानते होंगे, कि ट्रैफिक जाम की… Read More
★ वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) बिल राज्यसभा में पेश कर दिया गया। अगर सब ठीक रहा तो उम्मीद है कि अगले साल यानी 2017 मे एक अप्रैल से जीएसटी लागू हो जाएगा। लेकिन जीएसटी को लेकर आम लोगों में चर्चा है कि इससे महंगाई कम होगी।
★पूरे देश में किसी वस्तु की कीमत एक समान होगी। बहुत सारे टैक्सों की जगह एक ही… Read More
हजारों इन्वेस्टर्स, कंपनियों और एमएमटीसी और पीईसी जैसी पीएसयू ने ऊंचे रिटर्न वाले एक कॉम्प्लेक्स फाइनैंशल प्रॉडक्ट में इन्वेस्ट किया। उनका पैसा इसमें फंस गया है। इस प्रॉडक्ट को ब्रोकर पिछले कुछ वर्षों से इन्वेस्टर्स को बेच रहे थे।
=>क्या थी डील?
★इन्वेस्टर्स वेयरहाउस में रखी गई कस्टर सीड, ऊन… Read More
देश में किसानों की दयनीय हालत किसी से छिपी नहीं है और अब इसकी तसदीक राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय के आंकड़ों से भी हो गई है।
- सर्वेक्षण के मुताबिक किसानों की मासिक आय 6,426 रुपये आंकी गई है, जबकि प्रत्येक किसान औसतन 47,000 रुपये का कर्जदार है।
★इनमें भी कृषि प्रधान बिहार की स्थिति और भी… Read More
क्या मेक इन इंडिया देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में मैन्यूफैक्चरिंग की हिस्सेदारी को पांच साल में 25 फीसद तक ले जाने में सफल होगी? पिछले एक साल में जो 700 से अधिक प्रस्ताव आ चुके हैं क्या वे जमीन पर दिखेंगे?
इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को दो साल पूरे होने को हैं, इसलिए सवाल लाजिमी है।
★ फिलहाल… Read More
